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Punjab: सोशल मीडिया पर डाली रील व गाड़ी की फ्लीकर लाइट से लुटेरों तक पहुंची पुलिस, 8.5 करोड़ लूट का है मामला

Thu, 15 Jun 2023 01:29 AM IST
भूपेंद्र सिंह विकास मल्होत्रा, संवाद, लुधियाना (पंजाब)
विकास मल्होत्रा, संवाद, लुधियाना (पंजाब) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Thu, 15 Jun 2023 01:29 AM IST
सार

मास्टरमाइंड हसीना के सगे भाई आरोपी हरविंदर ने रील डाली थी। कंपनी की वैन में लगे कैमरों का कनेक्शन मनी ने काटा था। लूट के बाद जब आरोपियों ने कैश गाड़ी से बदला तो सभी आरोपियों को कुछ न कुछ पैसे दिए गए थे।

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Punjab: Police reached robbers by the reel posted on social media and flicker light of vehicle
लूट के आरोपी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

पंजाब के लुधियाना में सीएमएस कंपनी में साढ़े आठ करोड़ रुपये की लूट मामले को हल करने के बाद कमिश्नरेट पुलिस ने कई बड़े खुलासे किए हैं। सोशल मीडिया पर डाली एक रील और सीएमएमस कंपनी की गाड़ी पर लगी फ्लीकर लाइट ने कमिश्नरेट पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में सबसे बड़ी मदद की।

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लूट के बाद जब आरोपियों ने कैश गाड़ी से बदला तो सभी आरोपियों को कुछ न कुछ पैसे दिए गए थे। डाकू हसीना मंदीप कौर के भाई हरविंदर सिंह ने सोशल मीडिया पर एक रील डाली और उसमें 500-500 के नोट की गड्डियों को हाथ में पकड़ कर एक गाना लगा दिया। जांच के दौरान पुलिस को एक यह सबूत मिला तो गांव पंडोरी में सीएमएस कंपनी की गाड़ी की जांच की।
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उसमें सीसीटीवी कैमरे के कनेक्शन काटे गए थे और उसपर लगी फ्लीकर लाइट जल रही थी। फ्लीकर लाइट आम व्यक्ति नहीं चला सकता। उसे चलाने के लिए कंपनी के ही किसी एक्सपर्ट की जरूरत होती है।
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इसके बाद पुलिस का शक सही निकला कि इस वारदात को अंजाम देने में किसी नजदीकी का हाथ है। यह नजदीकी कोई ओर नहीं बल्कि दफ्तर के अंदर काम करने वाला ही निकला। सूत्रों के अनुसार जब पुलिस दफ्तर से निकाले गए या फिर काम छोड़ कर जाने वालों से पूछताछ कर रही थी तो आरोपी मनजिंदर सिंह मनी को भी बुलाया गया था। कंपनी अधिकारियों के कहे पर तो आरोपी आया नहीं, जब पुलिस ने बुलाया तो वह वहां पहुंचा। इसके बाद एक बार पुलिस ने उसे भेज दिया। जब आरोपी के खिलाफ सबूत मिल गए तो पुलिस ने उसे काबू कर लिया।

कंपनी अधिकारियों ने पैसों को लेकर बार-बार बदले बयान
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि जब पुलिस टीम ने कैश के बारे में पूछा तो कंपनी अधिकारियों ने लिखित में 11.70 करोड़ रुपये बताए। बाद में कहा कि उनके पौने पांच करोड़ रुपये पड़े हैं और छह करोड़ 32 लाख रुपये आरोपी ले गए हैं। शाम होते-होते कंपनी मुलाजिमों ने साढ़े आठ करोड़ रुपये बताए। उन्होंने कहा कि अभी भी उन्हें कुछ संदेह है। आरोपी मनजिंदर ने बताया था कि कंपनी ने किसी बैंक में पचास लाख रुपये ज्यादा लोड कर दिए थे, बैंक पैसे वापस मांग रहा था और कंपनी दे नहीं रही थी। इसके साथ-साथ पचास लाख रुपये के दो हजार रुपये नोट का कोई पंगा था। अभी शक है कि डाकू हसीना मंदीप कौर के पास काफी नकदी पड़ी है।

अदालत में हुई थी मनी और मंदीप कौर की मुलाकात
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि डाकू हसीना मंदीप कौर काफी शातिर है। उसने किसी पर दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया हुआ है। उसकी बरनाला के रहने वाले आरोपी जसविंदर सिंह के साथ शादी हुई थी। वह अक्सर लुधियाना में पेशी पर आती रहती थी और वहीं पर आरोपी मनजिंदर सिंह मनी के साथ उसकी मुलाकात हुई। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मनजिंदर मनी विदेश जाना चाहता था। आरोपी को पूरी जानकारी थी कि शनिवार और रविवार को कैश एटीएम में नहीं डाला जाता। शुक्रवार को कंपनी के दफ्तर में करोड़ों रुपये पड़े होते हैं।

एक ही झटके में बंद किए 60 सीसीटीवी कैमरे, पांच डीवीआर सिस्टम भी खोल दिए
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि दफ्तर के अंदर कहां-कहां सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और कहां डीवीआर पड़े हैं इन सब की जानकारी आरोपियों को थी। आरोपियों ने एक ही झटके में साठ सीसीटीवी कैमरों को बंद कर दिया। लूटकांड को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने सारा सामान और डीवीआर भी बैग में डाल लिए। इसके बाद आरोपी गांव पंडोरी पहुंचे और वहीं से आरोपियों ने अपना-अलग अलग रास्ता अपना लिया था, ताकि पुलिस के हाथ न लगें।


बिना फोन और हथियार दिया था वारदात को अंजाम
इस लूटकांड को आरोपियों ने बड़े ही शातिराना तरीके से वारदात को अंजाम दिया। उन्हें पता था कि पुलिस मोबाइल टेक्नोलाॅजी के जरिये उन्हें काबू कर सकती है। इसलिए उन्होंने बिना मोबाइल और हथियारों के ही वारदात को अंजाम दे दिया। 11 आरोपियों के पास सिर्फ एक तेजधार हथियार था। बाकी तीन हथियार आरोपियों ने सिक्योरिटी गार्ड्स के छीने थे। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पहले सीएम भगवंत मान ने नाराजगी जताई थी और बाद में साथ भी दिया। मामला हल होने के बाद डीजीपी ने लुधियाना पुलिस की पूरी टीम को दस लाख रुपये नकद इनाम देने की घोषणा की है।

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