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जमीनों के लिए संघर्ष इसी तरह जारी रहेगा : मृतक महिलाओं के परिवार बोले

Thu, 28 Oct 2021 07:36 PM IST
Punjab Bureau पंजाब ब्‍यूरो
Updated Thu, 28 Oct 2021 07:36 PM IST
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The struggle for the land will continue like this: the families of the deceased women said
मानसा। दिल्ली के टीकरी बॉर्डर पर चल रहे किसानी संघर्ष से वापस लौट रही जिला मानसा की तीन महिला अमरजीत कौर (58) पत्नी र्स्व. हरजीत सिंह, मृतक सुखविंदर कौर (55) विधवा भगवान सिंह व गुरमेल कौर (60) व शिंदर कौर पत्नी भान सिंह को टिप्पर से कुचल देने से मौत हो गई है, गुरमेल कौर पत्नी मेहर सिंह, हरजीत सिंह पत्नी गुरतेज सिंह को पीजीआई रोहतक में भर्ती करवाया गया है। इस घटना को लेकर गांव में मात्म छाया हुआ है। बताया जा रहा है कि उक्त महिलाएं दिल्ली के किसान मोर्चो में महिलाओं के मोर्चा के साथ गई हुई थी। जब वह वापस लौट रही थी वह आटो का इंतजार करते समय टिपर ने उनको कुचल दिया।
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परिवार की देखरेख कर रही थी दोनों महिलाएं
मृतक दो महिलाओं के सिर से पहले ही पति का साया उठ गया था ओर वह परिवार की देखरेख कर रही थी। जिन्होंने जमीन बचाने के लिए किसानी संघर्ष में शमूलियत की। मृतक अमरजीत कौर के घर एक पुत्र व पुत्री है। उसका पुत्र जसविंदर सिंह भारती सेना में 13 मीडियम कोर जालंधर में तैनात है, जो एक हादसे का शिकार होने के बाद अपनी आवाज गवा बैठा है। घर में लड़की लखविंदर कौर की 23 जनवरी 2022 को शादी तय की हुई है। लेकिन अमरजीत कौर की मौत के बाद परिवार पूरी तरह टूट चुका है। मृतक सुखविंदर कौर का एक पुत्र उसके पास सवा एकड़ जमीन है जिस से वह अपना घर का गुजारा चलाती थी। इसी तरह महिला मृतक गुरमेल कौर के घर में भी मातम का माहौल है उसके घर पुत्र व पुत्रियों का बड़ा परिवार है। जख्मी महिलाएं हरजीत कौर व गुरमेल कौर पीजीआई रोहतक में भर्ती करवाया गया है।
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किसान यूनियन ने साजिश की जताई आशंका
भारती किसान यूनियन एकता उगराहां के जिला अध्यक्ष राम सिंह भैणीवाघा, ब्लाक अध्यक्ष साधु सिंह अलीशेर व कैशिंयर भोला सिंह माखा ने बताया कि यह हादसा एक साजिश हो सकता है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि सैंकड़ों किसान इस संघर्ष के दौरान अपनी जान गवा चुके है लेकिन उनका यह संघर्ष इसी तरह जारी रहेगा, जब तक केंद्र सरकार यह कानून वापस नहीं लेती तब तक यह आदोलन वापस लेने वाले नहीं। उन्होंने कहा कि बेशक पंजाब सरकार ने मृतक व जख्मी महिलाओं के लिए सहायता राशी घोषत कर दी है, लेकिन सरकार को किसानों को मजबूत बनाने के लिए नई नीतियां बनाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि मृतक महिलाओं का अंतिम संस्कार 29 अक्तूबर दिन शुक्रवार को किया जाएगा।
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