फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Ludhiana News ›   verbal, abuse, girls, should, offence

समोसा महंगा होने पर बोलते हैं, गालियों पर चुप्पी क्यों

Thu, 05 Nov 2015 09:15 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/लुधियाना
ब्यूरो, अमर उजाला/लुधियाना Updated Thu, 05 Nov 2015 09:15 PM IST
विज्ञापन
verbal, abuse, girls, should, offence
पूर्व सेहत मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेत्री प्रो. लक्ष्मीकांता चावला ने लड़कियों को अन्याय के प्रति रिएक्ट करने की सलाह दी है। प्रो. चावला वीरवार को गुरु नानक देव भवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की प्रदेश स्तरीय छात्रा सम्मेलन में हिस्सा लेने लुधियाना आई थीं।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि अपशब्द प्रदूषण के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। समाज को बदल कर सही दिशा में ले जाना होगा। उन्होंने उदाहरण दिया कि यदि कैंटीन में समोसा दो रुपये महंगा हो जाए तो मुर्दाबाद के नारे लगाए जाते हैं, लेकिन हर गली, चौराहे, नुक्कड़ यहां तक कि घरों में मां, बहन की गालियां दी जाती हैं, नेताओं से लेकर आम आदमी तक सभी अपशब्द बोलते हैं, लेकिन कोई रिएक्ट नहीं करता। विज्ञापनों में लड़कियों को कम कपड़े पहना कर पेश किया जाता है, कोई रिएक्ट नहीं करता। जबकि जाति के नाम पर कुछ बोल दो तो बवाल तक खड़ा हो जाता है। प्रो. चावला बोली कि महिलाओं का सम्मान नहीं हो रहा, इसके लिए सिस्टम और राजनेता जिम्मेदार हैं।
विज्ञापन


कुछ लोग शांति बर्दाश्त नहीं कर सकते
प्रो. चावला ने कहा कि पंजाब में आज जो कुछ भी हो रहा है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। यह बदकिस्मती है कि कुछ लोग शांति बर्दाश्त नहीं कर सकते, ऐसे लोग पंजाब के दुश्मन हैं। कुछ ताकतें पंजाब के लोगों को लड़ाने का प्रयास कर रही हैं, इनसे सतर्क रहने की जरूरत है। शांति भंग करने के पीछे की ताकतों को शीघ्र ही बेनकाब करना जरूरी है। देरी से उलझनें बढ़ सकती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रो. चावला बोलीं कि बेकसूर को पकड़कर तंग करना ठीक नहीं है। कसूरवारों को कतई बख्शा न जाए। मौजूदा सिस्टम में हर जगह पर राजनीति और राजनेता हावी हो गए हैं। ऐसे में जब तक राजनेता नहीं चाहेंगे सिस्टम को बदलना मुश्किल है। सुधार एक्शन लेने से होगा, भाषण देने से नहीं। इस अवसर पर कई लोग मौजूद रहे।
‘पहले ऐसा रिएक्शन नहीं देखा’
देश में साहित्यकारों के इस्तीफे देने पर प्रो. चावला ने कहा कि पहले भी कई तरह की दिल दहला देने वाली घटनाएं हुई हैं, तब ऐसा रिएक्शन नहीं देखा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed