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‘मांगें नहीं मानीं गईं तो संघर्ष तेज होगा’
ब्यूरो,अमर उजाला/लुधियाना
Updated Wed, 11 May 2016 10:34 PM IST
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टीईटी पास बेरोजगार बीएड अध्यापकों की ओर से 8 मई को केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के चुनाव हलके बठिंडा में किए गए रोष प्रदर्शन के दौरान एक बेरोजगार अध्यापक की आठ वर्ष की बच्ची जपनीत कौर की मौत की विभिन्न जत्थेबंदियों ने सख्त शब्दों में निंदा की।
साथ ही मांग की कि पीड़ित परिवार को मुआवजा दिया जाए औरा शिक्षा विभाग में खाली चालीस हजार पदों को तुरंत भरा जाए। नेताओं ने कहा कि बठिंडा प्रशासन की ओर से चिल्ड्रेन पार्क में चल रहे शांति पूर्वक धरने पर बड़ी गिनती में बेरोजगार अध्यापकों को गिरफ्तार करने के अलावा पूरे शहर को सील कर दिया गया। विभिन्न जगहों पर अध्यापकों को नजरबंद कर दिया गया।
अध्यापकों को अपने पारिवारिक मैंबरों से संपर्क भी नहीं करने दिया गया। इन अध्यापकों में एक सिविल लाइन पुलिस स्टेशन में गिरफ्तार किए उच्च शिक्षा प्राप्त बेरोजगार अध्यापक संदीप सिंह फाजिल्का को उसके बार बार मिन्नत करने के बावजूद भी घर पर बीमार पड़ी आठ साल की बेटी जपनीत का पता लेने के लिए फोन पर बात नहीं कराई गई। बच्ची का सही समय पर इलाज का प्रबंध न होने पर मौत हो गई। नेताओं ने मुख्यमंत्री से मांग की कि बेरोजगार अध्यापकों से बातचीत कर मांगों को तुरंत पूरा करते हुए चालीस हजार पदों को तुरंत भरा जाए और पीड़ित परिवार को मुआवजा दिया जाए। सरकार तथा प्रशासन इस गलती की माफी मांगे व दोषी अधिकारी पर बनती कार्रवाई की जाए। नेताओं ने कहा कि मांगे न मानी तो वह संघर्ष तेज करेंगे।
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साथ ही मांग की कि पीड़ित परिवार को मुआवजा दिया जाए औरा शिक्षा विभाग में खाली चालीस हजार पदों को तुरंत भरा जाए। नेताओं ने कहा कि बठिंडा प्रशासन की ओर से चिल्ड्रेन पार्क में चल रहे शांति पूर्वक धरने पर बड़ी गिनती में बेरोजगार अध्यापकों को गिरफ्तार करने के अलावा पूरे शहर को सील कर दिया गया। विभिन्न जगहों पर अध्यापकों को नजरबंद कर दिया गया।
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अध्यापकों को अपने पारिवारिक मैंबरों से संपर्क भी नहीं करने दिया गया। इन अध्यापकों में एक सिविल लाइन पुलिस स्टेशन में गिरफ्तार किए उच्च शिक्षा प्राप्त बेरोजगार अध्यापक संदीप सिंह फाजिल्का को उसके बार बार मिन्नत करने के बावजूद भी घर पर बीमार पड़ी आठ साल की बेटी जपनीत का पता लेने के लिए फोन पर बात नहीं कराई गई। बच्ची का सही समय पर इलाज का प्रबंध न होने पर मौत हो गई। नेताओं ने मुख्यमंत्री से मांग की कि बेरोजगार अध्यापकों से बातचीत कर मांगों को तुरंत पूरा करते हुए चालीस हजार पदों को तुरंत भरा जाए और पीड़ित परिवार को मुआवजा दिया जाए। सरकार तथा प्रशासन इस गलती की माफी मांगे व दोषी अधिकारी पर बनती कार्रवाई की जाए। नेताओं ने कहा कि मांगे न मानी तो वह संघर्ष तेज करेंगे।
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