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श्राइन बोर्ड ने लुधियाना के सिविल अस्पताल को नहीं दी स्वास्थ्य फिटनेस की मान्यता
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लुधियाना। बाबा अमरनाथ बर्फानी की तीस जून से शुरू होने वाली श्री अमरनाथ जी यात्रा के लिए श्राइन बोर्ड की ओर से लुधियाना के सिविल अस्पताल को स्वास्थ्य फिटनेस की मान्यता नहीं मिली है। श्राइन बोर्ड की ओर से जारी अस्पतालों की लिस्ट में महानगर का न सरकारी सिविल अस्पताल और न प्राइवेट अस्पताल को जगह दी गई है। अस्पताल की ओर से पुरानी लिस्ट के आधार पर ही मेडिकल किए गए। जब श्रद्धालु बैंक में यात्रा परमिट लेने गए तो उन्हें वहां से निराश लौटना पड़ा। जिस कारण यात्रियों में काफी रोष है। बैंक वालों ने सीधा बोल दिया कि श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड की ओर से जारी लिस्ट में लुधियाना का कोई अस्पताल नहीं है। जिस कारण वह सिविल अस्पताल लुधियाना द्वारा जारी किए गए स्वास्थ्य सर्टिफिकेट मान्य नहीं होगे। उन्होंने यात्रियों को यात्रा परमिट देने से साफ मना कर दिया। जिसके बाद हिंदु संगठनों में काफी रोष है।
पुराने हिंदु नेता और शिव भगत अशोक थापर ने अमरनाथ यात्रा के पंजीकरण के लिए अनिवार्य सिविल अस्पताल लुधियाना की ओर से जारी हेल्थ फिट रिपोर्ट पंजाब नेशनल बैंक के साथ अन्य बैंक प्रबंधकों की ओर से स्वीकार नहीं करने की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि बैंक वाले तर्क दे रहे है कि श्राइन बोर्ड की तरफ से अस्पतालों की सूची में लुधियाना का कोई भी अस्पताल नहीं है। अशोक थापर ने कहा कि बोर्ड में बैठे लोग अमरनाथ यात्रा में यात्रियों की संख्या कम करने के लिए इससे पूर्व भी कोई न कोई अड़चन खड़ी कर यात्रा को बाधित करते रहे हैं।
पंजीकरण प्रकिया के लिए आवश्यक स्वास्थ्य फिटनेस रिपोर्ट जारी करने वाले अस्पतालों की सूची में लुधियाना के अस्पताल का नाम शामिल न होना गहरी साजिश का हिस्सा है। क्योंकि लुधियाना से लाखों शिव भक्त हर वर्ष अपने इष्टदेव बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए आस्था के साथ रवाना होते हैं। इसलिए श्राइन बोर्ड ने यात्रियों की संख्या को कम करने के लिए जानबूझ कर साजिश रची है। अपने ही देश की धरती पर बाबा बर्फानी की यात्रा के लिए पंजीकरण को अवैध बताते हुए उन्होने कहा कि केंद्र सरकार पंजीकरण प्रकिया बंद कर केवल आधार कार्ड दिखाकर अमरनाथ यात्रा की अनुमति दें। उन्होंने केंद्र सरकार और श्राइन बोर्ड को चेतावनी देते हुए कहा कि पंजीकरण की प्रक्रिया सरल नही गई तो शहीद सुखदेव मेमोरियल ट्रस्ट शिव भक्तों के साथ तालमेल करके जम्मू में भूख हड़ताल जैसा सख्त कदम उठाने को मजबूर होगा। शिवसेना पंजाब के राष्ट्रीय चेयरमैन राजीव टंडन की अगवाई में भी शिवभगतों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने कहाकि अपने देश में हिंदुओं के ईष्ट भगवान भोलेनाथ के दर्शन करने के लिए इजाजत लेनी पड़े इससे दुख की बात नहीं है। उन्होंने कहा कि श्राइण बोर्ड को चाहिए कि जल्द से जल्द मैन्चेस्टर ऑफ इंडिया कहे जाने वाले लुधियाना के अस्पतालों की सूची को जारी कर यात्रियों को मेडिकल करा वहां जाने की इजाजत दी जाए।
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क्या कहते है सैबलों के अधिकारी
