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जेब संभालें, दो से चार रुपये महंगी होंगी दालें
अमर उजाला, लुधियाना/जगरांव
Updated Tue, 03 Dec 2013 09:57 PM IST
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पंजाब में दालों की कीमत दो से चार रुपये प्रति किलो तक बढ़ जाएंगी। क्योंकि सूबा सरकार ने दालों समेत 110 उत्पादों पर चार फीसदी मार्केट फीस लगा दी है।
बाजार में इसकी सूचना आते ही दाल कारोबारियों की नींद उड़ गई। दाल व्यापारियों ने साफ किया है कि दालों पर इतना भारी भरकम कर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, इस संबंध में यदि जरूरत पड़ी तो दाल व्यापारी सड़कों पर भी उतरेंगे।
इसके विरोध में मंगलवार को जगरांव में जगरांव दाल मिल एसोसिएशन के बैनर तले व्यापारियों ने पंजाब भाजपा प्रधान कमल शर्मा से मुलाकात की।
मिल मालिकों ने सरकार के इस फैसले को धक्केशाही करार देते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की। भाजपा प्रधान शर्मा ने मिल मालिकों की समस्या को सुनने के बाद उन्हें पांच दिसंबर को चंडीगढ़ बुलाया है। शर्मा ने विश्वास दिलाया है कि इस संबंध में सरकार से बात करके कोई हल निकाला जाएगा।
जगरांव दाल एसोसिएशन के प्रधान विनोद मित्तल राजू की अगुवाई में मेंबरों ने भाजपा प्रधान श्री शर्मा को कहा कि सरकार ने दालों पर 4 फीसदी मार्केट फीस लगाकर सीधा प्रदेश में महंगाई को निमंत्रण दिया है।
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इससे यहां पड़ोसी राज्यों के मुकाबले दालों के भाव बढ़ जाएंगे, वहीं दाल इंडस्ट्री बर्बाद हो जाएगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली, हरियाणा सहित कई राज्यों में तो मार्केट फीस तो दूर की बात वैट तक नहीं लिया जाता।
ऐसे में पंजाब सरकार के इस फैसले से पंजाब की दाल इंडस्ट्री और व्यापारियों को एक भारी नुकसान पहुंचेगा, वहीं पहले से ही महंगाई की मार में पिस रही जनता के लिए दाल पहुंच से बाहर हो जाएगी।
मिल मालिकों ने शर्मा से अपील की कि वह इस मामले में मुख्यमंत्री को दखल देने की गुहार लगाएं और पंजाब की दाल मिलों और ट्रेडरों को बर्बाद होने से बचाने के लिए तुरंत मार्केट फीस लगाने का फैसला रद्द कराएं। इस मौके राजेश कुमार गोगी, काल्पनिक बांसल, हर्ष मंगला, मनीष मंगला, सुनील कुमार टीटू, आदि हाजिर थे।
उधर लुधियाना होलसेल दाल डीलर एसोसिएशन के पूर्व प्रधान संजीव गुप्ता का कहना है कि सरकार ने मार्केट फीस दूसरे राज्यों से आने वाली दाल पर भी लगा दी है, जोकि सरासर गलत है।
उन्होंने कहा कि इससे पंजाब में कारोबार करना मुश्किल हो जाएगा। उनकी मांग है कि इसे तुरंत वापस लिया जाए।
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बाजार में इसकी सूचना आते ही दाल कारोबारियों की नींद उड़ गई। दाल व्यापारियों ने साफ किया है कि दालों पर इतना भारी भरकम कर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, इस संबंध में यदि जरूरत पड़ी तो दाल व्यापारी सड़कों पर भी उतरेंगे।
इसके विरोध में मंगलवार को जगरांव में जगरांव दाल मिल एसोसिएशन के बैनर तले व्यापारियों ने पंजाब भाजपा प्रधान कमल शर्मा से मुलाकात की।
मिल मालिकों ने सरकार के इस फैसले को धक्केशाही करार देते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की। भाजपा प्रधान शर्मा ने मिल मालिकों की समस्या को सुनने के बाद उन्हें पांच दिसंबर को चंडीगढ़ बुलाया है। शर्मा ने विश्वास दिलाया है कि इस संबंध में सरकार से बात करके कोई हल निकाला जाएगा।
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जगरांव दाल एसोसिएशन के प्रधान विनोद मित्तल राजू की अगुवाई में मेंबरों ने भाजपा प्रधान श्री शर्मा को कहा कि सरकार ने दालों पर 4 फीसदी मार्केट फीस लगाकर सीधा प्रदेश में महंगाई को निमंत्रण दिया है।
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इससे यहां पड़ोसी राज्यों के मुकाबले दालों के भाव बढ़ जाएंगे, वहीं दाल इंडस्ट्री बर्बाद हो जाएगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली, हरियाणा सहित कई राज्यों में तो मार्केट फीस तो दूर की बात वैट तक नहीं लिया जाता।
ऐसे में पंजाब सरकार के इस फैसले से पंजाब की दाल इंडस्ट्री और व्यापारियों को एक भारी नुकसान पहुंचेगा, वहीं पहले से ही महंगाई की मार में पिस रही जनता के लिए दाल पहुंच से बाहर हो जाएगी।
मिल मालिकों ने शर्मा से अपील की कि वह इस मामले में मुख्यमंत्री को दखल देने की गुहार लगाएं और पंजाब की दाल मिलों और ट्रेडरों को बर्बाद होने से बचाने के लिए तुरंत मार्केट फीस लगाने का फैसला रद्द कराएं। इस मौके राजेश कुमार गोगी, काल्पनिक बांसल, हर्ष मंगला, मनीष मंगला, सुनील कुमार टीटू, आदि हाजिर थे।
उधर लुधियाना होलसेल दाल डीलर एसोसिएशन के पूर्व प्रधान संजीव गुप्ता का कहना है कि सरकार ने मार्केट फीस दूसरे राज्यों से आने वाली दाल पर भी लगा दी है, जोकि सरासर गलत है।
उन्होंने कहा कि इससे पंजाब में कारोबार करना मुश्किल हो जाएगा। उनकी मांग है कि इसे तुरंत वापस लिया जाए।