{"_id":"5bdb646fbdec2269a92b683f","slug":"21541104751-mohali-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्राइम व कंट्टरपंथी देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
क्राइम व कंट्टरपंथी देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा
Updated Fri, 02 Nov 2018 02:09 AM IST
विज्ञापन
सब हेड....
केपीएस गिल मेमोरियल लेक्चर में जम्मू-कश्मीर के पूर्व गवर्नर एनएस वोहरा बोले
क्रासर...
- आतंक फैलाने के लिए अब प्रयोग हो रहा है साइबर स्पेस
- साइबर अपराध देश की सुरक्षा के लिए नई गैर सैन्य चुनौती
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। साइबर अपराध, गाय को बचाने के नाम पर लोगों को मारने वाले कट्टरपंथी और वामपंथी कट्टरवादी इस समय देश की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं। यह बात वीरवार को इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस में पंजाब पुलिस द्वारा आयोजित केपीएस गिल मेमोरियल लेक्चर में जम्मू-कश्मीर के पूर्व गवर्नर एनएस वोहरा ने कही। सेमिनार में राज्य के कई नामी नेता, पंजाब पुलिस व यूटी के तमाम सीनियर अधिकारी उपस्थित थे। इस मौके वोहरा ने जहां अपनी बात रखी, वहीं, पुलिस अधिकारियों के सवालों के जवाब भी दिए ।
वोहरा ने कहा कि कट्टरपंथी समूह देश की सुरक्षा से छेड़छाड़ करने व आतंकी गतिविधियों को फैलाने के लिए साइबर स्पेस का प्रयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध देश की सुरक्षा के लिए नई गैर सैन्य चुनौती है। उन्होंने इस बात का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि जब वह जम्मू-कश्मीर के गवर्नर थे, उस समय एक मामला आया था कि आंध्रप्रदेश का एक व्यक्ति इंटरनेट के माध्यम से दो कश्मीरी युवकों के संपर्क में आया। इसके बाद उस व्यक्ति ने उन दोनों को आतंकी बनने के लिए प्रेरित किया था।
पुलिस को मजबूत बनाने के लिए बजट भी बढ़ाना होगा
वोहरा ने कहा कि पूरे देश में पुलिस को मजबूत करने में बजट की समस्या आ रही है। जम्मू-कश्मीर सरकार अपने कुल बजट का 0.01 फीसदी पुलिस पर खर्च करती है। उन्होंने कहा कि पुलिस के कामकाज में राजनीतिक हस्तक्षेप भी अधिक होता है, जिससे भी पुलिस का काम प्रभावित होता है।
विज्ञापन
कश्मीर 1989 से लड़ रहा है प्रॉक्सी वार
इस दौरान उन्होंने कश्मीर में आतंकवाद की समस्या पर बोलते हुए कहा कि पाकिस्तान ने पहले पंजाब में आतंकवाद को बढ़ावा देने की कोशिश की। इसके बाद उसने अपना ध्यान जम्मू-कश्मीर की तरफ केंद्रित कर दिया। 1989 से वह कश्मीर में प्राक्सी वार कर रहा है। उन्होंने कहा कि जम्मू में 2012 के बाद से स्थिति ज्यादा खराब चल रही है। रोजाना इससे निपटने के लिए प्रयास किए जाते हैं, लेकिन यह स्थिति रुकने का नाम नहीं ले रही है।
राज्यों की सलाह पर बने एक राष्ट्रीय सुरक्षा नीति
जम्मू-कश्मीर के पूर्व गवर्नर वोहरा ने इस मौके कहा कि केंद्र की तरफ से राज्यों की सलाह पर एक राष्ट्रीय सुरक्षा नीति बनानी चाहिए। इसके साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी सरकार की तरफ से विशेष नेशनल सुरक्षा प्रशासनिक सेवाओं का गठन भी करना चाहिए।
सेमिनार में यह सवाल भी उठे
एक सवाल के जवाब में डीपीजी पंजाब सुरेश अरोड़ा ने कहा कि पाकिस्तान व अन्य देशों में रहे गुटों की तरफ पंजाब की आतंरिक सुरक्षा को निशाना बनाने की कोशिश की जाती है। पूर्व मंत्री लक्ष्मी कांता चावला ने पुलिस मुलाजिमों के शुरुआती दौर में कम वेतन दिए जाने पर चिंता जताई। पूर्व गृहमंत्री पंजाब ब्रिज भूपिंदर सिंह ने ड्रोनों के खतरे व आतंकवाद के दौरान पंजाब द्वारा केंद्र सरकार से लिए गए कर्जे के बारे में अपनी राय रखी।
विज्ञापन
केपीएस गिल मेमोरियल लेक्चर में जम्मू-कश्मीर के पूर्व गवर्नर एनएस वोहरा बोले
क्रासर...
