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लुधियाना में फिरौती के दो लाख रुपये न देने पर अगवा बच्चे की हत्या, दो पड़ोसियों ने ही की वारदात
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अमित कुमार की फाइल फोटो।
- फोटो : LUDHIANA
लुधियाना। ढंढारी कलां इलाके में दो पड़ोसियों ने दो लाख रुपये फिरौती न देने पर 10 साल के बच्चे की हत्या कर दी। हत्यारोपियों ने उसका शव चंडीगढ़ रोड समराला के पास स्थित नीलो नहर में फेंक दिया। पुलिस ने पिता की शिकायत के बाद आरोपी मुकेश कुमार और विकास के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
मूल रूप से बिहार के जिला गया निवासी अमनिंदर सिंह फोकल प्वाइंट स्थित एक टायर फैक्टरी में काम करते हैं। उनके तीन बच्चे हैं। सबसे बड़ा बेटा अमृत 10 साल का था। वह ढंढारी कलां स्थित दशमेश मार्किट के पास रिपूजन लाल के वेहड़े में दो साल से किराए पर रह रहे हैं।
अमनिंदर ने बताया कि बुधवार सुबह करीब छह बजे पड़ोसी मुकेश ने अमृत को बुलाया। उसने सोचा कि रोजाना अमृत उसके पास खेलने जाता ही है इसलिए उसने बेटे को नहीं रोका। काफी देर बाद तक जब अमृत वापस नहीं आया तो अमनिंदर मुकेश के कमरे में गया। वहां कोई नहीं था। इसके बाद बेटे की तलाश शुरू की गई। जब कुछ पता नहीं चला पुलिस से शिकायत की गई। इस बीच अमनिंदर के पास एक नंबर से फोन आया और बेटे के बदले में दो लाख की फिरौती की मांग की गई। अमनिंदर ने इसकी जानकारी भी पुलिस को दे दी।
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महिला से मिला अपहरण का सुराग
जब काफी समय तक अमृत का पता नहीं चला तो लोगों ने इकट्ठे होकर मुकेश के साथ रहने वाली महिला से पूछताछ की। पहले तो उसने कुछ भी पता होने से इनकार कर दिया। बाद में बताया कि बच्चे को मुकेश और उसका दोस्त विकास लेकर गए हैं। लोगों ने यह जानकारी दी तो पुलिस पड़ताल में जुट गई। महिला की निशानदेही पर दोनों आरोपियों को बृहस्पतिवार को इलाके से ही गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि उन्होंने दो लाख रुपये फिरौती मांगी थी, लेकिन परिवार ने पुलिस में शिकायत कर दी। इस कारण उन्होंने बच्चे को मारकर नहर में फेंक दिया।
क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी
एडीसीपी 4 आईपीएस अधिकारी तुषार गुप्ता ने बताया कि अभी तक बच्चे के शव का पता नहीं चल पाया है। आरोपियों ने फिरौती के लिए ही बच्चे को अगवा किया था।
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मूल रूप से बिहार के जिला गया निवासी अमनिंदर सिंह फोकल प्वाइंट स्थित एक टायर फैक्टरी में काम करते हैं। उनके तीन बच्चे हैं। सबसे बड़ा बेटा अमृत 10 साल का था। वह ढंढारी कलां स्थित दशमेश मार्किट के पास रिपूजन लाल के वेहड़े में दो साल से किराए पर रह रहे हैं।
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अमनिंदर ने बताया कि बुधवार सुबह करीब छह बजे पड़ोसी मुकेश ने अमृत को बुलाया। उसने सोचा कि रोजाना अमृत उसके पास खेलने जाता ही है इसलिए उसने बेटे को नहीं रोका। काफी देर बाद तक जब अमृत वापस नहीं आया तो अमनिंदर मुकेश के कमरे में गया। वहां कोई नहीं था। इसके बाद बेटे की तलाश शुरू की गई। जब कुछ पता नहीं चला पुलिस से शिकायत की गई। इस बीच अमनिंदर के पास एक नंबर से फोन आया और बेटे के बदले में दो लाख की फिरौती की मांग की गई। अमनिंदर ने इसकी जानकारी भी पुलिस को दे दी।
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महिला से मिला अपहरण का सुराग
जब काफी समय तक अमृत का पता नहीं चला तो लोगों ने इकट्ठे होकर मुकेश के साथ रहने वाली महिला से पूछताछ की। पहले तो उसने कुछ भी पता होने से इनकार कर दिया। बाद में बताया कि बच्चे को मुकेश और उसका दोस्त विकास लेकर गए हैं। लोगों ने यह जानकारी दी तो पुलिस पड़ताल में जुट गई। महिला की निशानदेही पर दोनों आरोपियों को बृहस्पतिवार को इलाके से ही गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि उन्होंने दो लाख रुपये फिरौती मांगी थी, लेकिन परिवार ने पुलिस में शिकायत कर दी। इस कारण उन्होंने बच्चे को मारकर नहर में फेंक दिया।
क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी
एडीसीपी 4 आईपीएस अधिकारी तुषार गुप्ता ने बताया कि अभी तक बच्चे के शव का पता नहीं चल पाया है। आरोपियों ने फिरौती के लिए ही बच्चे को अगवा किया था।