लुधियाना में डीसी दफ्तर के बाहर प्रवासियों का धरना, सरेआम उड़ीं सामाजिक दूरी की धज्जियां
राशन और घर जाने का इंतजार कर रहे प्रवासियों में आक्रोश अब हर रोज फूट रहा है। बुधवार को भारी संख्या में प्रवासी सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते हुए डीसी दफ्तर के बाहर पहुंच गए। इतनी संख्या में मजदूरों को देख पुलिस के हाथ पांव फूल गए। आनन-फानन में डीसी दफ्तर के गेट को बंद कर दिया गया।
प्रवासियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और डीसी के नाम पर एक ज्ञापन भेजा। इसके बाद पुलिस ने डीसी दफ्तर के बाहर पहुंचे प्रवासियों को वहां से भेज दिया। हर रोज प्रवासियों के धरना प्रदर्शन से दहशत का माहौल बन रहा है, क्योंकि यह आक्रोश किसी भी समय कोई बड़ा रूप से ले सकता है।
डीसी दफ्तर के बाहर प्रवासी मजदूरों के साथ पहुंचे बसपा जिला प्रधान परगन बिगला का कहना था कि प्रशासन प्रवासियों को सुविधाएं देने में नाकाम साबित हुआ है। इस संबंध में वह समय-समय पर प्रशासनिक अधिकारियों को अगाह करते आ रहे थे। अब प्रवासियों का सब्र टूटता जा रहा है। इसलिए ये सभी सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो रहे हैं। वहीं धरने में शामिल कुछ प्रवासियों को साफ कहना था कि वह अब अपने घर जाना चाहते हैं, उन्हें प्रशासन की तरफ से कोई राशन नहीं मिला है।
यहां तक जहां पर वह काम करते हैं, वहां से भी वेतन नहीं मिला है। उन्होंने बिहार जाना है, प्रशासन उन्हें घर जाने के लिए साधन उपलब्ध करवाए। कुछ प्रवासियों का आरोप था कि जो भी श्रमिक ट्रेनें चलाई गईं हैं, उसमें भेदभाव किया जा रहा है। कुछ मजदूरों की टिकटें छीन कर उनकी जगह अन्य लोगों को भेजा जा रहा है। इसलिए वह अब ज्यादा सहन नहीं कर सकते है। प्रशासन को उन्हें घर भेजने के लिए जल्द इंतजाम करना होगा।