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नवनियुक्त आप विधायक और कांग्रेसी पार्षद आमने सामने
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लुधियाना। नगर निगम की बजट मीटिंग के दौरान सोमवार को काफी हंगामा दिखा। सरकार बनने के बाद पहली बार निगम बजट की मीटिंग में पहुंचे आप के विधायकों ने अपना दबदबा दिखाने की कोशिश की, लेकिन सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों ने आप विधायकों पर ही अपना दबाव बना लिया। सदन में उस समय हंगामा हो गया जब कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु को हराकर विधानसभा पहुंचे उनके पुराने साथी गुरप्रीत गोगी ने चापलूसों के साथ-साथ चोर शब्द इस्तेमाल किए तो मेयर अपनी कुर्सी से खड़े हो गए।
उन्होंने विधायक गुरप्रीत गोगी को अपनी मर्यादा में रहने की चेतावनी दे डाली। इतना ही नहीं सभी कांग्रेसी पार्षद तो मेयर के हक में खड़े हुए ही साथ ही विपक्षी पार्टियों के पार्षद भी विधायक गुरप्रीत गोगी के खिलाफ खड़े हो गए। इसके बाद आप विधायक एक-दूसरे को चुप कराते दिखाई दिए। मगर सभी पार्षदों के दबाव में गुरप्रीत गोगी ने बाद में अपने शब्द वापस लेने पड़े। बाद में उन्होंने सफाई दी कि वह किसी की मर्यादा के खिलाफ नहीं है, बल्कि शहर के विकास के लिए यहां पहुंचे हैं।
नगर निगम की मीटिंग में पहुंचने के बाद आप विधायकों ने सभी का धन्यवाद किया तो उसके बाद शून्यकाल शुरू किया गया। इसके बाद सभी पार्षदों ने अपने हलके की परेशानियां बताईं तो आप विधायकों ने एक भी मौका नहीं छोड़ा। वह सत्ताधारी और पिछली सरकार पर लगातार तंज कसते रहे। इस पर मेयर ने भी पूरे ठोक कर जवाब दिए और साथ ही मर्यादा का भी ख्याल रखा। शुरुआत में सेंट्रल से विधायक अशोक पराशर पप्पी और वार्ड 52 से कांग्रेसी पार्षद गुरदीप सिंह नीटू आमने सामने हुए, उनमें कहासुनी हुई। इसके बाद पूर्वी से विधायक दलजीत सिंह गरेवाल भोला ने जब सड़कों के आसपास टाइलों में गड़बड़ी की बात की तो पार्षद विनीत भाटिया खड़े हो गए। इस पर भोला ने कहा कि उन्होंने किसी को टारगेट नहीं किया वह खुद ही स्वयं को टारगेट कर रहे हैं। इसके बाद हलका उत्तरी से विधायक मदन लाल के खिलाफ पार्षद प्रेम लता खड़ी हो गईं और उन्होंने ट्यूबवेल के उद्घाटन को लेकर काफी खरी खोटी सुना डाली। इसके बाद मदन लाल को भी हाथ जोड़ने पड़े।
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बिना नाम लिए आशु को टारगेट करते रहे गोगी
नगर निगम की मीटिंग के दौरान कई तरह के पहलु सामने आए। पिछले कई सालों से पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु से नाराज चल रहे गुरप्रीत गोगी ने आम आदमी पार्टी ज्वाइन करने के बाद उन्हें चुनाव में हराया। जब सोमवार को वह मीटिंग में पहुंचे तो उन्होंने कई बार पूर्व कैबिनेट मंत्री का नाम लिए बगैर उन्हें टारगेट किया। वह कभी मेयर को दबा हुआ कहते रहे तो कभी पार्षदों की न सुनने वाली सरकार कहते रहे। रेवेन्यू को लेकर भी गुरप्रीत गोगी ने मेयर को सुनाया तो दोनों में तीखी झड़प हो गई। इसके बाद सभी पार्षद मेयर के हक में खड़े हो गए और काफी हंगामा हो गया। बात हाथापाई तक पहुंच गई। वहां मौजूद पुलिस को स्टेज पर पहुंचना पड़ा और बीच बचाव कराना पड़ा।
ममता आशु रही गैरहाजिर, आशु खेमे के पार्षद भी रहे खामोश
नगर निगम में जब भी कोई मीटिंग होती थी तो पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु की पत्नी पार्षद ममता आशु सबसे आगे बैठी होती थी और सबसे ज्यादा वह ही बोलती थी। कुछ समय पहले विधानसभा चुनाव में हार का सामना करने के बाद ममता आशु सोमवार को हुई मीटिंग में नहीं पहुंचीं। पार्षद सन्नी भल्ला मीटिंग में आए और कुछ समय बाद पार्षद राजी के साथ वहां से चले गए।
एक दूसरे पर डायलॉग से वार करते रहे मेयर और विधायक गोगी