- आतंक फैलाने के लिए अब प्रयोग हो रहा है साइबर स्पेस
- साइबर अपराध देश की सुरक्षा के लिए नई गैर सैन्य चुनौती
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। साइबर अपराध, गाय को बचाने के नाम पर लोगों को मारने वाले कट्टरपंथी और वामपंथी कट्टरवादी इस समय देश की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं। यह बात वीरवार को इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस में पंजाब पुलिस द्वारा आयोजित केपीएस गिल मेमोरियल लेक्चर में जम्मू-कश्मीर के पूर्व गवर्नर एनएस वोहरा ने कही। सेमिनार में राज्य के कई नामी नेता, पंजाब पुलिस व यूटी के तमाम सीनियर अधिकारी उपस्थित थे। इस मौके वोहरा ने जहां अपनी बात रखी, वहीं, पुलिस अधिकारियों के सवालों के जवाब भी दिए ।
वोहरा ने कहा कि कट्टरपंथी समूह देश की सुरक्षा से छेड़छाड़ करने व आतंकी गतिविधियों को फैलाने के लिए साइबर स्पेस का प्रयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध देश की सुरक्षा के लिए नई गैर सैन्य चुनौती है। उन्होंने इस बात का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि जब वह जम्मू-कश्मीर के गवर्नर थे, उस समय एक मामला आया था कि आंध्रप्रदेश का एक व्यक्ति इंटरनेट के माध्यम से दो कश्मीरी युवकों के संपर्क में आया। इसके बाद उस व्यक्ति ने उन दोनों को आतंकी बनने के लिए प्रेरित किया था।
विज्ञापन
पुलिस को मजबूत बनाने के लिए बजट भी बढ़ाना होगा
वोहरा ने कहा कि पूरे देश में पुलिस को मजबूत करने में बजट की समस्या आ रही है। जम्मू-कश्मीर सरकार अपने कुल बजट का 0.01 फीसदी पुलिस पर खर्च करती है। उन्होंने कहा कि पुलिस के कामकाज में राजनीतिक हस्तक्षेप भी अधिक होता है, जिससे भी पुलिस का काम प्रभावित होता है।
विज्ञापन
कश्मीर 1989 से लड़ रहा है प्रॉक्सी वार
इस दौरान उन्होंने कश्मीर में आतंकवाद की समस्या पर बोलते हुए कहा कि पाकिस्तान ने पहले पंजाब में आतंकवाद को बढ़ावा देने की कोशिश की। इसके बाद उसने अपना ध्यान जम्मू-कश्मीर की तरफ केंद्रित कर दिया। 1989 से वह कश्मीर में प्राक्सी वार कर रहा है। उन्होंने कहा कि जम्मू में 2012 के बाद से स्थिति ज्यादा खराब चल रही है। रोजाना इससे निपटने के लिए प्रयास किए जाते हैं, लेकिन यह स्थिति रुकने का नाम नहीं ले रही है।
राज्यों की सलाह पर बने एक राष्ट्रीय सुरक्षा नीति
जम्मू-कश्मीर के पूर्व गवर्नर वोहरा ने इस मौके कहा कि केंद्र की तरफ से राज्यों की सलाह पर एक राष्ट्रीय सुरक्षा नीति बनानी चाहिए। इसके साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी सरकार की तरफ से विशेष नेशनल सुरक्षा प्रशासनिक सेवाओं का गठन भी करना चाहिए।
सेमिनार में यह सवाल भी उठे
एक सवाल के जवाब में डीपीजी पंजाब सुरेश अरोड़ा ने कहा कि पाकिस्तान व अन्य देशों में रहे गुटों की तरफ पंजाब की आतंरिक सुरक्षा को निशाना बनाने की कोशिश की जाती है। पूर्व मंत्री लक्ष्मी कांता चावला ने पुलिस मुलाजिमों के शुरुआती दौर में कम वेतन दिए जाने पर चिंता जताई। पूर्व गृहमंत्री पंजाब ब्रिज भूपिंदर सिंह ने ड्रोनों के खतरे व आतंकवाद के दौरान पंजाब द्वारा केंद्र सरकार से लिए गए कर्जे के बारे में अपनी राय रखी।