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Ludhiana: नौकर ने ही करवाई थी NRI की हत्या, मां को गलत शब्द बोलने से था नाराज, ऐसा हुआ खुलासा

Sat, 22 Jul 2023 04:00 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 22 Jul 2023 04:00 PM IST
सार

आरोपी बल सिंह मूल रुप से मध्यप्रदेश का रहने वाला है। जब वह 12 साल का था तो उसके माता पिता की मौत हो गई थी। वह एनआरआई बनिंदरदीप सिंह के परिवार के साथ ही रहता था। करीब 15 साल से साथ रहने के कारण सभी उसे परिवारिक सदस्य ही बताते थे और परिवार वाले भी उसे अपना बेटा ही बताते थे।

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Serpent Arrested in NRI murder in Ludhiana
लुधियाना में पकड़ा गया आरोपी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।

विस्तार

लुधियाना के गांव ललतों कलां इलाके में कुछ दिन पहले हुई एनआरआई बनिंदरदीप सिंह की हत्या उसी के नौकर ने पैसे देकर कराई थी। इस हत्याकांड के मास्टर माइंड नौकर सहित छह आरोपियों को कमिश्नरेट पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने एनआरआई और उसके परिवार की सारी प्रॉपर्टी हड़पने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया। 

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आरोपी नौकर बल सिंह ने इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए आरोपियों के साथ तीन लाख रुपये में सौदा तय किया और एडवांस के तौर पर 2.70 लाख रुपये दे चुका था। हैरानी की बात यह है कि हत्याकांड को अंजाम दिलाने के बाद आरोपी पुलिस के साथ ही घूम रहा था। आरोपी परिवार के साथ भी रोता रहा और यह कहता रहा कि उसका भाई इस दुनिया से चला गया। एनआरआई और उसका परिवार बल सिंह को परिवारिक सदस्य ही समझता था। 
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बाइक, तेजधार हथियार और नकदी बरामद
पुलिस ने इस मामले में बल सिंह के साथ साथ दुगरी की सीआरपीएफ कालोनी में रहने वाले जगराज सिंह उर्फ जग्गा, जगदेव नगर निवासी जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सी, गांव महमूदपुरा निवासी सोहेल अली, शहीद भगत सिंह नगर निवासी देव राज उर्फ कालू और शहीद भगत सिंह नगर निवासी वरिंदर सिंह उर्फ विक्की के रुप में हुई है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किए दो बाइक, तेजधार हथियार के साथ साथ 1.80 लाख रुपये की नकदी बरामद की है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ करने में जुटी है।

पुलिस कमिश्नर मंदीप सिंह सिद्धू ने बताया कि बल सिंह मूल रुप से मध्यप्रदेश का रहने वाला है। जब वह 12 साल का था तो उसके माता पिता की मौत हो गई थी। वह एनआरआई बनिंदरदीप सिंह के परिवार के साथ ही रहता था। करीब 15 साल से साथ रहने के कारण सभी उसे परिवारिक सदस्य ही बताते थे और परिवार वाले भी उसे अपना बेटा ही बताते थे। जब भी एनआरआई का पूरा परिवार विदेश में होता तो सारी प्रॉपर्टी, घर और फार्म हाऊस की देखभाल बल सिंह करता था। 

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एनआरआई बनिंदरदीप के परिवार वाले उसे पैसे भेजते रहते थे। मगर बनिंदरदीप बल सिंह की मां और परिवार के बारे में गलत शब्दावली बोलता था। जिस कारण उसे गुस्सा आता था, लेकिन वह कुछ बोल नहीं पाता था। बल सिंह को यह लगता था कि परिवार वाले उसे बेटा मानते है तो बनिंदरदीप के बाद सारी प्रॉपर्टी उसे ही मिलेगी। जिसके बाद उसने बनिंदरदीप को रास्ते से हटाने की प्लानिंग बनानी शुरू कर दी। कुछ समय पहले जब बनिंदरदीप आया था तो उसने पूरी प्लानिंग बनाई और जगराज सिंह उर्फ जग्गा को साथ मिलाया। जग्गा के साथ बनिंदरदीप का पहले ही कोठी के कब्जे को लेकर विवाद था और उसके खिलाफ अलग अलग थानों में पांच मामले भी दर्ज हैं।

दोस्तों के साथ रोज फार्म हाउस में शराब पीता था बनिंदरदीप 
बनिंदरदीप सिंह विवादित प्रॉपर्टी की खरीद फरोख्त करता था। वह अपने कुछ साथियों के साथ रोजाना फार्म हाउस में शराब पीता था और सभी दोस्तों की महफिल वहीं सजती थी। घर और फार्म हाउस की दूरी करीब एक किलोमीटर की थी। बनिंदरदीप छह महीने कनाडा तो छह महीने भारत में रहता था। बल सिंह को पूरी जानकारी थी कि रात को शराब पीने के बाद वह उसे बुलाएगा तभी रास्ते में उसका काम तमाम करना पड़ेगा। आरोपियों ने मिल कर पूरी प्लानिंग बनाई और हत्या करने का दिन तय कर लिया। 


आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए वहां करीब एक घंटा इंतजार किया। जैसे ही बनिंदरदीप बल सिंह के साथ स्कूटर पर आया तो आरोपियों ने घेर कर उस पर ताबड़तोड़ वार कर दिए और उसकी हत्या कर दी। आरोपियों ने दोबारा आकर देखा कि वह सच में मर चुका है या नहीं। हत्या करने के बाद आरोपी फरार हो गए और बल सिंह शोर मचाने लगा। वह दो तीन दिन तक ड्रामा करता रहा और रोता रहा कि उसका भाई इस दुनिया से चला गया। वह अब किसके पास रहेगा। 

बल सिंह को विदेश ले जाने की तैयारी में था बनिंदरदीप का परिवार
बल सिंह 12 साल की उम्र में बनिंदरदीप के परिवार के पास आ गया था। उसे पूरे परिवार के बारे में पूरी जानकारी थी। परिवार आंखें मूंद कर उस पर विश्वास करता था। वह समय-समय पर बल सिंह के खाते में पैसे भेजते थे ताकि उसे खर्च करने में और प्रापर्टी की देखभाल करने में किसी तरह की कोई कमी न आए। उसका पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज भी पूरे कर लिए गए थे और अब बनिंदरदीप का परिवार बल सिंह को विदेश ले जाने की तैयारी में था ताकि उसे भी अपने पास ही रखा जाए।

मोबाइल का नहीं किया था इस्तेमाल
पुलिस कमिश्नर मंदीप सिंह सिद्धू ने बताया कि आरोपियों को शक था कि पुलिस मोबाइल से मामला ट्रेस कर लेती है। आरोपियों ने प्लानिंग बनाई कि वारदात को अंजाम देते वक्त मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करेंगे। आरोपियों ने वारदात के समय अपने मोबाइल घरों में ही छोड़ दिए ताकि लोकेशन घर की आए। पुलिस को पहले ही बल सिंह पर शक था। पुलिस ने बल सिंह को काबू कर सख्ती से पूछताछ की तो उसने सब कुछ उगल दिया। इसके अलावा पुलिस ने कई जगहों से सीसीटीवी कैमरे की फुटेज निकाली। कुछ कैमरों में आरोपी कैद थे तो पुलिस को आरोपियों के बारे में क्लू मिला और उन्हें काबू किया गया।

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