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रिफ्लेक्टर के खिलाफ मोदी को पत्र
Updated Tue, 23 Aug 2016 09:51 PM IST
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साइकिल
- फोटो : Demo Pic.
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सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी कमेटी ने एक सितंबर से प्रति साइकिल दस रिफ्लेक्टर लगाना अनिवार्य कर दिया है। इसके खिलाफ बाइसाइकिल मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन (आईबीएमए) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास राहत की गुहार लगाई है। सभी तर्कों के साथ एसोसिएशन ने साफ किया है कि इस फरमान से छोटे उद्यमी बर्बाद हो जाएंगे।
तर्क दिया गया है कि विशेष तरह के रिफ्लेक्टर देश में नहीं बनते, लिहाजा उनका चीन से आयात करना होगा। इससे चीन की एक कंपनी को 300 करोड़ का लाभ होगा। मेक इन इंडिया को बढ़ावा देते हुए इंडस्ट्री रिफ्लेक्टरों का उत्पादन देश में करने के रास्ते तलाश रही है, ऐसे में आईबीएमए ने पीएम से रिफ्लेक्टर लगाने की समय सीमा एक साल बढ़ाने की मांग की है।
आईबीएमए के प्रधान आरडी शर्मा ने पत्र के जरिए प्रधानमंत्री से इसमें हस्तक्षेप करने की मांग की है। शर्मा का तर्क है कि रोड सेफ्टी कमेटी ने जिन मानकों के रिफ्लेक्टरों को अनिवार्य किया है, फिलहाल उनका देश में उत्पादन नहीं किया जा रहा है। उत्पादन तकनीक हासिल करने में वक्त लग जाएगा।
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ऐसे में उद्योग को केवल चीन से आयात पर निर्भर रहना होगा। चीन में भी सिर्फ एक ही कंपनी ऐसे रिफ्लेक्टर बना रही है। उन्होंने कहा कि चीन से रिफ्लेक्टर आयात करके मेक इन इंडिया के मिशन को झटका लगेगा। दूसरे इससे साइकिल बनाने वाले कई छोटे यूनिट बंद हो जाएंगे। सभी के लिए आयात करना संभव नहीं है। इससे बेरोजगारी बढ़ेगी।
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तर्क दिया गया है कि विशेष तरह के रिफ्लेक्टर देश में नहीं बनते, लिहाजा उनका चीन से आयात करना होगा। इससे चीन की एक कंपनी को 300 करोड़ का लाभ होगा। मेक इन इंडिया को बढ़ावा देते हुए इंडस्ट्री रिफ्लेक्टरों का उत्पादन देश में करने के रास्ते तलाश रही है, ऐसे में आईबीएमए ने पीएम से रिफ्लेक्टर लगाने की समय सीमा एक साल बढ़ाने की मांग की है।
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आईबीएमए के प्रधान आरडी शर्मा ने पत्र के जरिए प्रधानमंत्री से इसमें हस्तक्षेप करने की मांग की है। शर्मा का तर्क है कि रोड सेफ्टी कमेटी ने जिन मानकों के रिफ्लेक्टरों को अनिवार्य किया है, फिलहाल उनका देश में उत्पादन नहीं किया जा रहा है। उत्पादन तकनीक हासिल करने में वक्त लग जाएगा।
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ऐसे में उद्योग को केवल चीन से आयात पर निर्भर रहना होगा। चीन में भी सिर्फ एक ही कंपनी ऐसे रिफ्लेक्टर बना रही है। उन्होंने कहा कि चीन से रिफ्लेक्टर आयात करके मेक इन इंडिया के मिशन को झटका लगेगा। दूसरे इससे साइकिल बनाने वाले कई छोटे यूनिट बंद हो जाएंगे। सभी के लिए आयात करना संभव नहीं है। इससे बेरोजगारी बढ़ेगी।