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एसएसए/रमसा अध्यापक यूनियन का मशाल मार्च
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
Updated Sun, 01 May 2016 10:08 PM IST
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लुधियाना में मशाल मार्च निकालते टीचर।
- फोटो : अमर उजाला
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एसएसए/रमसा अध्यापक यूनियन पंजाब की लुधियाना इकाई की ओर से जिला प्रधान अमनदीप सिंह की अगुवाई में निकाला गया। मार्च समराला चौक से शुरू हुआ।
इस मौके पर अकाली भाजपा सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ पर्चे भी बांटे गई। पर्चे के जरिए लोगों को पैगाम दिया गया कि वह अकाली भाजपा सरकार से एसएसए/रमसा अध्यापकों के हक के लिए सवाल जरूर करें और अध्यापकों को जीत की ओर ले जाने में सहयोग दें।
जिला जनरल सेक्रेटरी इकबाल सिंह ग्रेवाल ने बताया कि पिछले आठ साल से सरकार एसएसए/रमसा अधीन सेवा निभा रहे 14000 अध्यापकों को रेगुलर नहीं कर रही। अध्यापकों और आम लोगों की ओर से गांव, शहरों में मशाल मार्च, झंडा मार्च, मीटिंग, साइकिल मार्च करके सरकार की नीतियों के खिलाफ जागरूक किया जा रहा है।
सूबा उप प्रधान राजवीर सिंह ने बताया कि टीवी और अखबारों में झूठे विकास के प्रचार के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने वाली अकाली भाजपा सरकार की ओर से अध्यापकों को पिछले पांच महीनों की तनख्वाह भी नहीं दी गई है। रमसा के अधीन काम कर रहे लैब अटेंडेंटों को भी 14 महीनों से वेतन नहीं मिला है।
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जत्थेबंदियों ने माग की कि सरकार की ओर से अध्यापकों को रेगुलर करने के लिए बनाई हाई पावर कमेटी की रिपोर्ट जल्द सार्वजनिक कर एसएसए/रमसा अध्यापकों, लैब अटेंडेंटों, हैडमास्टरों को पूरी तनख्वाह समेत तुरंत शिक्षा विभाग में रेगुलर किया जाए। मांगें न मानी गई तो संघर्ष को ओर तेज किया जाएगा। इस मौके पर प्रवीण कुमार, शिंगारा सिंह, मनिंदर जोशी, जसप्रीत कौर, नवनीत कौर, राजवंत कौर, मनराज सिंह, विक्रमजीत सिंह, मुकेश कुमार, सनिंदर सिंह और अंकुश शर्मा मौजूद रहे।
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इस मौके पर अकाली भाजपा सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ पर्चे भी बांटे गई। पर्चे के जरिए लोगों को पैगाम दिया गया कि वह अकाली भाजपा सरकार से एसएसए/रमसा अध्यापकों के हक के लिए सवाल जरूर करें और अध्यापकों को जीत की ओर ले जाने में सहयोग दें।
जिला जनरल सेक्रेटरी इकबाल सिंह ग्रेवाल ने बताया कि पिछले आठ साल से सरकार एसएसए/रमसा अधीन सेवा निभा रहे 14000 अध्यापकों को रेगुलर नहीं कर रही। अध्यापकों और आम लोगों की ओर से गांव, शहरों में मशाल मार्च, झंडा मार्च, मीटिंग, साइकिल मार्च करके सरकार की नीतियों के खिलाफ जागरूक किया जा रहा है।
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सूबा उप प्रधान राजवीर सिंह ने बताया कि टीवी और अखबारों में झूठे विकास के प्रचार के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने वाली अकाली भाजपा सरकार की ओर से अध्यापकों को पिछले पांच महीनों की तनख्वाह भी नहीं दी गई है। रमसा के अधीन काम कर रहे लैब अटेंडेंटों को भी 14 महीनों से वेतन नहीं मिला है।
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जत्थेबंदियों ने माग की कि सरकार की ओर से अध्यापकों को रेगुलर करने के लिए बनाई हाई पावर कमेटी की रिपोर्ट जल्द सार्वजनिक कर एसएसए/रमसा अध्यापकों, लैब अटेंडेंटों, हैडमास्टरों को पूरी तनख्वाह समेत तुरंत शिक्षा विभाग में रेगुलर किया जाए। मांगें न मानी गई तो संघर्ष को ओर तेज किया जाएगा। इस मौके पर प्रवीण कुमार, शिंगारा सिंह, मनिंदर जोशी, जसप्रीत कौर, नवनीत कौर, राजवंत कौर, मनराज सिंह, विक्रमजीत सिंह, मुकेश कुमार, सनिंदर सिंह और अंकुश शर्मा मौजूद रहे।