लुधियाना में प्रदर्शन कर रहे अध्यापक गिरफ्तार

अमर उजाला, लुधियाना Updated Sun, 02 Feb 2014 10:02 PM IST
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अपनी मांगों को लेकर पंजाब सरकार के खिलाफ राजस्तरीय रैली करने के बाद रोष प्रदर्शन करने जा रहे 48 अध्यापकों को जिला पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।


इनमें से आठ रिटायर्ड अध्यापक भी शामिल हैं। पुलिस ने सात महिला अध्यापकों को भी गिरफ्तार किया था, लेकिन उन पर बिना कार्रवाई किए कुछ समय बाद छोड़ दिया गया। गिरफ्तार किए गए सभी अध्यापकों को अलग-अलग थानों में रखा गया है। सभी अध्यापकों को सोमवार को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया जाएगा। पुलिस द्वारा कुछ दिन पहले गिरफ्तार किए गए टीईटी के कुछ अध्यापकों को रविवार शाम जेल से रिहा कर दिया गया।



एसएसए रशमा अध्यापक यूनियन की तरफ से रविवार को सरकार के खिलाफ दाना मंडी में राजस्तरीय रैली का आयोजन किया गया। इस दौरान पंजाब की अलग-अलग यूनिटों के सदस्य रैली में शामिल हुए। इनमें महिला अध्यापक भी शामिल थीं। करीब दो घंटे सरकार के खिलाफ धरना देकर प्रदर्शन किया गया।



यूनियन के पंजाब प्रधान दीदार सिंह ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग की गलत नीतियों का खामियाजा अध्यापकों को भुगतना पड़ रहा है। अध्यापक रेगुलर होने वाली सभी शर्तों पर खरे उतरते हैं और पिछले सवा पांच साल से ठेके पर काम कर अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि सभी अध्यापकों को रेगुलर किया जाए।



दाना मंडी ग्राउंड में अध्यापकों के धरने के दौरान पुलिस के आलाधिकारियों सहित पुलिस की भारी फोर्स ने सभी अध्यापकों को चारों तरफ से घेर लिया था ताकि अध्यापक सड़क पर प्रदर्शन करने न जा सके। रैली खत्म करने के बाद जब प्रदर्शनकारी अध्यापक रोष मार्च निकालने के लिए जाने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इसी दौरान राज्य प्रधान दीदार सिंह मुदकी सहित अन्य अध्यापकों को हिरासत में ले लिया। अपने प्रधान को हिरासत में देख कर जब अन्य अध्यापक प्रदर्शन करने लगे तो पुलिस ने एक एक कर 48 अध्यापकों को पुलिस की बस में डाल कर अलग-अलग थानों में भेज दिया।


महिला अध्यापकों को समझाने में जुटे रहे अधिकारी
राज्य प्रधान सहित अन्य अध्यापकों को गिरफ्तार करने के बाद यूनियन की महिला अध्यापक प्रदर्शन करने लगी। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने महिला अध्यापकों को काफी समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानी। उन्होंने पुलिस से मांग की कि उनके प्रधान और अन्य साथियों को छोड़ा जाए, लेकिन पुलिस ने उनकी एक नहीं मानी। इस दौरान महिला पुलिस मुलाजिमों ने उन्हें घेर लिया।


प्रदर्शन कर रही एक महिला को पुलिस ने जबरदस्ती बस में बैठाने की कोशिश, लेकिन अधिकारियों के कहने पर पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। उसके बाद पुलिस ने एक एक कर सात महिला अध्यापकों को भी हिरासत में ले लिया। जिन्हें देर शाम छोड़ दिया गया।


सड़क पर नहीं करने दिया जाएगा प्रदर्शन : स्वप्न शर्मा
एडीसीपी 4 स्वप्न शर्मा ने कहा कि अगर किसी यूनियन को प्रदर्शन करना है तो वह दाना मंडी के ग्राउंड में कर सकते है। किसी को भी सड़क पर प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं है।


प्रदर्शन करने वालों की वजह से लोगों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार किए गए अध्यापकों को अदालत में पेश कर जेल भेजा जाएगा। महिला अध्यापकों को पुलिस ने हिरासत में लिया था, लेकिन उन्हें देर शाम छोड़ दिया गया। 

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