फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Many Students of Firozpur stuck in Ukraine due to war with Russia

दहशत: यूक्रेन में फंसे फिरोजपुर के बच्चों ने परिजनों से लगाई गुहार...लगता है अब घर वापसी नहीं होगी

Fri, 04 Mar 2022 03:47 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजपुर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजपुर (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 04 Mar 2022 03:47 PM IST
सार

छात्रा सौम्या के परिजनों का कहना है कि पिछले साल ही उनकी बेटी खारकीव में एमबीबीएस की पढ़ाई करने गई थी। इस समय उसने हॉस्टल के बेसमेंट में पनाह ली हुई है।

विज्ञापन
Many Students of Firozpur stuck in Ukraine due to war with Russia
यूक्रेन में फंसे फिरोजपुर के कई बच्चे। - फोटो : प्रतीकात्मक

विस्तार

यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई करने गए जिला फिरोजपुर के दस विद्यार्थियों का अपने परिजनों से कहना है कि अब लगता है घर वापसी नहीं होगी। क्योंकि यूक्रेन में रूस की सेना विद्यार्थियों से पासपोर्ट लेकर फाड़ने और उन्हें मारने पर तुली है। 

विज्ञापन


छात्रा सौम्या के परिजनों का कहना है कि पिछले साल ही उनकी बेटी खारकीव में एमबीबीएस की पढ़ाई करने गई थी। इस समय उसने हॉस्टल के बेसमेंट में पनाह ली हुई है। बेटी ने कॉल कर बताया कि उनका खारकीव से किसी भी देश के बॉर्डर तक पहुंचना मुश्किल है, क्योंकि रूसी सेना ने सभी पुल ध्वस्त कर दिए हैं। जो छात्र बेसमेंट से बाहर निकलता है रूसी सैनिक उनका पासपोर्ट लेकर फाड़ रहे हैं, उनके साथ मारपीट भी कर रहे हैं। 
विज्ञापन


यूक्रेन में फंसे विद्यार्थियों का कहना है कि अब लगता है कि घर वापसी नहीं होगी। कॉल कर अपने परिजनों से उन्हें वहां से निकालने की बात कह रहे हैं, बच्चों का कहना है कि किसी भी नेता या केंद्र सरकार से गुहार लगाकर उन्हें खारकीव से निकलवाए। बच्चों को बिलखता हुआ देख मां-बाप भी रो रहे हैं। फिरोजपुर की सौम्या, साक्षी, रुचिका शर्मा, सोनिया, प्रकृति खारकीव में फंसी हैं। वहीं भटिया वाली बस्ती निवासी लुकस भट्टी, जीरा निवासी लवप्रीत सिंह, ममदोट के गांव हजारा सिंह वाला निवासी गुरविंदर सिंह समेत कई अन्य छात्र भी यूक्रेन से नहीं लौटे हैं। ये सभी बेसमेंट और बंकरों में पनाह लिए हुए हैं और इन्हें खाने पीने की वस्तुएं तक नहीं मिल रही है। पानी भी नहीं मिल रहा है। जिस जगह ये बैठे हैं वहां से बॉर्डर भी दूर है। रूसी सेना ने पुल व सड़कें ध्वस्त कर दी हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed