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थर्मल कर्मियों ने सरकार, वित्तमंत्री का पुतला फूंका
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बठिंडा में थर्मल के गेट पर वित्त मंत्री और सरकार का पुतला फूंकते मुलाजिम।
- फोटो : BATHINDA
थर्मल प्लांट इंप्लाइज फेडरेशन के बैनर तले मुलाजिमों ने थर्मल प्लांट की जमीन को पुडा के हवाले करने के विरोध में शुक्रवार को रोष प्रदर्शन किया। साथ ही प्रदेश सरकार एवं वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल का पुतला फूंक कर रोष जताया।
फेडरेशन के अध्यक्ष गुरसेवक सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा गुरु नानक देव थर्मल प्लांट को जनवरी 2018 में गलत तरीके से बंद किया गया। प्लांट 1764 एकड़ जमीन 22 जून को कैबिनेट की बैठक में पुडा को देने की मंजूरी देकर सरकार ने साथ धोखा किया है। पूरे प्रकरण के लिए प्रदर्शनकारियों ने वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल को जिम्मेदार ठहराया। फेडरेशन अध्यक्ष ने कहा थर्मल प्लांट को बंद करने संबंधी हुए निर्णय को लेकर सरकार ने तीन मंत्रियों की कमेटी बनाई थी, जिसमें मनप्रीत बादल शामिल थे और उन्होंने ही थर्मल बंद करने को सबसे पहलें प्रस्ताव रखा था। कमेटी में शामिल मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी थर्मल प्लांट को बंद करने के हक में नहीं थे।
फेडरेशन के अध्यक्ष ने बताया कि पावरकाम मनैजमेंट ने थर्मल के यूनिट नंबर चार को कनवर्ट कर पराली से चलाने का प्रस्ताव मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के पास भेजा गया था, वहां पर भी मनप्रीत सिंह बादल ने प्रस्ताव मंजूर नहीं होने दिया। उन्होंने बताया कि अगर यूनिट को चलाया जाता तो दो लाख टन पराली की प्रति वर्ष खपत होती और किसानों को भी प्रति एकड़ दो हजार रुपये पराली बेचने से मिलते। उन्होंने कहा सरकार के इस निर्णय का डटकर विरोध किया जाएगा।
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फेडरेशन के अध्यक्ष गुरसेवक सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा गुरु नानक देव थर्मल प्लांट को जनवरी 2018 में गलत तरीके से बंद किया गया। प्लांट 1764 एकड़ जमीन 22 जून को कैबिनेट की बैठक में पुडा को देने की मंजूरी देकर सरकार ने साथ धोखा किया है। पूरे प्रकरण के लिए प्रदर्शनकारियों ने वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल को जिम्मेदार ठहराया। फेडरेशन अध्यक्ष ने कहा थर्मल प्लांट को बंद करने संबंधी हुए निर्णय को लेकर सरकार ने तीन मंत्रियों की कमेटी बनाई थी, जिसमें मनप्रीत बादल शामिल थे और उन्होंने ही थर्मल बंद करने को सबसे पहलें प्रस्ताव रखा था। कमेटी में शामिल मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी थर्मल प्लांट को बंद करने के हक में नहीं थे।
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फेडरेशन के अध्यक्ष ने बताया कि पावरकाम मनैजमेंट ने थर्मल के यूनिट नंबर चार को कनवर्ट कर पराली से चलाने का प्रस्ताव मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के पास भेजा गया था, वहां पर भी मनप्रीत सिंह बादल ने प्रस्ताव मंजूर नहीं होने दिया। उन्होंने बताया कि अगर यूनिट को चलाया जाता तो दो लाख टन पराली की प्रति वर्ष खपत होती और किसानों को भी प्रति एकड़ दो हजार रुपये पराली बेचने से मिलते। उन्होंने कहा सरकार के इस निर्णय का डटकर विरोध किया जाएगा।
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