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सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड : पूर्व विधानसभा स्पीकर निर्मल काहलों का भतीजा संदीप काहलों काबू
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लुधियाना। पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के तार अब अकाली नेता और पूर्व विधानसभा स्पीकर निर्मल सिंह काहलों के भतीजे संदीप काहलों के साथ जुड़ते नजर आ रहे हैं। कमिश्नरेट पुलिस के सीआईए वन की टीम ने निर्मल सिंह काहलों के भतीजे संदीप काहलों को इस मामले में गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड से दस दिन पहले संदीप काहलों का साथी सतबीर सिंह ही फार्च्यूनर कार में ही तीन गैंगस्टरों को बठिंडा छोड़कर आया था। इसके बाद वहां बलदेव चौधरी ने गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के आदेश पर उन्हें हथियार सप्लाई किए थे। बाद में इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया। जब संदीप सिंह काहलों के साथ तार जुड़े तो वह एक बार अंडरग्राउंड हो गया। बाद में कमिश्नरेट पुलिस की सीआईए टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
सीआईए वन के इंचार्ज इंस्पेक्टर बेअंत जुनेजा ने बताया कि सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में एक फार्च्यूनर कार का पता चला था। इसके बाद जांच की गई तो पता चला कि सतबीर की है, जिसे गिरफ्तार किया गया और उससे हथियार बरामद किया। उसी से पूछताछ में कई अहम सुराग मिले। इसके बाद तार संदीप सिंह काहलों से जुड़े। पुलिस पूछताछ में पता चला कि सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड से दस दिन पहले संदीप काहलों ने ही मनी रइया, मंदीप तूफान और एक अज्ञात गैंगस्टर को छोड़ने के लिए सतबीर को अमृतसर से बठिंडा भेजा था। इसके बाद सतबीर वापस आ गया, दस दिन बाद सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड को अंजाम दिया गया। यह भी बात सामने आई है कि सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के बाद संदीप काहलों ने सतबीर को फोन कर कहा था कि उनके लोगों ने ही सिद्धू मूसेवाला को मौत के घाट उतारा है और वह थोड़ा सतर्क रहे। यह भी बात हुई कि वह उनके जाली पासपोर्ट का इंतजाम करने की कोशिश में है ताकि उन्हें विदेश भेजा जा सके। तार के साथ तार जुड़ते गए और पुलिस ने आरोपी संदीप काहलों को काबू कर लिया।
जग्गू भगवानपुरिया और संदीप काहलों के बीच है पुराना संबंध
इंस्पेक्टर बेअंत जुनेजा ने बताया कि संदीप सिंह काहलों और जग्गू भगवानपुरिया के काफी पुराने संबंध है। गैंगस्टर मनी रइया और मंदीप तूफान दोनों जग्गू भगवानपुरिया के ही पुराने साथी हैं। जग्गू भगवानपुरिया के आदेश के बाद संदीप सिंह काहलों के आदेश पर ही सतबीर तीनों गैंगस्टरों को 19 मई को फार्च्यूनर कार में बठिंडा छोड़ने के लिए गया था। जब सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में संदीप सिंह काहलों का नाम सामने आने लगा तो वह एक बार छिप गया था, मगर बाद में उसे पुलिस ने काबू कर लिया।
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कनाडा से गैंगस्टर गोल्डी बराड़ से आदेश मिलने के बाद बलदेव चौधरी ने किए थे हथियार सप्लाई
इंस्पेक्टर बेअंत जुनेजा ने बताया कि बलदेव चौधरी लॉरेंस बिश्नोई का काफी नजदीकी साथी रहा है। वह कनाडा में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के संपर्क में भी लगातार था। गोल्डी बराड़ ने ही बलदेव चौधरी की ड्यूटी लगाई थी कि वह लुधियाना से बठिंडा तीनों गैंगस्टरों मनी रइया, मंदीप तूफान और उनके एक साथी को हथियार सप्लाई करे। गोल्डी बराड़ से आदेश मिलने के बाद बलदेव चौधरी गाड़ी में बठिंडा गया और तीनों को हथियार सप्लाई करके वापस आया।
सतबीर के गिरफ्तार होने के बाद संदीप की भूमिका आई सामने
