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Ludhiana News: हरिके पत्तन में विदेशी पक्षियों की आमद शुरू, पर्यटकों की संख्या में वृद्धि की संभावना
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लिटल ग्रेक, हैडिडगीज, गड़वाल प्रजातियों के पक्षी। संवादधूप का आनंद लेते विदेशी पक्षी सिट्रीन व
हनमनबीर सिंह
श्री खडूर साहिब। हर साल सर्दी के मौसम में नवंबर माह की शुरुआत के साथ ही अंतर्राष्ट्रीय बर्ड सेंक्चुअरी हरिके पत्तन में विदेशी पक्षियों की आमद शुरू हो जाती है। हालांकि, इस साल ठंड का दौर कम रहने के कारण पक्षियों की आमद चार दिन पहले शुरू हुई। लिटल ग्रेक, हैडिडगीज, गड़वाल, शफ्टरडक, कामनपोर्चड, सिट्रीन वैगटेल और शबलर जैसी प्रजातियों के पक्षियों ने बर्ड सेंक्चुअरी को गुलजार कर दिया है। आने वाले दिनों में जब हजारों की तादाद में विदेशी पक्षी यहां पहुंचेंगे, तो पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा होगा।
हरिके पत्तन बर्ड सेंक्चुअरी 86 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैली हुई है, जो कि जिला तरनतारन, फिरोजपुर और कपूरथला के हिस्सों में स्थित है। यहां आमतौर पर नवंबर माह के दौरान विदेशी पक्षियों की आमद शुरू होती है। पिछले कुछ सालों में अनुमान के अनुसार यहां हर साल 67,000 से 92,000 तक विदेशी पक्षी आते हैं। इस साल हालांकि, ठंड के हल्के मिजाज के कारण पक्षियों की संख्या अपेक्षाकृत कम है, लेकिन दिसंबर 2023 तक करीब 500 और दिसंबर 2024 तक 700 पक्षी यहां पहुंचे हैं।
ई-रिक्शा की व्यवस्था
सर्दी की छुट्टियों में पर्यटक अमृतसर के प्रमुख दर्शनीय स्थलों, जैसे श्री हरिमंदिर साहिब, दुर्ग्याणा मंदिर और अटारी बाघा बार्डर के अलावा हरिके पत्तन बर्ड सेंक्चुअरी भी पहुंचते हैं। पर्यटकों की सुविधा के लिए बर्ड सेंक्चुअरी में ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई है, जिसमें मात्र 20 रुपये की फीस देकर पर्यटक बर्ड सेंक्चुअरी का मनमोहक दृश्य देख सकते हैं। जंगलात विभाग के रेंज अधिकारी कमलजीत सिंह ने बताया कि विदेशी पक्षियों की सुरक्षा के लिए चौकसी बढ़ा दी गई है। शिकारियों पर कड़ी निगरानी रखने के लिए रात्रि गश्त बोट के माध्यम से की जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जनवरी माह में विदेशी पक्षियों की आमद में तेजी से वृद्धि होगी।
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श्री खडूर साहिब। हर साल सर्दी के मौसम में नवंबर माह की शुरुआत के साथ ही अंतर्राष्ट्रीय बर्ड सेंक्चुअरी हरिके पत्तन में विदेशी पक्षियों की आमद शुरू हो जाती है। हालांकि, इस साल ठंड का दौर कम रहने के कारण पक्षियों की आमद चार दिन पहले शुरू हुई। लिटल ग्रेक, हैडिडगीज, गड़वाल, शफ्टरडक, कामनपोर्चड, सिट्रीन वैगटेल और शबलर जैसी प्रजातियों के पक्षियों ने बर्ड सेंक्चुअरी को गुलजार कर दिया है। आने वाले दिनों में जब हजारों की तादाद में विदेशी पक्षी यहां पहुंचेंगे, तो पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा होगा।
हरिके पत्तन बर्ड सेंक्चुअरी 86 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैली हुई है, जो कि जिला तरनतारन, फिरोजपुर और कपूरथला के हिस्सों में स्थित है। यहां आमतौर पर नवंबर माह के दौरान विदेशी पक्षियों की आमद शुरू होती है। पिछले कुछ सालों में अनुमान के अनुसार यहां हर साल 67,000 से 92,000 तक विदेशी पक्षी आते हैं। इस साल हालांकि, ठंड के हल्के मिजाज के कारण पक्षियों की संख्या अपेक्षाकृत कम है, लेकिन दिसंबर 2023 तक करीब 500 और दिसंबर 2024 तक 700 पक्षी यहां पहुंचे हैं।
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ई-रिक्शा की व्यवस्था
सर्दी की छुट्टियों में पर्यटक अमृतसर के प्रमुख दर्शनीय स्थलों, जैसे श्री हरिमंदिर साहिब, दुर्ग्याणा मंदिर और अटारी बाघा बार्डर के अलावा हरिके पत्तन बर्ड सेंक्चुअरी भी पहुंचते हैं। पर्यटकों की सुविधा के लिए बर्ड सेंक्चुअरी में ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई है, जिसमें मात्र 20 रुपये की फीस देकर पर्यटक बर्ड सेंक्चुअरी का मनमोहक दृश्य देख सकते हैं। जंगलात विभाग के रेंज अधिकारी कमलजीत सिंह ने बताया कि विदेशी पक्षियों की सुरक्षा के लिए चौकसी बढ़ा दी गई है। शिकारियों पर कड़ी निगरानी रखने के लिए रात्रि गश्त बोट के माध्यम से की जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जनवरी माह में विदेशी पक्षियों की आमद में तेजी से वृद्धि होगी।
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