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औद्योगिक इकाई का शेड गिरा, बीस जख्मी
ब्यूरो, अमर उजाला/लुधियाना
Updated Sat, 12 Dec 2015 10:07 PM IST
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फोकल प्वाइंट के फेज तीन स्थित औद्योगिक इकाई में शनिवार सुबह सीमेंट की शीट से बना शेड गिरने से अफरातफरी मच गई। शेड की चपेट में आकर करीब बीस मजदूर जख्मी हो गए। उनको तुरंत विभिन्न अस्पतालों में भेजा गया। जहां से अधिकतर को मरहम पट्टी के बाद छुट्टी दे दी गई। पांच मरीजों का अस्पताल में अभी इलाज चल रहा है। जानकारी मिलते ही थाना मोती नगर की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच की। घटना से गुस्साए मजदूरों ने इकाई के सामने रोष प्रदर्शन भी किया। मजदूर इस मामले की बारीकी से जांच की मांग कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार फोकल प्वाइंट फेज तीन स्थित गोबिंद इंडस्ट्री के यूनिट दो में साइकिल पार्ट्स बनाने का काम होता है। सुबह दस बजे करीब पचास मजदूर काम कर रहे थे। तभी अचानक शेड से सीमेंट की चादरें गिरने लगी। घबराए मजदूर इधर उधर भागने लगे। फिर भी बीस से अधिक मजदूर इनकी चपेट में आ गए। जानकारी के अनुसार शेड करीब 15 हजार वर्ग फुट आकार का था।
इकाई के संचालक दीपक सोनी और अर्जुन सोनी ने जख्मियों को जमालपुर स्थित कालरा अस्पताल और अन्य अस्पतालों में भिजवाया। जहां से अधिकतर मजदूरों को फर्स्ट एड के बाद छुट्टी दे दी गई।
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इकाई में काम करने वाले मजदूरों का कहना है कि लोहे के फ्रेम पर सीमेंट की चादरें डाल कर शेड बनाया गया था। अचानक सीमेंट की चादरें गिरने से हड़कंप मचा और सभी बाहर की तरफ भागे। इस हादसे के बाद गुस्साए मजदूरों ने रोष प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि यह शेड 2002 में डाला गया था और इसकी बराबर सर्विस भी नहीं कराई जा रही थी। इकाई के संचालक ने साफ किया कि शेड की बराबर जांच कराई जा रही थी। बावजूद इसके हादसा हो गया। अब इंजीनियरों को बुला कर इसकी पड़ताल कराई जाएगी।
थाना मोती नगर प्रभारी रंजीत सिंह और जांच अधिकारी मीत राम का कहना है कि मामले की पड़ताल की जा रही है। सभी जख्मी खतरे से बाहर हैं। अधिकतर मजदूरों को मामूली चोट आई है। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
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जानकारी के अनुसार फोकल प्वाइंट फेज तीन स्थित गोबिंद इंडस्ट्री के यूनिट दो में साइकिल पार्ट्स बनाने का काम होता है। सुबह दस बजे करीब पचास मजदूर काम कर रहे थे। तभी अचानक शेड से सीमेंट की चादरें गिरने लगी। घबराए मजदूर इधर उधर भागने लगे। फिर भी बीस से अधिक मजदूर इनकी चपेट में आ गए। जानकारी के अनुसार शेड करीब 15 हजार वर्ग फुट आकार का था।
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इकाई के संचालक दीपक सोनी और अर्जुन सोनी ने जख्मियों को जमालपुर स्थित कालरा अस्पताल और अन्य अस्पतालों में भिजवाया। जहां से अधिकतर मजदूरों को फर्स्ट एड के बाद छुट्टी दे दी गई।
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इकाई में काम करने वाले मजदूरों का कहना है कि लोहे के फ्रेम पर सीमेंट की चादरें डाल कर शेड बनाया गया था। अचानक सीमेंट की चादरें गिरने से हड़कंप मचा और सभी बाहर की तरफ भागे। इस हादसे के बाद गुस्साए मजदूरों ने रोष प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि यह शेड 2002 में डाला गया था और इसकी बराबर सर्विस भी नहीं कराई जा रही थी। इकाई के संचालक ने साफ किया कि शेड की बराबर जांच कराई जा रही थी। बावजूद इसके हादसा हो गया। अब इंजीनियरों को बुला कर इसकी पड़ताल कराई जाएगी।
थाना मोती नगर प्रभारी रंजीत सिंह और जांच अधिकारी मीत राम का कहना है कि मामले की पड़ताल की जा रही है। सभी जख्मी खतरे से बाहर हैं। अधिकतर मजदूरों को मामूली चोट आई है। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।