पुलिस ने जब बलदेव चौधरी को गिरफ्तार किया तो पता चला कि उसके संपर्क पटियाला के भादसों इलाके में रहने वाले युवक से थे तो उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद जांच की गई तो अजनाला के घोड़ा व्यापारी सतबीर का नाम सामने आया और पता चला कि फार्च्यूनर कार में गैंगस्टरों को बठिंडा भी सतबीर ही छोड़कर आया था। पुलिस ने सतबीर को गिरफ्तार कर लिया। सतबीर से हुई पूछताछ के बाद पता चला कि संदीप सिंह काहलों ने उसे गैंगस्टरों को छोड़ने के लिए बठिंडा भेजा था और बाद में फोन करके भी कहा था कि वह सतर्क रहे। इतना ही नहीं संदीप सिंह काहलों ने ही सतबीर को उसकी सुरक्षा के लिए पिस्तौल दी थी, जिसके बाद पुलिस ने संदीप सिंह काहलों को गिरफ्तार कर लिया।
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सीआईए वन के इंचार्ज इंस्पेक्टर बेअंत जुनेजा ने बताया कि सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में एक फार्च्यूनर कार का पता चला था। इसके बाद जांच की गई तो पता चला कि सतबीर की है, जिसे गिरफ्तार किया गया और उससे हथियार बरामद किया। उसी से पूछताछ में कई अहम सुराग मिले। इसके बाद तार संदीप सिंह काहलों से जुड़े। पुलिस पूछताछ में पता चला कि सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड से दस दिन पहले संदीप काहलों ने ही मनी रइया, मंदीप तूफान और एक अज्ञात गैंगस्टर को छोड़ने के लिए सतबीर को अमृतसर से बठिंडा भेजा था। इसके बाद सतबीर वापस आ गया, दस दिन बाद सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड को अंजाम दिया गया। यह भी बात सामने आई है कि सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के बाद संदीप काहलों ने सतबीर को फोन कर कहा था कि उनके लोगों ने ही सिद्धू मूसेवाला को मौत के घाट उतारा है और वह थोड़ा सतर्क रहे। यह भी बात हुई कि वह उनके जाली पासपोर्ट का इंतजाम करने की कोशिश में है ताकि उन्हें विदेश भेजा जा सके। तार के साथ तार जुड़ते गए और पुलिस ने आरोपी संदीप काहलों को काबू कर लिया।
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जग्गू भगवानपुरिया और संदीप काहलों के बीच है पुराना संबंध
इंस्पेक्टर बेअंत जुनेजा ने बताया कि संदीप सिंह काहलों और जग्गू भगवानपुरिया के काफी पुराने संबंध है। गैंगस्टर मनी रइया और मंदीप तूफान दोनों जग्गू भगवानपुरिया के ही पुराने साथी हैं। जग्गू भगवानपुरिया के आदेश के बाद संदीप सिंह काहलों के आदेश पर ही सतबीर तीनों गैंगस्टरों को 19 मई को फार्च्यूनर कार में बठिंडा छोड़ने के लिए गया था। जब सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में संदीप सिंह काहलों का नाम सामने आने लगा तो वह एक बार छिप गया था, मगर बाद में उसे पुलिस ने काबू कर लिया।
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कनाडा से गैंगस्टर गोल्डी बराड़ से आदेश मिलने के बाद बलदेव चौधरी ने किए थे हथियार सप्लाई
इंस्पेक्टर बेअंत जुनेजा ने बताया कि बलदेव चौधरी लॉरेंस बिश्नोई का काफी नजदीकी साथी रहा है। वह कनाडा में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के संपर्क में भी लगातार था। गोल्डी बराड़ ने ही बलदेव चौधरी की ड्यूटी लगाई थी कि वह लुधियाना से बठिंडा तीनों गैंगस्टरों मनी रइया, मंदीप तूफान और उनके एक साथी को हथियार सप्लाई करे। गोल्डी बराड़ से आदेश मिलने के बाद बलदेव चौधरी गाड़ी में बठिंडा गया और तीनों को हथियार सप्लाई करके वापस आया।
सतबीर के गिरफ्तार होने के बाद संदीप की भूमिका आई सामने
पुलिस ने जब बलदेव चौधरी को गिरफ्तार किया तो पता चला कि उसके संपर्क पटियाला के भादसों इलाके में रहने वाले युवक से थे तो उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद जांच की गई तो अजनाला के घोड़ा व्यापारी सतबीर का नाम सामने आया और पता चला कि फार्च्यूनर कार में गैंगस्टरों को बठिंडा भी सतबीर ही छोड़कर आया था। पुलिस ने सतबीर को गिरफ्तार कर लिया। सतबीर से हुई पूछताछ के बाद पता चला कि संदीप सिंह काहलों ने उसे गैंगस्टरों को छोड़ने के लिए बठिंडा भेजा था और बाद में फोन करके भी कहा था कि वह सतर्क रहे। इतना ही नहीं संदीप सिंह काहलों ने ही सतबीर को उसकी सुरक्षा के लिए पिस्तौल दी थी, जिसके बाद पुलिस ने संदीप सिंह काहलों को गिरफ्तार कर लिया।