फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Ludhiana News ›   Political activity intensifies in Raikot MLA claims development Congress raises questions on law order

रायकोट में सियासी हलचल तेज: विधायक का विकास का दावा, कांग्रेस ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

Mon, 14 Sep 2026 09:31 AM IST
Nivedita कंवरपाल, संवाद, हलवारा
कंवरपाल, संवाद, हलवारा Published by: Nivedita Updated Mon, 14 Sep 2026 09:31 AM IST
सार

2027 का चुनाव रायकोट के लिए खास होने जा रहा है, क्योंकि मुकाबला अब सिर्फ कांग्रेस और अकाली दल तक सीमित नहीं है। आम आदमी पार्टी लगातार तीसरी जीत दर्ज करने के इरादे से उतरेगी। अकाली दल वारिस पंजाब दे की एंट्री ने अकाली खेमे की चिंता बढ़ा दी है।

विज्ञापन
Political activity intensifies in Raikot MLA claims development Congress raises questions on law order
रायकोट विधानसभा सीट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब पुनर्गठन के बाद से रायकोट विधानसभा सीट ने प्रदेश की बदलती राजनीति के कई दौर देखे हैं। 2017 में आम आदमी पार्टी ने यहां पहली बार जीत दर्ज कर राजनीतिक समीकरण बदल दिए थे। 2022 में पार्टी ने लगातार दूसरी जीत हासिल कर अपना प्रभाव और मजबूत किया।
विज्ञापन


अब 2027 के विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी हैट्रिक लगाने की कोशिश में होगी। वहीं अन्य दलों ने भी सक्रियता बढ़ा दी है। यहां आगामी विधानसभा चुनाव में बहुकोणीय मुकाबला होने के संकेत मिल रहे हैं।
विज्ञापन


चुनावी इतिहास
2017 के चुनाव में आम आदमी पार्टी के जगतार सिंह जग्गा हिस्सोवाल ने कांग्रेस के अमर सिंह बोपाराय को हराया था। 2022 में आम आदमी पार्टी ने हाकम सिंह ठेकेदार को मैदान में उतारा। उन्होंने कांग्रेस के कामिल अमर सिंह बोपाराय को करारी शिकस्त दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


2022 के आंकड़ों के अनुसार, हाकम सिंह ठेकेदार को 63,659 वोट मिले। कामिल अमर सिंह बोपाराय को 36,015 वोट प्राप्त हुए। अकाली दल-बसपा के साझा प्रत्याशी बलविंदर सिंह संधू को 8,381 वोट मिले और उनकी जमानत जब्त हो गई।

कुल 1,57,186 मतदाताओं में से 1,13,599 ने मतदान किया था, जो 72.27 फीसदी रहा। रायकोट सीट पर 1967 से 1977 तक लगातार चार बार अकाली दल ने जीत दर्ज की। शुरुआती तीन चुनावों में जगदेव सिंह तलवंडी ने कांग्रेस प्रत्याशियों को मात दी थी। 1977 में उनके भाई देवराज सिंह तलवंडी ने अकाली दल का दबदबा कायम रखा। 1980 में कांग्रेस के जगदेव सिंह जस्सोवाल ने अकाली दल की जीत का सिलसिला तोड़ा। 1992 का चुनाव आतंकवाद के चरम पर हुआ था, जिसमें अकाली दल ने बहिष्कार किया और कांग्रेस के निर्मल सिंह महंत ने जीत दर्ज की। इस चुनाव में मतदान का आंकड़ा बेहद कम रहा था।

विकास के दावे और आरोप
विधायक हाकम सिंह ठेकेदार ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने सभी चुनावी वादे पूरे किए हैं। उन्होंने रायकोट की सड़कों की मरम्मत, हलवारा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के निर्माण और गांवों में खेल मैदानों का जिक्र किया।


उन्होंने दावा किया कि अगले चुनाव में विकास के आधार पर जनता के बीच जाएंगे। दूसरी ओर, कांग्रेस के हलका इंचार्ज कामिल अमर सिंह बोपाराय ने आप सरकार के कार्यकाल को निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में नशे की स्थिति, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार चिंताजनक हो गए हैं। बोपाराय ने आरोप लगाया कि आप सरकार ने पिछली कांग्रेस सरकार के पूरे हो चुके प्रोजेक्टों का श्रेय लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed