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धागा फैक्टरी में भीषण आग, करोड़ों का माल राख
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
Updated Wed, 09 Dec 2015 10:10 PM IST
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जालंधर बाइपास के पास स्थित आकाश नगर में बुधवार की सुबह करीब पांच बजे धागा फैक्टरी में अचानक आग लग गई।
देखते ही देखते आग ने भयंकर रूप धारण कर लिया और इसकी लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही थीं। आग लगने की वजह से फैक्टरी में पड़ा लाखों रुपये का माल जलकर राख हो गया। आग लगने की घटना के समय फैक्टरी में दो मजदूर काम कर रहे थे, जिन्होंने बाहर भागकर अपनी जान बचाई और इसकी जानकारी फैक्टरी मालिक को दी।
उन्होंने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचित किया। फायर ब्रिगेड की दस गाड़ियों ने आठ चक्कर लगाए और 80 गाड़ियों का पानी डालकर आग पर करीब 12 घंटे बाद काबू पाया गया। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग से फैक्टरी में पड़े लाखों रुपये और मशीनें जलकर राख हो गईं।
धवन होजरी के मालिक राजकुमार के अनुसार उनकी फैक्टरी में धागा आता है और इससे कपड़ा तैयार किया जाता है। फैक्टरी में काफी मजदूर काम करते हैं। रात के समय दो या तीन मजदूर ही फैक्टरी में काम करते हैं। मंगलवार की रात फैक्टरी मालिक घर चले गए। पीछे से फैक्टरी में दो मजदूर काम कर रहे थे। सुबह करीब पांच बजे फैक्टरी में पड़े धागे को आग लग गई।
दीवारें तोड़कर आग बुझाने के लिए बनाया गया रास्ता
जब फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं तो उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी। फैक्टरी में घुसने के लिए एक ही रास्ता था। फायर कर्मचारियों ने जेसीबी मशीन मंगवाई और पीछे से व एक अन्य जगह की दीवार तोड़कर रास्ता बनाया और आग पर पानी डालने का काम शुरू किया।
जिला फायर अफसर भुपिंदर सिंह ने कहा कि फायर ब्रिगेड की दस गाड़ियों ने आठ चक्कर लगाए और करीब 80 गाड़ियों का पानी आग बुझाने में इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि अभी तक की जांच में यही पता चला है कि आग शार्ट सर्किट की वजह से हो सकती है। बाकी आग लगने का कारण जांचा जा रहा है।
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देखते ही देखते आग ने भयंकर रूप धारण कर लिया और इसकी लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही थीं। आग लगने की वजह से फैक्टरी में पड़ा लाखों रुपये का माल जलकर राख हो गया। आग लगने की घटना के समय फैक्टरी में दो मजदूर काम कर रहे थे, जिन्होंने बाहर भागकर अपनी जान बचाई और इसकी जानकारी फैक्टरी मालिक को दी।
उन्होंने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचित किया। फायर ब्रिगेड की दस गाड़ियों ने आठ चक्कर लगाए और 80 गाड़ियों का पानी डालकर आग पर करीब 12 घंटे बाद काबू पाया गया। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग से फैक्टरी में पड़े लाखों रुपये और मशीनें जलकर राख हो गईं।
धवन होजरी के मालिक राजकुमार के अनुसार उनकी फैक्टरी में धागा आता है और इससे कपड़ा तैयार किया जाता है। फैक्टरी में काफी मजदूर काम करते हैं। रात के समय दो या तीन मजदूर ही फैक्टरी में काम करते हैं। मंगलवार की रात फैक्टरी मालिक घर चले गए। पीछे से फैक्टरी में दो मजदूर काम कर रहे थे। सुबह करीब पांच बजे फैक्टरी में पड़े धागे को आग लग गई।
दीवारें तोड़कर आग बुझाने के लिए बनाया गया रास्ता
जब फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं तो उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी। फैक्टरी में घुसने के लिए एक ही रास्ता था। फायर कर्मचारियों ने जेसीबी मशीन मंगवाई और पीछे से व एक अन्य जगह की दीवार तोड़कर रास्ता बनाया और आग पर पानी डालने का काम शुरू किया।
जिला फायर अफसर भुपिंदर सिंह ने कहा कि फायर ब्रिगेड की दस गाड़ियों ने आठ चक्कर लगाए और करीब 80 गाड़ियों का पानी आग बुझाने में इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि अभी तक की जांच में यही पता चला है कि आग शार्ट सर्किट की वजह से हो सकती है। बाकी आग लगने का कारण जांचा जा रहा है।