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एसबीआई में विलय के खिलाफ धरना-प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
Updated Thu, 16 Jun 2016 09:32 PM IST
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प्रदर्शन
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एसोसिएट बैंकों के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में विलय प्रस्ताव के खिलाफ वीरवार को मुलाजिमों ने मिलरगंज में प्रदर्शन किया। स्टेट सेक्टर बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के बैनर तले मुलाजिमों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। मुलाजिमों ने साफ किया कि इस प्रस्ताव का हर हाल में विरोध किया जाएगा।
प्रदर्शन में ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ पटियाला इंप्लाइज फेडरेशन के वाइस प्रेसिडेंट अशोक मल्हन, पवन ठाकुर, हरविंदर सिंह, राजेश वर्मा और अश्वनी सिंगला समेत कई नेताओं ने अपने विचार रखे।
मल्हन ने कहा कि 15 जून 2016 को केंद्र सरकार ने पांच सहयोगी बैंकों के भारतीय स्टेट बैंक में विलय के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। पांच सहयोगी बैंकों में स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर (एसबीटी), स्टेट बैंक ऑफ मैसूर (एसबीएम), स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद (एसबीएच), स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर (एसबीबीजे) और स्टेट बैंक ऑफ पटियाला (एसबीपी) शामिल हैं।
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संगठन पहले ही यह मांग कर रहा है कि विलय का इरादा त्याग कर सहयोगी बैंकों को भारतीय स्टेट बैंक से अलग करने के बारे में विचार करना चाहिए। सहयोगी बैंकों को बंद करके उनका विलय भारतीय स्टेट बैंक में विलय करने का प्रस्ताव अवांछनीय है। सहयोगी बैंक अपने क्षेत्र में बहुत अच्छे ढंग से कार्य कर रहे हैं। इस अवसर पर कई बैंक मुलाजिम मौजूद रहे।
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प्रदर्शन में ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ पटियाला इंप्लाइज फेडरेशन के वाइस प्रेसिडेंट अशोक मल्हन, पवन ठाकुर, हरविंदर सिंह, राजेश वर्मा और अश्वनी सिंगला समेत कई नेताओं ने अपने विचार रखे।
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मल्हन ने कहा कि 15 जून 2016 को केंद्र सरकार ने पांच सहयोगी बैंकों के भारतीय स्टेट बैंक में विलय के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। पांच सहयोगी बैंकों में स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर (एसबीटी), स्टेट बैंक ऑफ मैसूर (एसबीएम), स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद (एसबीएच), स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर (एसबीबीजे) और स्टेट बैंक ऑफ पटियाला (एसबीपी) शामिल हैं।
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संगठन पहले ही यह मांग कर रहा है कि विलय का इरादा त्याग कर सहयोगी बैंकों को भारतीय स्टेट बैंक से अलग करने के बारे में विचार करना चाहिए। सहयोगी बैंकों को बंद करके उनका विलय भारतीय स्टेट बैंक में विलय करने का प्रस्ताव अवांछनीय है। सहयोगी बैंक अपने क्षेत्र में बहुत अच्छे ढंग से कार्य कर रहे हैं। इस अवसर पर कई बैंक मुलाजिम मौजूद रहे।