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Ludhiana News: पंजाब पुलिस के नए सब इंस्पेक्टरों ने मेडिको लीगल की ट्रेनिंग ली

Sat, 20 Jul 2024 10:46 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना Updated Sat, 20 Jul 2024 10:46 PM IST
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New sub inspectors of Punjab Police took medico legal training
मोर्चरी में लाइव देखा पोस्टमार्टम, शव की हालत देखकर अपराध की पहचान करना सीखा
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संवाद न्यूज एजेंसी

लुधियाना। हत्या हो या खुदकुशी, सड़क दुघर्टना हो या कोई आपराधिक घटना इन मामलों में जांच का पूरा दारोमदार इस बात पर निर्भर होता है कि पुलिस अधिकारी मामले की जांच में कितने कुशल हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए पंजाब पुलिस अकादमी फिल्लौर ने नए भर्ती हुए करीब 600 सब इंस्पेक्टरों को मेडिको लीगल की ट्रेनिंग देने और शव की हालत देखकर अपराध की पहचान करना सिखाने के लिए सिविल अस्पताल लुधियाना भेजा है।

पिछले 10 दिन से रोजाना 45 से 50 सब इंस्पेक्टरों का बैच सिविल अस्पताल पहुंच रहा है। यहां फोरेंसिक मेडिसिन के विशेषज्ञ डॉ. चरण कमल सिंह मोर्चरी में लाइव पोस्टमार्टम दिखाकर पोस्टमार्टम और मेडिको लीगल की बारीकियां समझा रहे हैं, ताकि जो इन पुलिस कर्मियों को मेडिकल लीगल केसों की जांच में निपुण बनाया जा सके। पोस्टमार्टम के दौरान सब इंस्पेक्टरों को बताया जा रहा है कि वे शव की जांच और शरीर पर मौजूद निशान देखकर किस तरह अपनी जांच को आगे बढ़ाते हुए सही निष्कर्ष तक पहुंच सकते हैं।
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घटना से पहले व बाद की चोट की पहचान करना, गला घोंटकर की हत्या व फांसी से बने निशान में फर्क, एमएलआर में लिखे शब्दों के अर्थ व इनके मुताबिक बनती धाराएं लगाने के अलावा प्रोजेक्टर से शवों का लाइव पोस्टमार्टम दिखाया जा रहा है। पीएपी फिल्लौर की फोरेंसिक टीचर गगनदीप कौर और हरजिंदर सिंह ने बताया कि इन पुलिस कर्मियों ने ट्रेनिंग पूरी होने के बाद फील्ड में काम करना है। इसलिए पुलिस कर्मियों को शव की जांच करना सिखाया जा रहा है, जोकि पुलिस को आपराधिक मामले की जांच को आगे बढ़ाने में मदद करती है। इस दौरान अंदरूनी और बाहरी चोट की पहचान भी बताई जा रही है, जो कि डॉक्टर अक्सर पोस्टमार्टम के समय देखते हैं। यह प्रशिक्षण इस बात को भी सुनिश्चित करता है कि पुलिस और डॉक्टरों की रिपोर्ट के बीच कोई तकनीकी अंतर न आए।
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फोटो: मोर्चरी से पोस्टमार्टम देख बाहर आते सब इंस्पेक्टर।
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