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Ludhiana News: नहीं सुधरी शहीद करतार सिंह सराभा के स्मारक और पुश्तैनी घर की हालत

Mon, 17 Nov 2025 08:31 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 17 Nov 2025 08:31 PM IST
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The condition of the memorial and ancestral home of Martyr Kartar Singh Sarabha has not improved.
-बरसी पर हुईं नई घोषणाएं लेकिन पुरानी अभी तक अधूरी
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कंवरपाल
हलवारा। शहीद शहीद करतार सिंह सराभा की 110वीं बरसी पर राज्यस्तरीय समागम संपन्न हो गया लेकिन उनके स्मारक और पुश्तैनी घर की हालत में कोई सुधार नहीं हो पाया। मुख्यमंत्री ने सराभा गांव को किसी विकसित शहर की भांति मॉडल ग्राम बनाने और शहीद सराभा के पैतृक घर और स्टेडियम के सामने स्थित भव्य यादगार स्मारक की संभाल पर ग्रांट देने का वादा किया। 1997 में तत्कालीन बादल सरकार ने सराभा के पैतृक गांव को मॉडल ग्राम बनाने का एलान किया था।
हकीकत यह है कि शहीद करतार सिंह सराभा की पुश्तैनी हवेली और ढाई एकड़ पंचायती जमीन पर करोडों रुपये की लागत से बनी यादगार रखरखाव के अभाव में खस्ताहाल हो चुकी है। स्मारक पर बना विशाल क्लॉक टावर भी बदहाल है। नए पत्थर लगाने की जगह पलस्तर या पीओपी से भराव करके रंग पोत दिया गया है। स्मारक क्षेत्र में जंगली घास उगी है।
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सराभा के समाजसेवी बलदेव सिंह देव सराभा ने आरोप लगाया कि शहीद सराभा की पुश्तैनी हवेली के दरवाजे खिड़कियों को दीमक खा चुका है। उसे रंग रोगन करके छिपाया जाता है। हवेली की दूसरी मंजिल का काम अधूरा है जिसे पूरा करना तो दूर वहां रखा कबाड़ भी हटाया नहीं जा रहा। बारिश का पानी हवेली को बर्बाद कर रहा है और दीवारों पर पलस्तर करके इसकी परंपरागत दिखावट को खत्म कर दिया गया है जबकि पुरातत्व विभाग ने इसे उसी पुराने अंदाज में बनाने का बीड़ा उठाया था।
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नहीं लग पाई स्क्रीन करोड़ों की लागत से बने क्लॉक टावर और इमारत भी नक्शे के अनुसार अधूरी है। स्मारक में बड़ी दो बड़ी स्क्रीन लगाकर शहीद सराभा पर आधारित नाटक उनकी जीवन गाथा और आजादी की लड़ाई से संबंधित डॉक्युमेंट्री दिखाए जाने का प्रस्ताव था लेकिन आज तक स्क्रीन नहीं लगी। स्मारक की लाइब्रेरी में शहीद करतार सिंह सराभा के जीवन से संबंधित एक भी किताब नहीं है। खानापूर्ति कर दी गई है।
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