लुधियाना (हलवारा)। इस्सेवाल सामूहिक दुष्कर्म मामला अब अंजाम की ओर बढ़ चला है। जिला अदालत की स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट में वीरवार को सीएफएसएल चंडीगढ़ के सीनियर साइंटिफिक अफसर अखिलेश कुमार और जूनियर साइंटिफिक अफसर शिवानी शर्मा की गवाही पर बहस संपन्न हो गई। इससे पहले 3 अगस्त को साइबर सेल मोहाली के इंचार्ज इंस्पेक्टर वेद प्रकाश की गवाही पर बहस हो चुकी है। ये तीनों मुकदमे के अहम गवाह थे। मुकदमे की अगली तारीख 17 अगस्त रखी गई है।
पीड़िता के वकील एडवोकेट हरदयाल इंदर सिंह ग्रेवाल ने बताया कि अब सिर्फ डॉ. इंदरवीर सिंह की गवाही शेष रह गई है। इन्हें अगली तारीख के लिए सम्मन किया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी पक्ष के वकीलों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक और मैटेरियल दस्तावेजों की मांग संबंधी जो याचिका दी गई थी उसे अदालत द्वारा खारिज कर दिया गया है। वे तमाम दस्तावेज पहले ही उन्हें पेन ड्राइव में डालकर दिए जा चुके थे। इनका निरीक्षण भी हो चुका था। एडवोकेट ग्रेवाल ने कहा कि डॉ. इंदरवीर सिंह सिविल अस्पताल सुधार के तत्कालीन मेडिकल अफसर थे। उन्होंने ही सभी आरोपियों की मेडिकल जांच की थी। उनकी गवाही भी बहुत जरूरी है। मुकदमे के मुख्य आरोपी जगरूप सिंह रुपी को हाईकोर्ट द्वारा जमानत मिल जाने के बाद अन्य आरोपी भी जमानत के लिए कोशिश में लगे हैं। आरोपी सादिक अली, सैफ अली, सुरमु, अजय उर्फ ब्रिजनंदन उर्फ लल्लन और एक नाबालिग की जमानत याचिका पर 23 अगस्त को सुनवाई होनी है। पीड़ित पक्ष उस से पहले ही मुकदमे का फैसला चाहता है। एडवोकेट ग्रेवाल को आशंका है कि आरोपी अगर जमानत पर रिहा हुए तो फरार हो सकते हैं क्योंकि उन्हें पता है कि वो सजा से बच नहीं सकते।