उधर, श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर आर्गेनाइजेशन के महासचिव राजन गुप्ता ने बताया कि अगर ऐसी बात है तो यह यात्रियों के साथ गलत है। पिछले तीन साल से यात्रा बंद थी और इस बार श्रद्धालु जाने की पूरी तैयारी में थे। मगर महानगर जैसे बड़े शहर के अस्पताल को लिस्ट में जगह न देना श्राइण बोर्ड की गलती है। उन्होंने कहा कि वह श्राइन बोर्ड के मुख्य और जम्मू कश्मीर के गवर्नर से मांग करते है कि जल्द लुधियाना के अस्पताल की सूची जारी की जाए। श्रद्धालु पूरी श्रद्धा से वहां जा सके।
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पुराने हिंदु नेता और शिव भगत अशोक थापर ने अमरनाथ यात्रा के पंजीकरण के लिए अनिवार्य सिविल अस्पताल लुधियाना की ओर से जारी हेल्थ फिट रिपोर्ट पंजाब नेशनल बैंक के साथ अन्य बैंक प्रबंधकों की ओर से स्वीकार नहीं करने की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि बैंक वाले तर्क दे रहे है कि श्राइन बोर्ड की तरफ से अस्पतालों की सूची में लुधियाना का कोई भी अस्पताल नहीं है। अशोक थापर ने कहा कि बोर्ड में बैठे लोग अमरनाथ यात्रा में यात्रियों की संख्या कम करने के लिए इससे पूर्व भी कोई न कोई अड़चन खड़ी कर यात्रा को बाधित करते रहे हैं।
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पंजीकरण प्रकिया के लिए आवश्यक स्वास्थ्य फिटनेस रिपोर्ट जारी करने वाले अस्पतालों की सूची में लुधियाना के अस्पताल का नाम शामिल न होना गहरी साजिश का हिस्सा है। क्योंकि लुधियाना से लाखों शिव भक्त हर वर्ष अपने इष्टदेव बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए आस्था के साथ रवाना होते हैं। इसलिए श्राइन बोर्ड ने यात्रियों की संख्या को कम करने के लिए जानबूझ कर साजिश रची है। अपने ही देश की धरती पर बाबा बर्फानी की यात्रा के लिए पंजीकरण को अवैध बताते हुए उन्होने कहा कि केंद्र सरकार पंजीकरण प्रकिया बंद कर केवल आधार कार्ड दिखाकर अमरनाथ यात्रा की अनुमति दें। उन्होंने केंद्र सरकार और श्राइन बोर्ड को चेतावनी देते हुए कहा कि पंजीकरण की प्रक्रिया सरल नही गई तो शहीद सुखदेव मेमोरियल ट्रस्ट शिव भक्तों के साथ तालमेल करके जम्मू में भूख हड़ताल जैसा सख्त कदम उठाने को मजबूर होगा। शिवसेना पंजाब के राष्ट्रीय चेयरमैन राजीव टंडन की अगवाई में भी शिवभगतों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने कहाकि अपने देश में हिंदुओं के ईष्ट भगवान भोलेनाथ के दर्शन करने के लिए इजाजत लेनी पड़े इससे दुख की बात नहीं है। उन्होंने कहा कि श्राइण बोर्ड को चाहिए कि जल्द से जल्द मैन्चेस्टर ऑफ इंडिया कहे जाने वाले लुधियाना के अस्पतालों की सूची को जारी कर यात्रियों को मेडिकल करा वहां जाने की इजाजत दी जाए।
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क्या कहते है सैबलों के अधिकारी
उधर, श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर आर्गेनाइजेशन के महासचिव राजन गुप्ता ने बताया कि अगर ऐसी बात है तो यह यात्रियों के साथ गलत है। पिछले तीन साल से यात्रा बंद थी और इस बार श्रद्धालु जाने की पूरी तैयारी में थे। मगर महानगर जैसे बड़े शहर के अस्पताल को लिस्ट में जगह न देना श्राइण बोर्ड की गलती है। उन्होंने कहा कि वह श्राइन बोर्ड के मुख्य और जम्मू कश्मीर के गवर्नर से मांग करते है कि जल्द लुधियाना के अस्पताल की सूची जारी की जाए। श्रद्धालु पूरी श्रद्धा से वहां जा सके।