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Ludhiana News: जीएसटी में बदलाव का पंजाब व्यापार मंडल ने किया स्वागत, इन्वर्टेड ड्यूटी पर जताई चिंता
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संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल की बैठक वीरवार को माता रानी चौक स्थित मुख्य दफ्तर में हुई जिसमें राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य, व्यापार मंडल के प्रदेश महासचिव सुनील मेहरा और राज्य सचिव आयुष अग्रवाल उपस्थित थे। इन नेताओं ने जीएसटी सुधारों के तहत हुई दरों में कटौती का स्वागत किया, लेकिन इन्वर्टेड ड्यूटी पर चिंता जताई।
नेताओं ने काउंसिल की ओर से केवल दो दरें 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत की मंजूरी को एक माइलस्टोन फैसला बताया। इन नेताओं ने कहा की काफी समय से चल रही व्यापार में मंदी से काफी राहत मिलेगी। इन नेताओं ने कहा की इससे लोगों के हाथ में पैसा आएगा और नए रास्ते खुलेंगे। आने वाली नवरात्रि और दीपावली के समय बाजारों में हलचल बढ़ने के पूरे आसार हैं। लंबे समय से चलती आ रही कपड़ा और साइकिल के रेट में कटौती की मांग भी पूरी हो गई है।
इन नेताओं ने साइकिल इंडस्ट्री में आउटपुट जीएसटी को तो घटा कर 5 प्रतिशत कर आम लोगों की जेब पर बोझ घटा दिया लेकिन व्यापारी और लघु उद्योग के लिए समस्या घटने की जगह बढ़ गई। साइकिल इंडस्ट्री में इनपुट टैक्स अभी भी 18 प्रतिशत ही है जिसकी वजह से इन्वर्टेड ड्यूटी का गैप 6 प्रतिशत से बढ़ कर 13 प्रतिशत हो गया। इसका मतलब उद्योगों और व्यापारियों को वर्किंग कैपिटल में और लागत लगानी पड़ेगी और डिपार्टमेंट से रिफंड के लिए और कागजी कार्रवाई में उलझ कर रह जाएंगे।
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लुधियाना। पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल की बैठक वीरवार को माता रानी चौक स्थित मुख्य दफ्तर में हुई जिसमें राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य, व्यापार मंडल के प्रदेश महासचिव सुनील मेहरा और राज्य सचिव आयुष अग्रवाल उपस्थित थे। इन नेताओं ने जीएसटी सुधारों के तहत हुई दरों में कटौती का स्वागत किया, लेकिन इन्वर्टेड ड्यूटी पर चिंता जताई।
नेताओं ने काउंसिल की ओर से केवल दो दरें 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत की मंजूरी को एक माइलस्टोन फैसला बताया। इन नेताओं ने कहा की काफी समय से चल रही व्यापार में मंदी से काफी राहत मिलेगी। इन नेताओं ने कहा की इससे लोगों के हाथ में पैसा आएगा और नए रास्ते खुलेंगे। आने वाली नवरात्रि और दीपावली के समय बाजारों में हलचल बढ़ने के पूरे आसार हैं। लंबे समय से चलती आ रही कपड़ा और साइकिल के रेट में कटौती की मांग भी पूरी हो गई है।
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इन नेताओं ने साइकिल इंडस्ट्री में आउटपुट जीएसटी को तो घटा कर 5 प्रतिशत कर आम लोगों की जेब पर बोझ घटा दिया लेकिन व्यापारी और लघु उद्योग के लिए समस्या घटने की जगह बढ़ गई। साइकिल इंडस्ट्री में इनपुट टैक्स अभी भी 18 प्रतिशत ही है जिसकी वजह से इन्वर्टेड ड्यूटी का गैप 6 प्रतिशत से बढ़ कर 13 प्रतिशत हो गया। इसका मतलब उद्योगों और व्यापारियों को वर्किंग कैपिटल में और लागत लगानी पड़ेगी और डिपार्टमेंट से रिफंड के लिए और कागजी कार्रवाई में उलझ कर रह जाएंगे।
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