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प्रदेश में नए सियासी विकल्प की जरूरत ः परमिंदर ढींढसा
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सुनाम में पत्रकारों से बातचीत करते पूर्व वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा। संवाद
- फोटो : SANGOOR
संवाद न्यूज एजेंसी
सुनाम ऊधम सिंह वाला (संगरूर)। पूर्व वित्त मंत्री व अकाली दल डेमोक्रेटिक के नेता परमिंदर सिंह ढींढसा ने शुक्रवार को कहा कि निकाय चुनाव में जीतने के लिए कांग्रेस ने हरेक हथकंडा अपनाया है। उन्होंने कहा कि प्रमुख सियासी दलों की नाकामी और सरकार की धक्केशाही ने संदेश दिया है कि सूबे को एक नए सियासी विकल्प की अहम जरूरत है। ढींढसा पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
पूर्व वित्त मंत्री ने बताया नए सियासी विकल्प की जरूरत को समझते हुए एक फ्रंट तैयार किया जाएगा, जिसमें अकाली दल, भाजपा व कांग्रेस को छोड़कर अन्य सभी पंजाब हितैषी दलों को एक मंच पर लाने की पहल की जाएगी। ढींढसा ने आरोप लगाते हुए कहा कि निकाय चुनाव में जनता को डराया, धमकाया गया और धक्के से नामांकन रद्द कराकर कांग्रेस ने भारी जीत दर्ज की है। इससे भी दुर्भाग्यपूर्ण पहलू यह रहा कि पंजाब के कई प्रमुख सियासी दलों की कारगुजारी बेहद निराशाजनक रही है।
अकाली दल ने सबसे ज्यादा निराश किया है। बढ़ रही महंगाई पर ढींढसा ने कहा कि केंद्र के अलावा सूबे की सरकारें भी इसके लिए जिम्मेदार हैं। दोनों सरकारों को टैक्स में कटौती करनी चाहिए। कोरोना की मार से लोग उभर नहीं पाए हैं और ऐसे में तेल व गैस के दाम बढ़ाए जा रहे हैं।
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लोगों को दो वक्त की रोटी जुटाने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। नए कृषि कानूनों को लेकर कृषि मंत्री की ओर से किसानों को बातचीत के दिए निमंत्रण देने के सवाल पर ढींढसा ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के प्रति गंभीर नहीं है। कृषि कानूनों को रद्द करने की किसानों की मांग को केंद्र सरकार स्वीकार करे।
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सुनाम ऊधम सिंह वाला (संगरूर)। पूर्व वित्त मंत्री व अकाली दल डेमोक्रेटिक के नेता परमिंदर सिंह ढींढसा ने शुक्रवार को कहा कि निकाय चुनाव में जीतने के लिए कांग्रेस ने हरेक हथकंडा अपनाया है। उन्होंने कहा कि प्रमुख सियासी दलों की नाकामी और सरकार की धक्केशाही ने संदेश दिया है कि सूबे को एक नए सियासी विकल्प की अहम जरूरत है। ढींढसा पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
पूर्व वित्त मंत्री ने बताया नए सियासी विकल्प की जरूरत को समझते हुए एक फ्रंट तैयार किया जाएगा, जिसमें अकाली दल, भाजपा व कांग्रेस को छोड़कर अन्य सभी पंजाब हितैषी दलों को एक मंच पर लाने की पहल की जाएगी। ढींढसा ने आरोप लगाते हुए कहा कि निकाय चुनाव में जनता को डराया, धमकाया गया और धक्के से नामांकन रद्द कराकर कांग्रेस ने भारी जीत दर्ज की है। इससे भी दुर्भाग्यपूर्ण पहलू यह रहा कि पंजाब के कई प्रमुख सियासी दलों की कारगुजारी बेहद निराशाजनक रही है।
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अकाली दल ने सबसे ज्यादा निराश किया है। बढ़ रही महंगाई पर ढींढसा ने कहा कि केंद्र के अलावा सूबे की सरकारें भी इसके लिए जिम्मेदार हैं। दोनों सरकारों को टैक्स में कटौती करनी चाहिए। कोरोना की मार से लोग उभर नहीं पाए हैं और ऐसे में तेल व गैस के दाम बढ़ाए जा रहे हैं।
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लोगों को दो वक्त की रोटी जुटाने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। नए कृषि कानूनों को लेकर कृषि मंत्री की ओर से किसानों को बातचीत के दिए निमंत्रण देने के सवाल पर ढींढसा ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के प्रति गंभीर नहीं है। कृषि कानूनों को रद्द करने की किसानों की मांग को केंद्र सरकार स्वीकार करे।