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कर्ज से परेशान किसान ने जान दी
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा
Updated Tue, 31 May 2016 10:02 PM IST
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आत्महत्या
- फोटो : Getty
गांव कोटशमीर निवासी किसान गुरजंट सिंह ने कर्ज से परेशान होकर ज्यादा मात्रा में नींद की गोलियां निगलकर खुदकुशी कर ली।
1984 में उसने फौज की नौकरी छोड़ दी थी। उसके पास ढाई एकड़ जमीन थी जिस पर वह खेती करता था। पिछले समय में कपास की फसल बरबाद हो जाने के कारण उसके सिर पर सरकारी व गैर सरकारी कर्ज था। वह इससे परेशान था। गांव वालों के अनुसार सोमवार रात उसने सोते समय नींद की गोलियां ज्यादा मात्रा में निगल ली थी। तबीयत बिगड़ने पर उसे निजी अस्पताल में ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया ।
गांव वालों ने प्रदेश सरकार से मांग की कि गुरजंट सिंह के परिवार की आर्थिक सहायता के लिए धार्मिक जत्थेबंदियां आगे आएं। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि सरकार उसका पूरा कर्ज माफ करे और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दे । वहीं बाबा हरदीप सिंह का कहना है कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को भी उनके परिवार की सहायता करनी चाहिए
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1984 में उसने फौज की नौकरी छोड़ दी थी। उसके पास ढाई एकड़ जमीन थी जिस पर वह खेती करता था। पिछले समय में कपास की फसल बरबाद हो जाने के कारण उसके सिर पर सरकारी व गैर सरकारी कर्ज था। वह इससे परेशान था। गांव वालों के अनुसार सोमवार रात उसने सोते समय नींद की गोलियां ज्यादा मात्रा में निगल ली थी। तबीयत बिगड़ने पर उसे निजी अस्पताल में ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया ।
गांव वालों ने प्रदेश सरकार से मांग की कि गुरजंट सिंह के परिवार की आर्थिक सहायता के लिए धार्मिक जत्थेबंदियां आगे आएं। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि सरकार उसका पूरा कर्ज माफ करे और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दे । वहीं बाबा हरदीप सिंह का कहना है कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को भी उनके परिवार की सहायता करनी चाहिए
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