पीएम मोदी से कारोबारियों की अपील, अगर मालगाड़ियां नहीं चलीं तो कारखानों पर लग सकता ताला
बीते 40 दिन से पंजाब में मालगाड़ियों का संचालन ठप होने से कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। आल इंडस्ट्रीज एवं ट्रेड फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष बदीश जिंदल ने प्रधानमंत्री के नाम पत्र भेजकर उनसे मामले में हस्तक्षेप करने को कहा है, ताकी पंजाब में तबाह होने की कगार पर पहुंच चुके कारोबार को बचाया जा सके।
अगर जल्द कोई राहत नहीं मिली तो पंजाब में कारखानों पर ताले लगने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। क्योंकि कारोबारियों का खरबों रुपये का माल गोदामों में पड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे पत्र में बदीश जिंदल ने बताया कि पंजाब एक जमीन से घिरा हुआ राज्य है और अपनी सारी जरूरतों और आयात निर्यात के लिए रेल पर निर्भर है।
पंजाब में 5 लाख से अधिक एमएसएमई हैं, जो 1 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार दे रहे हैं। रेल यातायात रुकने के कारण इन उद्योगों की स्थिति चरमरा गई है। हजारों कंटेनर पोर्ट पर फंसे हुए हैं, खरबों का माल गोदामों में भरा है और आयात-निर्यात के लगभग 80 फीसदी से अधिक आर्डर रद्द हो चुके हैं।
इसी तरह पंजाब में प्रतिमाह विदेश से आनेवाली तीन लाख टन स्क्रैप भी पोर्ट्स पर फंस है। पंजाब का मुख्य उद्योग होजरी और कपड़ा पूरी तरह प्रभावित है और इस उद्योग के लगभग सभी एक्सपोर्ट आर्डर रद्द हो चुके हैं।
कोयला संकट के चलते बिजली कटौती से कारोबार प्रभावित होना शुरू हो गया है। कारोबारियों की मुश्किलों को देखते किसानों ने स्पष्ट और लिखित सहमति दी है कि माल ढुलाई के लिए ट्रेनों को नहीं रोका जाएगा।
बदीश जिंदल ने चेतावनी दी कि अगर जल्द कोई राहत नहीं मिली तो मजबूरन पंजाब के उद्योग केंद्र के किसी विभाग का आदेश नहीं मानेंगे, न जीएसटी जमा करवाएंगे, न ही आयकर। इसके अलावा केंद्र के ईएसआईसी, ईपीएफओ, सीपीसीबी के आदेशों का विरोध करेंगे।