{"_id":"570a85d84f1c1bc363c810c8","slug":"teachers-protest-teachers-protest-in-bhatinda-teachers-on-water-tanki-in-bhatinda","type":"story","status":"publish","title_hn":"पक्का न करने पर टंकी पर चढ़े ईजीएस अध्यापक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पक्का न करने पर टंकी पर चढ़े ईजीएस अध्यापक
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा
Updated Sun, 10 Apr 2016 10:27 PM IST
विज्ञापन
बठिंडा में प्रदर्शन करते अध्यापक।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहीद किरनजीत कौर अध्यापक यूनियन ने मांगों के लिए रविवार को शिरोमणि अकाली दल की रैली स्थल के पास स्थानीय बस स्टैंड की पानी की टंकी पर चढ़कर रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में पेट्रोल की बोतलें पकड़ी हुई थी। उन्होंने सरकार खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रविवार सुबह पुलिस प्रशासन उस समय परेशान दिखा, जब साढे़ चार बजे करीब 15 ईजीएस अध्यापक स्थानीय बस स्टैंड पर पानी की टंकी पर चढ़ गए।
हालांकि प्रदर्शनकारियों के इस प्रदर्शन के बारे में पहले से ही पुलिस प्रशासन को पता था। इस वजह से शनिवार शाम से टंकी पर चार पुलिस कर्मी भी तैनात किए गए थे, लेकिन प्रदर्शनकारियों के रोष के आगे पुलिस कर्मियों की एक न चली। वे टंकी पर चढ़कर अपना प्रदर्शन करने लगे।
प्रदर्शनकारियों के इस प्रदर्शन का पता चलते ही थाना प्रभारी मनोज शर्मा, डीएसपी तलवंडी साबो बलविंद्र सिंह भीखी, थाना प्रभारी गुरसेर सिंह रामां भी पहुंच गए। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने उनकी कोई बात नहीं मानी।
विज्ञापन
कमेटी की प्रांतीय सदस्य वीरपाल कौर ने बताया कि उन्होंने बठिंडा में टंकी कांड के दौरान 2014 में उनको 5 हजार रुपये ठेके पर भर्ती की गई थी। उस समय सरकार ने उनके साथ वादा किया था कि उनको दो साल के बाद पक्का कर दिया जाएगा। लेकिन अब सरकार उनके साथ किए वादे से बदल रही है। उन्होंने बताया कि जितना समय उनकी मांगें पूरी नहीं होती उनका संघर्ष जारी रहेगा।
दोपहर के बाद प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को मुख्यमंत्री के साथ 18 अप्रैल को बैठक करवाने का भरोसा दिए जाने के बाद अपना संघर्ष समाप्त किया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर उनका 18 अप्रैल को कोई हल न किया गया तो वे जिले भर में संघर्ष तेज करेंगे। इस दौरान समरजीत मानसा, स्वर्णा देवी बठिंडा, कुलदीप सिंह, गुरतेज टाडियां, प्रितपाल फाजिल्का मुख्य तौर पर शामिल थे।
विज्ञापन
हालांकि प्रदर्शनकारियों के इस प्रदर्शन के बारे में पहले से ही पुलिस प्रशासन को पता था। इस वजह से शनिवार शाम से टंकी पर चार पुलिस कर्मी भी तैनात किए गए थे, लेकिन प्रदर्शनकारियों के रोष के आगे पुलिस कर्मियों की एक न चली। वे टंकी पर चढ़कर अपना प्रदर्शन करने लगे।
विज्ञापन
प्रदर्शनकारियों के इस प्रदर्शन का पता चलते ही थाना प्रभारी मनोज शर्मा, डीएसपी तलवंडी साबो बलविंद्र सिंह भीखी, थाना प्रभारी गुरसेर सिंह रामां भी पहुंच गए। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने उनकी कोई बात नहीं मानी।
विज्ञापन
कमेटी की प्रांतीय सदस्य वीरपाल कौर ने बताया कि उन्होंने बठिंडा में टंकी कांड के दौरान 2014 में उनको 5 हजार रुपये ठेके पर भर्ती की गई थी। उस समय सरकार ने उनके साथ वादा किया था कि उनको दो साल के बाद पक्का कर दिया जाएगा। लेकिन अब सरकार उनके साथ किए वादे से बदल रही है। उन्होंने बताया कि जितना समय उनकी मांगें पूरी नहीं होती उनका संघर्ष जारी रहेगा।
दोपहर के बाद प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को मुख्यमंत्री के साथ 18 अप्रैल को बैठक करवाने का भरोसा दिए जाने के बाद अपना संघर्ष समाप्त किया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर उनका 18 अप्रैल को कोई हल न किया गया तो वे जिले भर में संघर्ष तेज करेंगे। इस दौरान समरजीत मानसा, स्वर्णा देवी बठिंडा, कुलदीप सिंह, गुरतेज टाडियां, प्रितपाल फाजिल्का मुख्य तौर पर शामिल थे।