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स्टील के बढ़ते दामों के खिलाफ कारोबारियों ने कीर्तन कर केंद्र सरकार पर निकाली भड़ास
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लुधियाना। स्टील और कच्चे माल की बढ़ती कीमतों को लेकर कारोबारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। स्टील के दामों को लेकर रविवार को कारोबारियों ने कुछ अनोखे अंदाज में अपना विरोध जताया। केंद्र सरकार को जगाने के लिए कारोबारियों ने यूनाइटेड साइकिल पार्ट्स मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन दफ्तर के बाहर कीर्तन किया ताकी केंद्र सरकार कारोबारियों की सुध ले सके। कारोबारियों का साफ कहना है कि अगर सरकार ने स्टील के दाम पर नियंत्रण नहीं किया तो पंजाब में कारोबारी तबाह हो जाएंगे। इस तरह से स्टील के दाम दोगुना हो चुके हैं, ऐसे में उन्हें अपना ऑर्डर का भुगतना करना भारी पड़ रहा है, इसलिए सरकार को तुरंत स्टील अथॉरिटी का गठन कर राहत देनी चाहिए।
कारोबारी गुरमीत कुलार बताते हैं कि छह माह के दौरान स्टील के दाम लगभग पचास रुपये प्रति किलो बढ़ चुके हैं। छह माह पहले स्टील का रेट 35 रुपये किलो था जो अब 85 रुपये तक पहुंच चुका है। स्टील के दाम हर रोज बढ़ रहे हैं। कारोबारियों की सबसे बड़ी समस्या है, अगर उन्होंने किसी उत्पाद को तैयार करने का ऑर्डर आज के रेट के हिसाब से लिया है, वहीं 10 दिन बाद स्टील का रेट बढ़ जाता है। इससे उनकी इनपुट कास्ट बढ़ जाती है। ऐसे में उन्हें ऑर्डर का भुगतना करना मुश्किल पड़ जाता है। इतनी बड़ी समस्या को लेकर उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि वह किसके पास अपनी फरियाद लेकर जाएं। इस वजह से वे स्टील अथॉरिटी के गठन की मांग कर रहे हैं, ताकी वे किसी के आगे अपनी समस्या को रख सकें।
चरणजीत सिंह विश्वकर्मा ने बताया कि लगातार स्टील के दाम में इजाफा होने के चलते कारोबारियों के ऑर्डर रद्द हो रहे हैं। पहले कोरोना महामारी में नुकसान उठाना पड़ा है, अब स्टील के दाम उनकी आर्थिक हालत को लगातार कमजोर कर रहे हैं। कारोबारियों की कैपिटल राशि लगातार ब्लाक होती जा रही है।
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कारोबारी गुरमीत कुलार बताते हैं कि छह माह के दौरान स्टील के दाम लगभग पचास रुपये प्रति किलो बढ़ चुके हैं। छह माह पहले स्टील का रेट 35 रुपये किलो था जो अब 85 रुपये तक पहुंच चुका है। स्टील के दाम हर रोज बढ़ रहे हैं। कारोबारियों की सबसे बड़ी समस्या है, अगर उन्होंने किसी उत्पाद को तैयार करने का ऑर्डर आज के रेट के हिसाब से लिया है, वहीं 10 दिन बाद स्टील का रेट बढ़ जाता है। इससे उनकी इनपुट कास्ट बढ़ जाती है। ऐसे में उन्हें ऑर्डर का भुगतना करना मुश्किल पड़ जाता है। इतनी बड़ी समस्या को लेकर उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि वह किसके पास अपनी फरियाद लेकर जाएं। इस वजह से वे स्टील अथॉरिटी के गठन की मांग कर रहे हैं, ताकी वे किसी के आगे अपनी समस्या को रख सकें।
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चरणजीत सिंह विश्वकर्मा ने बताया कि लगातार स्टील के दाम में इजाफा होने के चलते कारोबारियों के ऑर्डर रद्द हो रहे हैं। पहले कोरोना महामारी में नुकसान उठाना पड़ा है, अब स्टील के दाम उनकी आर्थिक हालत को लगातार कमजोर कर रहे हैं। कारोबारियों की कैपिटल राशि लगातार ब्लाक होती जा रही है।
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