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प्राइमरी विंग का गजट गलत छपा, 45 स्कूलों का रिजल्ट रुका
ब्यूरो/अमर उजाला, हलवारा (लुधियाना)
Updated Fri, 01 Apr 2016 09:55 PM IST
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ब्लाक प्राइमरी एजुकेशन ऑफिस (बीपीईओ) सुधार के अधीन आते 45 स्कूलों के प्राइमरी विंग का गजट गलत छप जाने के कारण इस ब्लॉक का नतीजा घोषित नहीं किया जा सका है।
शिक्षा विभाग द्वारा पूरे पंजाब में पांचवीं कक्षा का नतीजा 31 मार्च को घोषित करने का नोटिफिकेशन जारी किया गया था, लेकिन सुधार ब्लाक का नतीजा रोक दिया गया है। इसके चलते इस ब्लाक के अधीन स्कूलों में पड़ रहे बच्चों के अभिभावकों में भारी रोष है।
डिप्टी जिला शिक्षा अधिकारी डिंपल मदान ने इस मामले में बीपीईओ सुधार के तमाम अधिकारियों को तलब कर लिया है। हालांकि मामला सामने आने के बाद अब जिला शिक्षा दफ्तर और बीपीईओ सुधार के अधिकारी इस गलती का ठीकरा एक दूसरे पर थोप अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
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सुधार ब्लाक के 45 स्कूलों में से पुल अकालगढ़ सेंटर और दो तीन अन्य स्कूलों को छोड़ सभी अन्य स्कूलों का नतीजा ग्रेड ई में छाप दिया गया है। प्राइमरी विंग के नतीजे में ग्रेड ए, बी, सी, डी और ई का इस्तेमाल किया जाता है। सुधार ब्लाक के इस 45 स्कूलों के रिजल्ट के गजट में अधिकतर स्कूलों के सभी छात्रों का रिजल्ट ग्रेड ई छाप दिया गया। गलती सामने आने पर बीपीईओ सुधार की तरफ से रिजल्ट रोक दिया गया है।
ब्लाक प्राइमरी शिक्षा अधिकारी जसवंत कौर ने कहा कि वह तमाम नतीजे जिला शिक्षा दफ्तर को भेज देते हैं। गलती कहां हुई है जांच की जा रही है। जिला शिक्षा अधिकारी गुरजोत सिंह ने कहा कि यह तकनीकी समस्या है। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर में एक्सल सॉफ्टवेयर के जरिए रिजल्ट तैयार किया जाता है। कहीं कोई कमांड गलत हो जाने के कारण संभवतया यह गलती हुई है। डाटा एंटर करते समय हो सकता है, कंप्यूटर ने ग्रेड ई उठा लिया होगा।
डिप्टी जिला शिक्षा अधिकारी डिंपल मदान ने कहा कि नतीजा बीपीईओ द्वारा ही तैयार कर उनके कार्यालय में भेजा जाता है। इसमें कहां गलती हुई है, जांच की जा रही है। डेमोक्रेटिक टीचर यूनियन के ब्लाक प्रधान हेडमास्टर मनजीत सिंह ने कहा कि विभाग की इस गलती के कारण अध्यापकों, बच्चों और उनके परिजनों को भारी परेशानी आई है। इसकी जांच होनी चाहिए और गलती करने वाले के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए।
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शिक्षा विभाग द्वारा पूरे पंजाब में पांचवीं कक्षा का नतीजा 31 मार्च को घोषित करने का नोटिफिकेशन जारी किया गया था, लेकिन सुधार ब्लाक का नतीजा रोक दिया गया है। इसके चलते इस ब्लाक के अधीन स्कूलों में पड़ रहे बच्चों के अभिभावकों में भारी रोष है।
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डिप्टी जिला शिक्षा अधिकारी डिंपल मदान ने इस मामले में बीपीईओ सुधार के तमाम अधिकारियों को तलब कर लिया है। हालांकि मामला सामने आने के बाद अब जिला शिक्षा दफ्तर और बीपीईओ सुधार के अधिकारी इस गलती का ठीकरा एक दूसरे पर थोप अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
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सुधार ब्लाक के 45 स्कूलों में से पुल अकालगढ़ सेंटर और दो तीन अन्य स्कूलों को छोड़ सभी अन्य स्कूलों का नतीजा ग्रेड ई में छाप दिया गया है। प्राइमरी विंग के नतीजे में ग्रेड ए, बी, सी, डी और ई का इस्तेमाल किया जाता है। सुधार ब्लाक के इस 45 स्कूलों के रिजल्ट के गजट में अधिकतर स्कूलों के सभी छात्रों का रिजल्ट ग्रेड ई छाप दिया गया। गलती सामने आने पर बीपीईओ सुधार की तरफ से रिजल्ट रोक दिया गया है।
ब्लाक प्राइमरी शिक्षा अधिकारी जसवंत कौर ने कहा कि वह तमाम नतीजे जिला शिक्षा दफ्तर को भेज देते हैं। गलती कहां हुई है जांच की जा रही है। जिला शिक्षा अधिकारी गुरजोत सिंह ने कहा कि यह तकनीकी समस्या है। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर में एक्सल सॉफ्टवेयर के जरिए रिजल्ट तैयार किया जाता है। कहीं कोई कमांड गलत हो जाने के कारण संभवतया यह गलती हुई है। डाटा एंटर करते समय हो सकता है, कंप्यूटर ने ग्रेड ई उठा लिया होगा।
डिप्टी जिला शिक्षा अधिकारी डिंपल मदान ने कहा कि नतीजा बीपीईओ द्वारा ही तैयार कर उनके कार्यालय में भेजा जाता है। इसमें कहां गलती हुई है, जांच की जा रही है। डेमोक्रेटिक टीचर यूनियन के ब्लाक प्रधान हेडमास्टर मनजीत सिंह ने कहा कि विभाग की इस गलती के कारण अध्यापकों, बच्चों और उनके परिजनों को भारी परेशानी आई है। इसकी जांच होनी चाहिए और गलती करने वाले के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए।