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सिविल अस्पताल में गर्भवती महिला का ऑपरेशन कर पेट में छोड़ा तौलिया
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लुधियाना। सिविल अस्पताल लुधियाना में डॉक्टरों और स्टाफ की घोर लापरवाही सामने आई है। अस्पताल में गर्भवती महिला के ऑपरेशन के दौरान तौलिया पेट में छोड़ दिया गया। महिला की हालत बिगड़ने पर परिजन जबरन उसे रेफर करवा लुधियाना के सीएमसी अस्पताल में लेकर गए। यहां सीटी स्कैन के बाद डॉक्टरों ने बताया कि पेट में कुछ है, इसलिए दोबारा ऑपरेशन करना पड़ेगा। ऑपरेशन के वक्त डॉक्टर हैरान रह गए और पेट से एक तौलिया निकला। इसकी फोटो खींच परिजनों को दिखाई गई। रविवार को पीड़ित महिला के पति ने साथियों के साथ सिविल अस्पताल में धरना दिया।
शिमलापुरी निवासी अरविंदर सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी आशा कौर गर्भवती थी। डिलीवरी के लिए वह सात दिसंबर को सिविल अस्पताल लुधियाना लेकर आए थे। आठ दिसंबर को डॉक्टर ने कहा कि बच्चा बड़े ऑपरेशन से करना पड़ेगा। आठ दिसंबर को बड़े ऑपरेशन के बाद बेटे का जन्म हुआ। कुछ समय बाद पत्नी के पेट में ज्यादा दर्द होने लगा और फूलने लगा। उसने तुरंत महिला डॉक्टर को बताया तो उसने इंजेक्शन लगा दिया। इसके फौरन बाद उसकी पत्नी सो गई। कुछ देर बाद जैसे ही नींद खुली तो दर्द और तेज हो चुका था। वह दोबारा डॉक्टर के पास गया तो उसने इतना कहा ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है, सब ठीक हो जाएगा। लेकिन पत्नी दर्द से तड़पती रही। दोबारा डॉक्टर ने इतना कहा कि उन्हें भी समझ नहीं आ रहा है कि क्या हो रहा है। 10 दिसंबर तक पत्नी दर्द से ऐसे ही तड़पती रही। 11 दिसंबर को डॉक्टर ने कहा कि उनकी समझ में नहीं आ रहा है, इसलिए पटियाला मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर रहे हैं। उसने पत्नी को पटियाला ले जाने के लिए यह कहते साफ मना कर दिया कि जब आपको पता नहीं चल रहा है तो वहां सरकारी में क्या होगा। वह मर्जी से पत्नी को 11 दिसंबर को सुबह तीन बजे रेफर करवाकर सीएमसी अस्पताल ले गया। वहां डॉक्टर ने जांच शुरू की और बताया कि पेट में कुछ है, इसलिए दोबारा ऑपरेशन करना पड़ेगा।
12 दिसंबर को दोपहर दो बजे सीएमसी में ऑपरेशन दोबारा किया तो पेट से एक तौलिया निकला। अभी पत्नी व बच्चा सीएमसी में उपचारधीन है। सिविल अस्पताल के स्टाफ के कारण उसकी पत्नी की जिंदगी खतरे में पड़ गई थी। उन्होंने सिविल अस्पताल स्थित पुलिस चौकी मेें लिखित शिकायत दर्ज करवाई है। वहीं सेहत विभाग के अधिकारियों को भी कार्रवाई के लिए शिकायत दी है।
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कोट
परिजनों के आरोपों की जांच की जाएगी, इसके लिए सीएमसी से पूरी रिपोर्ट को मंगवाया जाएगा। जांच करने के बाद आगे कार्रवाई होगी।
-डॉ. अमरजीत कौर, एसएमओ सिविल अस्पताल
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शिमलापुरी निवासी अरविंदर सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी आशा कौर गर्भवती थी। डिलीवरी के लिए वह सात दिसंबर को सिविल अस्पताल लुधियाना लेकर आए थे। आठ दिसंबर को डॉक्टर ने कहा कि बच्चा बड़े ऑपरेशन से करना पड़ेगा। आठ दिसंबर को बड़े ऑपरेशन के बाद बेटे का जन्म हुआ। कुछ समय बाद पत्नी के पेट में ज्यादा दर्द होने लगा और फूलने लगा। उसने तुरंत महिला डॉक्टर को बताया तो उसने इंजेक्शन लगा दिया। इसके फौरन बाद उसकी पत्नी सो गई। कुछ देर बाद जैसे ही नींद खुली तो दर्द और तेज हो चुका था। वह दोबारा डॉक्टर के पास गया तो उसने इतना कहा ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है, सब ठीक हो जाएगा। लेकिन पत्नी दर्द से तड़पती रही। दोबारा डॉक्टर ने इतना कहा कि उन्हें भी समझ नहीं आ रहा है कि क्या हो रहा है। 10 दिसंबर तक पत्नी दर्द से ऐसे ही तड़पती रही। 11 दिसंबर को डॉक्टर ने कहा कि उनकी समझ में नहीं आ रहा है, इसलिए पटियाला मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर रहे हैं। उसने पत्नी को पटियाला ले जाने के लिए यह कहते साफ मना कर दिया कि जब आपको पता नहीं चल रहा है तो वहां सरकारी में क्या होगा। वह मर्जी से पत्नी को 11 दिसंबर को सुबह तीन बजे रेफर करवाकर सीएमसी अस्पताल ले गया। वहां डॉक्टर ने जांच शुरू की और बताया कि पेट में कुछ है, इसलिए दोबारा ऑपरेशन करना पड़ेगा।
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12 दिसंबर को दोपहर दो बजे सीएमसी में ऑपरेशन दोबारा किया तो पेट से एक तौलिया निकला। अभी पत्नी व बच्चा सीएमसी में उपचारधीन है। सिविल अस्पताल के स्टाफ के कारण उसकी पत्नी की जिंदगी खतरे में पड़ गई थी। उन्होंने सिविल अस्पताल स्थित पुलिस चौकी मेें लिखित शिकायत दर्ज करवाई है। वहीं सेहत विभाग के अधिकारियों को भी कार्रवाई के लिए शिकायत दी है।
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परिजनों के आरोपों की जांच की जाएगी, इसके लिए सीएमसी से पूरी रिपोर्ट को मंगवाया जाएगा। जांच करने के बाद आगे कार्रवाई होगी।
-डॉ. अमरजीत कौर, एसएमओ सिविल अस्पताल