फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   100 acres land dig by mining mafia

खनन माफिया की भेंट चढ़ा 100 एकड़ वन

Wed, 20 Nov 2019 02:12 AM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Wed, 20 Nov 2019 02:12 AM IST
विज्ञापन
100 acres land dig by mining mafia
जीरकपुर। इलाके में खनन माफिया जोर-शोर से खनन कर रहा है। वहीं इन पर विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाई पर सवाल उठना शुरू हो गए हैं। असल में सोमवार को यहां पहुंचे अधिकारी यह साबित करने में जुटे थे कि यहां माइनिंग हाल फिलहाल के दिनों में नहीं बल्कि बहुत पहले कभी हुई होगी।
विज्ञापन

जानकारों के मुताबिक सरकार के पास सैटेलाइट इमेज से पल-पल की जानकारी है लेकिन सत्ता पक्ष के आकाओं की शह पर चल रहे माइनिंग के खेल में अधिकारियों के हाथ न चाह कर भी बंधे हुए हैं। घग्घर नदी क्षेत्र में मिट्टी और रेत का अवैध खनन अब पर्यावरण का दुश्मन बनता जा रहा है। क्षेत्र में निर्माण के चलते मिट्टी और रेत की बढ़ती जरूरत को पूरा करने के चक्कर में अब वन क्षेत्र व उससे सटी भूमि को खोदकर खोखला किया जा रहा है।
विज्ञापन

माइनिंग की स्थिति यह है कि खनन माफिया ने वन भूमि को भी नहीं छोड़ा है। कुछ महीनों में घग्घर नदी के नजदीक छतबीड़ चिड़ियाघर के पीछे माफिया ने करीब 100 एकड़ वन और सरकारी जमीन को खोद दिया। यही नहीं खनन की राह में अवरोध पैदा कर रहे 50 से ज्यादा टाहली और दूसरे वृक्षों को भी काट दिया। सुबह से शाम तक इस जमीन से खोदी जा रही रेत और मिट्टी से भरे बड़े टिप्पर दौड़ते रहते हैं लेकिन इसकी खबर राजस्व और वन अमले को नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वैध मंजूरी की आड़ में उठा रहे फायदा
छतबीड़ चिड़ियाघर के पीछे रामपुरा घाट में राजस्व भूमि से तय स्थान और निर्धारित मात्रा में रेत खनन की मंजूरी है। वहीं अब वैध खनन की आड़ में अतिरिक्त क्षेत्र को खोदकर बेचने का काम चल पड़ा है। रेत को खोदकर बेचना खनन के नियमों के खिलाफ है लेकिन अतिरिक्त क्षेत्र से रेत चोरी करके राजस्व और खनिज विभाग दोनों के नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है।

पेड़ों की जगह अब सिर्फ ठूंठ बाकी
रामपुरा घाट के पास छत, रामपुरा, बाकरपुर, इब्राहिमपुर, बोहड़ा-बोहड़ी, जंगिरपुर, झज्जो, बासमा वाले क्षेत्रों में सुबह से शाम तक सैकड़ों ट्रालियां और टिप्पर आते-जाते हैं। इन क्षेत्रों में घग्घर के साथ लगते क्षेत्रों में मिट्टी व रेत खोदी जा चुकी है। अब आसपास के राजस्व और वन विभाग की जमीन पर भी खनन हो रहा है। यही नहीं खुदाई की राह में बाधक बने 50 से अधिक वृक्षों के काटे ठूंठ जगह-जगह नजर आ रहे हैं लेकिन पर्यावरण के लिए चुनौती बन रहे खनन माफिया को रोकने की किसी को परवाह नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed