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सड़क दुर्घटनां में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत। मनसा देवी मंदिर पंचकुला के दर्शन करने जा रहे थे चारों सदस्य। ढाबे पर सड़क
Updated Sat, 31 Mar 2018 01:48 AM IST
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सड़क हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत
मनसा देवी मंदिर पंचकूला दर्शन करने जा रहे थे चारों
कार से टक्कर लगने के बाद 100 मीटर दूर जाकर गिरा परिवार
अमर उजाला ब्यूरो
बनूड़/लांडरां।
बाबा बंदा सिंह बहादुर मार्ग स्थित गांव तेपला के नजदीक कार और मोटरसाइकिल में टक्कर हो गई, इस हादसे में बाइक पर सवार एक ही परिवार के दो बच्चों समेत चार सदस्यों की मौत हो गई। गांव सोगलपुर घनौर का रहने वाला यह परिवार माता मनसा देवी पंचकूला दर्शन करने जा रहा था। परिवार में अब सिर्फ आठ साल की लड़की बची है, जो दादा-दादी के पास रुक गई थी।
जानकारी के अनुसार, दविंद्र कुमार (30) पुत्र जसपाल कुमार अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ मोटरसाइकिल से मनसा देवी मंदिर पंचकूला दर्शन करने जा रहा था। सुबह करीब 11 बजे जब वह गांव तेपला के नजदीक पहुंचे तो बनूड़ की तरफ से आ रही कार ने बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मोटरसाइकिल सवार पति-पत्नी बच्चों समेत हवा में उड़ते हुए करीब 100 मीटर दूर जाकर गिरे। इस हादसे में बाइक सवार दविंद्र कुमार (30), पत्नी शिवानी (28) और आठ महीने के बेटे सुमित शर्मा की मौके पर ही मृत्यु हो गई। जबकि उनकी पांच साल की बेटी साक्षी गंभीर जख्मी हो गई। उसे बनूड़ के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, वहां पर डाक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे चंडीगढ़ के सेक्टर-32 के जनरल अस्पताल में रेफर कर दिया। वहां पहुंचकर साक्षी की भी मौत हो गई। अब परिवार में सिर्फ एक आठ वर्षीय लड़की बची है, जो माता-पिता के साथ नहीं गई और दादा-दादी के पास घर पर ही रूक गई। खून से लथपथ शवों को राजपुरा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। दविंद्र कुमार के माता-पिता ने कहा की उनका बेटा मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करता था।
घटना स्थल पर पहुंचे एएसआई बूटा सिंह ने बताया कि मृतकों के शव राजपुरा के एपी जैन अस्पताल और लड़की का चंडीगढ़ के सेक्टर-32 के जनरल अस्पताल में पोस्टमार्टम कराकर शव वारिसों को सौंप दिए जाएंगे। कार चालक के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। सड़क हादसे में दविंद्र, उसकी पत्नी और बच्चों की मौत का समाचार सुनकर पूरे गांव में मातम छा गया। पांच सदस्यों के परिवार में सिर्फ एक लड़की ही बची है।
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ढाबों पर सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण होती हैं दुर्घटनाएं
घटनास्थल पर उपस्थित लोगों का कहना था कि ढाबे के आगे खड़े रहने वाले वाहनों के कारण दुर्घटनाएं होती हैं। प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। उनका कहना है कि शुक्रवार को हुआ हादसा भी इसके कारण ही हुई। उन्होंने कहा कि लांडरा से लेकर शंभू बैरियर तक खुले ढाबे के आगे हर समय बड़ी संख्या में सड़क पर वाहन खड़े रहते हैं। इस कारण वाहन चालक को आगे से आ रहा वाहन दिखाई नहीं देता और वह हादसे का शिकार हो जाता है। लोगों ने ढाबों के आगे खड़े वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कैप्शन- मृतक दविंद्र कुमार, पत्नी शिवानी व पुत्र सुमित शर्मा। (फाइल फोटो)
साक्षी (फाइल फोटो)।
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मनसा देवी मंदिर पंचकूला दर्शन करने जा रहे थे चारों
कार से टक्कर लगने के बाद 100 मीटर दूर जाकर गिरा परिवार
अमर उजाला ब्यूरो
बनूड़/लांडरां।
बाबा बंदा सिंह बहादुर मार्ग स्थित गांव तेपला के नजदीक कार और मोटरसाइकिल में टक्कर हो गई, इस हादसे में बाइक पर सवार एक ही परिवार के दो बच्चों समेत चार सदस्यों की मौत हो गई। गांव सोगलपुर घनौर का रहने वाला यह परिवार माता मनसा देवी पंचकूला दर्शन करने जा रहा था। परिवार में अब सिर्फ आठ साल की लड़की बची है, जो दादा-दादी के पास रुक गई थी।
जानकारी के अनुसार, दविंद्र कुमार (30) पुत्र जसपाल कुमार अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ मोटरसाइकिल से मनसा देवी मंदिर पंचकूला दर्शन करने जा रहा था। सुबह करीब 11 बजे जब वह गांव तेपला के नजदीक पहुंचे तो बनूड़ की तरफ से आ रही कार ने बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मोटरसाइकिल सवार पति-पत्नी बच्चों समेत हवा में उड़ते हुए करीब 100 मीटर दूर जाकर गिरे। इस हादसे में बाइक सवार दविंद्र कुमार (30), पत्नी शिवानी (28) और आठ महीने के बेटे सुमित शर्मा की मौके पर ही मृत्यु हो गई। जबकि उनकी पांच साल की बेटी साक्षी गंभीर जख्मी हो गई। उसे बनूड़ के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, वहां पर डाक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे चंडीगढ़ के सेक्टर-32 के जनरल अस्पताल में रेफर कर दिया। वहां पहुंचकर साक्षी की भी मौत हो गई। अब परिवार में सिर्फ एक आठ वर्षीय लड़की बची है, जो माता-पिता के साथ नहीं गई और दादा-दादी के पास घर पर ही रूक गई। खून से लथपथ शवों को राजपुरा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। दविंद्र कुमार के माता-पिता ने कहा की उनका बेटा मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करता था।
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घटना स्थल पर पहुंचे एएसआई बूटा सिंह ने बताया कि मृतकों के शव राजपुरा के एपी जैन अस्पताल और लड़की का चंडीगढ़ के सेक्टर-32 के जनरल अस्पताल में पोस्टमार्टम कराकर शव वारिसों को सौंप दिए जाएंगे। कार चालक के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। सड़क हादसे में दविंद्र, उसकी पत्नी और बच्चों की मौत का समाचार सुनकर पूरे गांव में मातम छा गया। पांच सदस्यों के परिवार में सिर्फ एक लड़की ही बची है।
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ढाबों पर सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण होती हैं दुर्घटनाएं
घटनास्थल पर उपस्थित लोगों का कहना था कि ढाबे के आगे खड़े रहने वाले वाहनों के कारण दुर्घटनाएं होती हैं। प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। उनका कहना है कि शुक्रवार को हुआ हादसा भी इसके कारण ही हुई। उन्होंने कहा कि लांडरा से लेकर शंभू बैरियर तक खुले ढाबे के आगे हर समय बड़ी संख्या में सड़क पर वाहन खड़े रहते हैं। इस कारण वाहन चालक को आगे से आ रहा वाहन दिखाई नहीं देता और वह हादसे का शिकार हो जाता है। लोगों ने ढाबों के आगे खड़े वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कैप्शन- मृतक दविंद्र कुमार, पत्नी शिवानी व पुत्र सुमित शर्मा। (फाइल फोटो)
साक्षी (फाइल फोटो)।