हंगामा होने के बाद मेयर और नवनियुक्त पार्षद गुरप्रीत गोगी एक दूसरे पर गानों के डायलॉग को लेकर वार करते रहे। गुस्साए मेयर ने आप विधायक को जहां मर्यादा में रहने की चेतावनी दे डाली वहीं गाने का डायलॉग बोल उन्हें चुप कराया। मेयर बोले कि ‘दो कदम घट तुरना पर तुरना मनक दे नाल’, वहीं दूसरी तरफ से विधायक गुरप्रीत गोगी ने भी जवाब दिया कि ‘तेरे यार नूं दबन नू फिरदे सी पर दबदा कित्थे आ’। इसके बाद सभी विधायकों ने जहां गोगी को चुप कराया तो वहीं पार्षदों ने मेयर के हक में स्टैंड लेकर आप विधायकों पर दबाव बनाया। (संवाद)
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उन्होंने विधायक गुरप्रीत गोगी को अपनी मर्यादा में रहने की चेतावनी दे डाली। इतना ही नहीं सभी कांग्रेसी पार्षद तो मेयर के हक में खड़े हुए ही साथ ही विपक्षी पार्टियों के पार्षद भी विधायक गुरप्रीत गोगी के खिलाफ खड़े हो गए। इसके बाद आप विधायक एक-दूसरे को चुप कराते दिखाई दिए। मगर सभी पार्षदों के दबाव में गुरप्रीत गोगी ने बाद में अपने शब्द वापस लेने पड़े। बाद में उन्होंने सफाई दी कि वह किसी की मर्यादा के खिलाफ नहीं है, बल्कि शहर के विकास के लिए यहां पहुंचे हैं।
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नगर निगम की मीटिंग में पहुंचने के बाद आप विधायकों ने सभी का धन्यवाद किया तो उसके बाद शून्यकाल शुरू किया गया। इसके बाद सभी पार्षदों ने अपने हलके की परेशानियां बताईं तो आप विधायकों ने एक भी मौका नहीं छोड़ा। वह सत्ताधारी और पिछली सरकार पर लगातार तंज कसते रहे। इस पर मेयर ने भी पूरे ठोक कर जवाब दिए और साथ ही मर्यादा का भी ख्याल रखा। शुरुआत में सेंट्रल से विधायक अशोक पराशर पप्पी और वार्ड 52 से कांग्रेसी पार्षद गुरदीप सिंह नीटू आमने सामने हुए, उनमें कहासुनी हुई। इसके बाद पूर्वी से विधायक दलजीत सिंह गरेवाल भोला ने जब सड़कों के आसपास टाइलों में गड़बड़ी की बात की तो पार्षद विनीत भाटिया खड़े हो गए। इस पर भोला ने कहा कि उन्होंने किसी को टारगेट नहीं किया वह खुद ही स्वयं को टारगेट कर रहे हैं। इसके बाद हलका उत्तरी से विधायक मदन लाल के खिलाफ पार्षद प्रेम लता खड़ी हो गईं और उन्होंने ट्यूबवेल के उद्घाटन को लेकर काफी खरी खोटी सुना डाली। इसके बाद मदन लाल को भी हाथ जोड़ने पड़े।
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बिना नाम लिए आशु को टारगेट करते रहे गोगी
नगर निगम की मीटिंग के दौरान कई तरह के पहलु सामने आए। पिछले कई सालों से पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु से नाराज चल रहे गुरप्रीत गोगी ने आम आदमी पार्टी ज्वाइन करने के बाद उन्हें चुनाव में हराया। जब सोमवार को वह मीटिंग में पहुंचे तो उन्होंने कई बार पूर्व कैबिनेट मंत्री का नाम लिए बगैर उन्हें टारगेट किया। वह कभी मेयर को दबा हुआ कहते रहे तो कभी पार्षदों की न सुनने वाली सरकार कहते रहे। रेवेन्यू को लेकर भी गुरप्रीत गोगी ने मेयर को सुनाया तो दोनों में तीखी झड़प हो गई। इसके बाद सभी पार्षद मेयर के हक में खड़े हो गए और काफी हंगामा हो गया। बात हाथापाई तक पहुंच गई। वहां मौजूद पुलिस को स्टेज पर पहुंचना पड़ा और बीच बचाव कराना पड़ा।
ममता आशु रही गैरहाजिर, आशु खेमे के पार्षद भी रहे खामोश
नगर निगम में जब भी कोई मीटिंग होती थी तो पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु की पत्नी पार्षद ममता आशु सबसे आगे बैठी होती थी और सबसे ज्यादा वह ही बोलती थी। कुछ समय पहले विधानसभा चुनाव में हार का सामना करने के बाद ममता आशु सोमवार को हुई मीटिंग में नहीं पहुंचीं। पार्षद सन्नी भल्ला मीटिंग में आए और कुछ समय बाद पार्षद राजी के साथ वहां से चले गए।
एक दूसरे पर डायलॉग से वार करते रहे मेयर और विधायक गोगी
हंगामा होने के बाद मेयर और नवनियुक्त पार्षद गुरप्रीत गोगी एक दूसरे पर गानों के डायलॉग को लेकर वार करते रहे। गुस्साए मेयर ने आप विधायक को जहां मर्यादा में रहने की चेतावनी दे डाली वहीं गाने का डायलॉग बोल उन्हें चुप कराया। मेयर बोले कि ‘दो कदम घट तुरना पर तुरना मनक दे नाल’, वहीं दूसरी तरफ से विधायक गुरप्रीत गोगी ने भी जवाब दिया कि ‘तेरे यार नूं दबन नू फिरदे सी पर दबदा कित्थे आ’। इसके बाद सभी विधायकों ने जहां गोगी को चुप कराया तो वहीं पार्षदों ने मेयर के हक में स्टैंड लेकर आप विधायकों पर दबाव बनाया। (संवाद)