{"_id":"61f2ff69eb8fdb4d71419bd8","slug":"rebellion-started-in-congress-after-ticket-allocation-ludhiana-news-pkl440383348","type":"story","status":"publish","title_hn":"टिकट आवंटन के बाद कांग्रेस में विद्रोह शुरू, साहनेवाल से बिट्टी तो समराला से ढिल्लों ने किया आजाद चुनाव लड़ने का एलान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टिकट आवंटन के बाद कांग्रेस में विद्रोह शुरू, साहनेवाल से बिट्टी तो समराला से ढिल्लों ने किया आजाद चुनाव लड़ने का एलान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लुधियाना। पंजाब कांग्रेस की दूसरी लिस्ट जारी होने के बाद महानगर की सीटों पर विद्रोह भी शुरू हो गया है। साहनेवाल से सतविंदर बिट्टी की टिकट काट कर इस बार पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्ठल के दामाद बिक्रम बाजवा को दी गई है, जबकि पांच बार के विधायक अमरीक सिंह ढिल्लों की टिकट काट दी गई है।
अब उनकी जगह राजा गिल को उम्मीदवार बनाया गया है। जबकि अमरीक ढिल्लों अपने पोते के लिए टिकट की मांग कर रहे थे, वहीं जगरांव से टिकट की मांग कर रहे पूर्व मंत्री मलकीत सिंह दाखा की जगह जग्गा हिस्सों वाल जो आम आदमी पार्टी से कांग्रेस में आए है। जिसके बाद दो नेताओं ने तो आजाद चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है, जबकि दाखा का कहना है कि वह साथियों से बात करने के बाद आगे की प्लानिंग करेंगे।
सतविंदर बिट्टी 2017 का चुनाव साहनेवाल हलके से लड़ी थी और करीब तीन हजार वोट से अकाली दल के विधायक शरणजीत सिंह ढिल्लों से हार गई थी।
इसके बाद भी वह लगातार साहनेवाल हलके में काम करती रही। वह साहनेवाल हलके से सबसे बड़ी दावेदार थी, लेकिनि पार्टी ने इस बार टिकट काट कर विक्रम बाजवा को दे दी। अब सतविंदर बिट्टी ने पार्टी के खिलाफ आवाज उठानी शुरू कर दी है। सतविंदर बिट्टी ने प्रियंका गांधी से सवाल पूछा है कि उनका ‘बेटी हूं लड़ सकती हूं’ स्लोगन था, इसके दावे कहां हैं, या फिर यह स्लोगन सिर्फ उत्तर प्रदेश के चुनाव के लिए ही है। सतविंदर बिट्टी ने कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं को बुरी तरह से इग्नोर किया है। पिछली बार 15 दिन पहले टिकट दे दी गई और वह पार्टी का आदेश मानकर चुनाव लड़ीं भी और कड़ी टक्कर दी।
विज्ञापन
अब जब वह जीतने का दम रखती हैं तो जानबूझकर टिकट काट दिया गया है। कांग्रेस में परिवारवाद भारी हो गया है। मेरा कसूर बस इतना है कि मेरी सास रजिंदर कौर भट्ठल नहीं हैं, जो पंजाब की मुख्यमंत्री रही हैं। मैं तो पार्टी के लिए अमेरिका छोड़कर यहां आई थी और काम किया है। अब सीधे तौर पर पार्टी ने साहनेवाल की सीट शिअद के समक्ष सरेंडर कर दी है। सतविंदर कौर बिट्टी ने एलान कर दिया है कि वह आजाद चुनाव लडेंगीं और वीरवार या शुक्रवार को नामांकन पत्र दाखिल करेंगी।
अमरीक ढिल्लों ने भी किया ऐलान, साठ साल का मोल टिकट काट कर दिया
समराला से करीब चार बाद विधायक रहे अमरीक सिंह ढिल्लों ने भी पार्टी के खिलाफ आवाज बुलंद कर दी है। उन्होंने कहा कि वह साठ साल से पार्टी के लिए मेहनत करते आ रहे है। मेरा निरादर किया गया है और अब ओर अपमान न सह कर आजाद लडूंगा। उनकी तरफ से अपने घर पर कार्यकर्ताओं की मीटिंग बुलाई गई थी। इस दौरान उनकी तरफ से एलान कर दिया गया है कि वह आजाद चुनाव लडेंगे।
अमरीक सिंह ढिल्लों का कहना है कि वह कांग्रेस पार्टी के लिए पिछले 60 साल से काम कर रहे हैं। भले कोई भी समय रहा हो पार्टी के साथ खड़ा हूं, इंद्रा गांधी के समय जेल भी काटी हैं। अब मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है कि मैने चार बार यहां से सीट जीतकर पार्टी की झोली में डाली है। मैने अपने पोत्र के लिए टिक्ट की मांग की थी और यह भी कहा था कि अगर लगता है कि वह काबिल नहीं है तो मैं भी यहां से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं। मगर पार्टी ने मेरी अनदेखी की है। मेरे सपोर्टर और वर्कर इस पर खफा हैं और उनके कहने पर ही मैं आजाद लउ़ रहा हूं। हम वीरवार को नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।
दाखा ने चन्नी के खिलाफ खोला मोर्चा
दाखा हल्के से विधायक रहे और पूर्व मंत्री मलकीत सिंह दाखा ने भी जगरांव से टिकट की दावेदारी की थी, लेकिन पार्टी ने टिकट नहीं दिया। पार्टी ने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देकर रायकोट के विधायक जगतार सिंह जग्गा हिस्सोंवाल को जगरांव से टिकट दी है। दाखा ने कहा कि उनकी टिकट काटने के पीछे मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी है और उनकी वजह से ही टिकट काटी गई है। उन्होंने कहा कि वह पार्टी के इस फैसले के खिलाफ है। अब वह अपने साथियों के साथ मुलाकात करेंगे और आगे की रणनीति बनाएंगे।
विज्ञापन
अब उनकी जगह राजा गिल को उम्मीदवार बनाया गया है। जबकि अमरीक ढिल्लों अपने पोते के लिए टिकट की मांग कर रहे थे, वहीं जगरांव से टिकट की मांग कर रहे पूर्व मंत्री मलकीत सिंह दाखा की जगह जग्गा हिस्सों वाल जो आम आदमी पार्टी से कांग्रेस में आए है। जिसके बाद दो नेताओं ने तो आजाद चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है, जबकि दाखा का कहना है कि वह साथियों से बात करने के बाद आगे की प्लानिंग करेंगे।
विज्ञापन
सतविंदर बिट्टी 2017 का चुनाव साहनेवाल हलके से लड़ी थी और करीब तीन हजार वोट से अकाली दल के विधायक शरणजीत सिंह ढिल्लों से हार गई थी।
इसके बाद भी वह लगातार साहनेवाल हलके में काम करती रही। वह साहनेवाल हलके से सबसे बड़ी दावेदार थी, लेकिनि पार्टी ने इस बार टिकट काट कर विक्रम बाजवा को दे दी। अब सतविंदर बिट्टी ने पार्टी के खिलाफ आवाज उठानी शुरू कर दी है। सतविंदर बिट्टी ने प्रियंका गांधी से सवाल पूछा है कि उनका ‘बेटी हूं लड़ सकती हूं’ स्लोगन था, इसके दावे कहां हैं, या फिर यह स्लोगन सिर्फ उत्तर प्रदेश के चुनाव के लिए ही है। सतविंदर बिट्टी ने कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं को बुरी तरह से इग्नोर किया है। पिछली बार 15 दिन पहले टिकट दे दी गई और वह पार्टी का आदेश मानकर चुनाव लड़ीं भी और कड़ी टक्कर दी।
विज्ञापन
अब जब वह जीतने का दम रखती हैं तो जानबूझकर टिकट काट दिया गया है। कांग्रेस में परिवारवाद भारी हो गया है। मेरा कसूर बस इतना है कि मेरी सास रजिंदर कौर भट्ठल नहीं हैं, जो पंजाब की मुख्यमंत्री रही हैं। मैं तो पार्टी के लिए अमेरिका छोड़कर यहां आई थी और काम किया है। अब सीधे तौर पर पार्टी ने साहनेवाल की सीट शिअद के समक्ष सरेंडर कर दी है। सतविंदर कौर बिट्टी ने एलान कर दिया है कि वह आजाद चुनाव लडेंगीं और वीरवार या शुक्रवार को नामांकन पत्र दाखिल करेंगी।
अमरीक ढिल्लों ने भी किया ऐलान, साठ साल का मोल टिकट काट कर दिया
समराला से करीब चार बाद विधायक रहे अमरीक सिंह ढिल्लों ने भी पार्टी के खिलाफ आवाज बुलंद कर दी है। उन्होंने कहा कि वह साठ साल से पार्टी के लिए मेहनत करते आ रहे है। मेरा निरादर किया गया है और अब ओर अपमान न सह कर आजाद लडूंगा। उनकी तरफ से अपने घर पर कार्यकर्ताओं की मीटिंग बुलाई गई थी। इस दौरान उनकी तरफ से एलान कर दिया गया है कि वह आजाद चुनाव लडेंगे।
अमरीक सिंह ढिल्लों का कहना है कि वह कांग्रेस पार्टी के लिए पिछले 60 साल से काम कर रहे हैं। भले कोई भी समय रहा हो पार्टी के साथ खड़ा हूं, इंद्रा गांधी के समय जेल भी काटी हैं। अब मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है कि मैने चार बार यहां से सीट जीतकर पार्टी की झोली में डाली है। मैने अपने पोत्र के लिए टिक्ट की मांग की थी और यह भी कहा था कि अगर लगता है कि वह काबिल नहीं है तो मैं भी यहां से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं। मगर पार्टी ने मेरी अनदेखी की है। मेरे सपोर्टर और वर्कर इस पर खफा हैं और उनके कहने पर ही मैं आजाद लउ़ रहा हूं। हम वीरवार को नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।
दाखा ने चन्नी के खिलाफ खोला मोर्चा
दाखा हल्के से विधायक रहे और पूर्व मंत्री मलकीत सिंह दाखा ने भी जगरांव से टिकट की दावेदारी की थी, लेकिन पार्टी ने टिकट नहीं दिया। पार्टी ने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देकर रायकोट के विधायक जगतार सिंह जग्गा हिस्सोंवाल को जगरांव से टिकट दी है। दाखा ने कहा कि उनकी टिकट काटने के पीछे मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी है और उनकी वजह से ही टिकट काटी गई है। उन्होंने कहा कि वह पार्टी के इस फैसले के खिलाफ है। अब वह अपने साथियों के साथ मुलाकात करेंगे और आगे की रणनीति बनाएंगे।