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नाराज परिजन सड़क पर उतरे, मां-भाई की हालत बिगड़ी
ब्यूरो/अमर उजाला, जगरांव (लुधियाना)
Updated Tue, 03 May 2016 09:30 PM IST
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जगरांव पुलिस में सब इंस्पेक्टर के बेटे द्वारा फंदा लगा कर की अत्महत्या के बाद रोष प्रदर्शन करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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जगरांव पुलिस से परेशान होकर सब इंस्पेक्टर के बेटे क्षरा आत्महत्या करने से लोगों में जबरदस्त रोष है। मंगलवार को मृतक के परिजनों और आम लोगों ने दोपहर करीब 12 बजे फिरोजपुर-लुधियाना मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया।
छह घंटे लगे जाम से गर्मी में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। परिवार और लोगों के रोष को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया गया था। धरने के दौरान मृतक की माता की हालत खराब हो गई। वहीं पुलिस अधिकारियों से बातचीत करते हुए भाई भी चक्कर खाकर गिर गया। उसे अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
लोगों ने युवक को परेशान करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। लोगों ने कहा कि कार्रवाई होने तक न तो मृतक का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और न ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। शाम करीब छह बजे डीआईजी एसके कालिया ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना खोल दिया गया।
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जगरांव के करनैल गेट निवासी जोगा सिंह ने सिटी पुलिस से परेशान होकर सोमवार को फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। जोगा की मौत के लिए सिटी थाने की पुलिस को जिम्मेदार ठहराते हुए मृतक के भाई सतनाम सिंह, माता जसबीर कौर और परिवार के सदस्य धरने पर बैठ गए। उनकी हिमायत के लिए कई जत्थेबंदियां भी पहुंच गई और पुलिस के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया।
पीड़ित परिवार के साथ एसएसपी उपिंदरजीत सिंह और अन्य अधिकारियों ने कई बार बात करनी चाही, लेकिन परिवार ने कोई सहमति नहीं दी। परिवार की मांग थी कि आत्महत्या के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए।
यह है मामला
जोगा सिंह के पिता सब इंस्पेक्टर थे और उनकी मौत हो चुकी है। पिछले साल अगस्त में जोगा सिंह तहसील रोड पर जा रहा था। इसी दौरान उसका मोबाइल गिर गया और मोबाइल उठाते समय वहां से गुजर रही दो लड़कियों के साथ उसका विवाद हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने लड़कियों की शिकायत मिले बिना ही उसके बेटे पर पर्चा दर्ज कर लिया और उसे जेल भेज दिया।
जेल से आने के बाद उसके बेटे ने उन लड़कियों से संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि उसके खिलाफ उन्होंने कोई शिकायत नहीं दी थी। लड़कियों ने बाकायदा उसके हक में हल्फिया बयान भी दिया था। वह जोगा पर दर्ज झूठे मामले को खारिज कराने के लिए थाना सिटी से गुजारिश कर रहे थे।
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छह घंटे लगे जाम से गर्मी में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। परिवार और लोगों के रोष को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया गया था। धरने के दौरान मृतक की माता की हालत खराब हो गई। वहीं पुलिस अधिकारियों से बातचीत करते हुए भाई भी चक्कर खाकर गिर गया। उसे अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
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लोगों ने युवक को परेशान करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। लोगों ने कहा कि कार्रवाई होने तक न तो मृतक का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और न ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। शाम करीब छह बजे डीआईजी एसके कालिया ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना खोल दिया गया।
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जगरांव के करनैल गेट निवासी जोगा सिंह ने सिटी पुलिस से परेशान होकर सोमवार को फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। जोगा की मौत के लिए सिटी थाने की पुलिस को जिम्मेदार ठहराते हुए मृतक के भाई सतनाम सिंह, माता जसबीर कौर और परिवार के सदस्य धरने पर बैठ गए। उनकी हिमायत के लिए कई जत्थेबंदियां भी पहुंच गई और पुलिस के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया।
पीड़ित परिवार के साथ एसएसपी उपिंदरजीत सिंह और अन्य अधिकारियों ने कई बार बात करनी चाही, लेकिन परिवार ने कोई सहमति नहीं दी। परिवार की मांग थी कि आत्महत्या के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए।
यह है मामला
जोगा सिंह के पिता सब इंस्पेक्टर थे और उनकी मौत हो चुकी है। पिछले साल अगस्त में जोगा सिंह तहसील रोड पर जा रहा था। इसी दौरान उसका मोबाइल गिर गया और मोबाइल उठाते समय वहां से गुजर रही दो लड़कियों के साथ उसका विवाद हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने लड़कियों की शिकायत मिले बिना ही उसके बेटे पर पर्चा दर्ज कर लिया और उसे जेल भेज दिया।
जेल से आने के बाद उसके बेटे ने उन लड़कियों से संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि उसके खिलाफ उन्होंने कोई शिकायत नहीं दी थी। लड़कियों ने बाकायदा उसके हक में हल्फिया बयान भी दिया था। वह जोगा पर दर्ज झूठे मामले को खारिज कराने के लिए थाना सिटी से गुजारिश कर रहे थे।