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Ludhiana News: पंजाब सरकार पर 700 करोड़ रुपये का बकाया, पीआरटीसी की आर्थिक हालत बिगड़ी
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रिंपी गुप्ता
पटियाला। पंजाब सरकार पर महिलाओं के मुफ्त बस सफर का करीब 700 करोड़ रुपये का बकाया हो गया है, जिसके भुगतान में लगातार हो रही देरी से पीआरटीसी (पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन) की आर्थिक हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। आधा महीना गुजरने के बावजूद, पीआरटीसी के नियमित कर्मचारियों को वेतन और पेंशन का भुगतान नहीं किया जा सका है। इससे कर्मचारियों में गहरा आक्रोश बढ़ रहा है।
पीआरटीसी वर्कर्स एक्शन कमेटी ने ऐलान किया है कि सात जनवरी को पटियाला में विशाल रोष प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें सरकार के पुतले फूंके जाएंगे। कमेटी का कहना है कि सरकार और पीआरटीसी प्रबंधन की नाकामी के कारण कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में लगातार देरी हो रही है।
पंजाब की पूर्व सरकार द्वारा महिलाओं के लिए शुरू की गई मुफ्त बस सफर योजना पीआरटीसी के लिए सिरदर्द बन चुकी है। सरकार के पास 700 करोड़ रुपये का बकाया है, जिसे समय पर नहीं दिया जा रहा है। इसके कारण पीआरटीसी का आर्थिक संतुलन चरमरा गया है, और कर्मचारी वेतन-भत्ते के लिए परेशान हैं।
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कर्ज में डूबा पीआरटीसी मुफ्त बस यात्रा योजना का असर पीआरटीसी के रोजमर्रा के खर्चों पर भी पड़ रहा है। प्रतिमाह कर्मचारियों के वेतन और पेंशन पर करीब 25 करोड़ रुपये खर्च होते हैं, लेकिन सरकार समय पर फंड जारी नहीं कर रही है। यही कारण है कि पीआरटीसी ने पिछले चार सालों से अपने बेड़े में कोई नई बसें नहीं खरीदी हैं।
कर्मचारियों का गुस्सा बढ़ा
पीआरटीसी वर्कर्स एक्शन कमेटी के कनवीनर, निर्मल सिंह धालीवाल ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों को सात महीने बाद भी टीए और डीए की नई दरें लागू नहीं की गई हैं। इसके अलावा, 2004 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों को पेंशन का हक होने के बावजूद वे इस सुविधा से वंचित हैं। रिटायर्ड कर्मचारियों के बकाए का भुगतान भी समय पर नहीं हो रहा। धालीवाल ने कहा कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो एक्शन कमेटी 7 जनवरी को बड़ा प्रदर्शन करेगी।
आवश्यक कदम उठाने का आग्रह
पीआरटीसी अधिकारियों का कहना है कि वित्त विभाग से जल्द ही फंड जारी करने की उम्मीद है ताकि कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन का भुगतान हो सके। लेकिन अगर यह बकाया समय पर नहीं चुका, तो विरोध प्रदर्शन और अन्य विकल्पों पर विचार किया जाएगा।
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पटियाला। पंजाब सरकार पर महिलाओं के मुफ्त बस सफर का करीब 700 करोड़ रुपये का बकाया हो गया है, जिसके भुगतान में लगातार हो रही देरी से पीआरटीसी (पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन) की आर्थिक हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। आधा महीना गुजरने के बावजूद, पीआरटीसी के नियमित कर्मचारियों को वेतन और पेंशन का भुगतान नहीं किया जा सका है। इससे कर्मचारियों में गहरा आक्रोश बढ़ रहा है।
पीआरटीसी वर्कर्स एक्शन कमेटी ने ऐलान किया है कि सात जनवरी को पटियाला में विशाल रोष प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें सरकार के पुतले फूंके जाएंगे। कमेटी का कहना है कि सरकार और पीआरटीसी प्रबंधन की नाकामी के कारण कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में लगातार देरी हो रही है।
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पंजाब की पूर्व सरकार द्वारा महिलाओं के लिए शुरू की गई मुफ्त बस सफर योजना पीआरटीसी के लिए सिरदर्द बन चुकी है। सरकार के पास 700 करोड़ रुपये का बकाया है, जिसे समय पर नहीं दिया जा रहा है। इसके कारण पीआरटीसी का आर्थिक संतुलन चरमरा गया है, और कर्मचारी वेतन-भत्ते के लिए परेशान हैं।
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कर्ज में डूबा पीआरटीसी मुफ्त बस यात्रा योजना का असर पीआरटीसी के रोजमर्रा के खर्चों पर भी पड़ रहा है। प्रतिमाह कर्मचारियों के वेतन और पेंशन पर करीब 25 करोड़ रुपये खर्च होते हैं, लेकिन सरकार समय पर फंड जारी नहीं कर रही है। यही कारण है कि पीआरटीसी ने पिछले चार सालों से अपने बेड़े में कोई नई बसें नहीं खरीदी हैं।
कर्मचारियों का गुस्सा बढ़ा
पीआरटीसी वर्कर्स एक्शन कमेटी के कनवीनर, निर्मल सिंह धालीवाल ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों को सात महीने बाद भी टीए और डीए की नई दरें लागू नहीं की गई हैं। इसके अलावा, 2004 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों को पेंशन का हक होने के बावजूद वे इस सुविधा से वंचित हैं। रिटायर्ड कर्मचारियों के बकाए का भुगतान भी समय पर नहीं हो रहा। धालीवाल ने कहा कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो एक्शन कमेटी 7 जनवरी को बड़ा प्रदर्शन करेगी।
आवश्यक कदम उठाने का आग्रह
पीआरटीसी अधिकारियों का कहना है कि वित्त विभाग से जल्द ही फंड जारी करने की उम्मीद है ताकि कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन का भुगतान हो सके। लेकिन अगर यह बकाया समय पर नहीं चुका, तो विरोध प्रदर्शन और अन्य विकल्पों पर विचार किया जाएगा।