{"_id":"a2e85059ed7b5d37f31e1039405d8320","slug":"judo-association-election-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जूडो एसोसिएशन चुनाव - बराड़ और बाजवा ने खुद को चुने जाने का दावा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जूडो एसोसिएशन चुनाव - बराड़ और बाजवा ने खुद को चुने जाने का दावा
ब्यूरो, अमर उजाला/लुधियाना
Updated Sun, 06 Dec 2015 10:25 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोजपुर रोड स्थित स्थानीय होटल में रविवार को करवाए गए पंजाब जूडो एसोसिएशन के चुनाव में प्रधान पद पर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। चरणजीत सिंह बराड़ और प्रताप सिंह बाजवा दोनों खुद को प्रधान मान रहे हैं। चरणजीत सिंह बराड़ ने खुद को वोटिंग के जरिए प्रधान बनने का दावा किया है। जबकि प्रताप सिंह बाजवा ने जूडो फेडरेशन ऑफ इंडिया और पंजाब ओलंपिक्स एसोसिएशन की निगरानी में संयुक्त रुप से प्रधान चुने जाने का दावा किया है।
बराड़ ने बताया कि उन्हें 40 में से 33 वोट मिले हैं। राज्य के करीब 17 जिलों की एसोसिएशनों ने इस चुनाव में हिस्सा लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान बाजवा पद न छोड़ने पर अड़े रहे। जबकि प्रधान चुनने का फैसला स्पोर्ट्स मैन को करने देने का प्रस्ताव भी रखा। बराड़ ने बताया कि बाजवा ने 13 साल में एक भी मीटिंग अटैंड नहीं की है। दो बार इलेक्शन हुए जिसमें शामिल न होकर वे खुद ही प्रधान बन गए। उन्होंने कहा कि चुनाव तो हो गए हैं और लोगों ने उन्हें प्रधान बनाया है। बाकी फैसला ओलंपिक एसोसिएशन के हाथ है।
वहीं बाजवा ने कहा कि जूडो फेडरेशन ऑफ इंडिया और पंजाब ओलंपिक्स एसोसिएशन की निगरानी में पंजाब जूडो फेडरेशन के पदाधिकारियों के लिए करवाए गए चुनाव में सर्वसम्मति से उन्हें चौथी बार प्रधान चुना गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसपी परमजीत सिंह पन्नू, एसीपी गुरप्रीत पुरेवाल, एसीपी रुपिंदर सरां, एसएचओ बेअंत जुनेजा, एडिशनल एसएचओ नवदीप समेत अन्य पुलिस कर्मचारियों ने मौके पर आकर लोगों को धमकाया। उन्होंने लोगों को मजबूर कर उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के ओएसडी चरणजीत सिंह बराड़ को प्रधान चुनने को कहा। बाजवा ने कहा कि कमेटी की ओर से कहा गया था कि दोनों पार्टी आपस में मिलकर फैसला कर लें कि प्रधान कौन बनना चाहता है। सर्वसम्मति से प्रधान चुने जाने के बाद वह वहां से चले गए थे। चरणजीत सिंह बराड़ होटल के ऊपर कमरे में जाकर फर्जी चुनाव किए और खुद को प्रधान घोषित कर पदों की नियुक्ति शुरू कर दी। ये सब उन्होंने पुलिस के दम पर किया है।
विज्ञापन
बराड़ ने नियुक्त किए पदाधिकारी
बराड़ ने बताया कि जालंधर जूडो डिस्ट्रिक्ट एसोसिएशन के अभिजिंदर सिंह को पीजीए का महासचिव, सुदेश अग्निहोत्री को वरिष्ठ उप प्रधान, चमन लाल शर्मा, गुरप्रीत सिंह, ओंकार सिंह नागी, अरविंदर सिंह सिकंद उप प्रधान चुने गए। वहीं डीएस डाली का कानूनी एडवाइजर के रुप में चुनाव हुआ। वहीं डॉ. सतपाल कौर, प्रवीण ठाकुर, सूरज भारद्वाज, नीरज जिंदल को ज्वाइंट सचिव, कुलदीप सिंह विर्क को खजांची, रणजीत सिंह ठारू, जीएस भल्ला, लखविंद्रपाल सिंह, भगत सिंह, सरताज सिंह, सुखदीप सिंह को एग्जीक्यूटिव सदस्य चुना गया है। जूडो फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा एनएस ठाकुर और पंजाब स्टेट स्पोर्ट्स काउंसिल के रुपिंदर सिंह को चुनाव के दौरान नियुक्त किया गया। इस दौरान टेक्निकल कमेटी में जीवन शर्मा, सतपाल राणा, राकेश सिंह, नरिंदर सिंह टेक्निकल एडवाइजर, किशोर कुमार, सुरिंदर सिंह, हरबंस सिंह, कर्मजीत सिंह, कुलविंदर कौर, शालू मौदगिल, संजीव शर्मा, हरजिंदर सिंह, परमजीत सिंह और हरजिंदर सिंह साकी को चुना गया।
विज्ञापन
बराड़ ने बताया कि उन्हें 40 में से 33 वोट मिले हैं। राज्य के करीब 17 जिलों की एसोसिएशनों ने इस चुनाव में हिस्सा लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान बाजवा पद न छोड़ने पर अड़े रहे। जबकि प्रधान चुनने का फैसला स्पोर्ट्स मैन को करने देने का प्रस्ताव भी रखा। बराड़ ने बताया कि बाजवा ने 13 साल में एक भी मीटिंग अटैंड नहीं की है। दो बार इलेक्शन हुए जिसमें शामिल न होकर वे खुद ही प्रधान बन गए। उन्होंने कहा कि चुनाव तो हो गए हैं और लोगों ने उन्हें प्रधान बनाया है। बाकी फैसला ओलंपिक एसोसिएशन के हाथ है।
विज्ञापन
वहीं बाजवा ने कहा कि जूडो फेडरेशन ऑफ इंडिया और पंजाब ओलंपिक्स एसोसिएशन की निगरानी में पंजाब जूडो फेडरेशन के पदाधिकारियों के लिए करवाए गए चुनाव में सर्वसम्मति से उन्हें चौथी बार प्रधान चुना गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसपी परमजीत सिंह पन्नू, एसीपी गुरप्रीत पुरेवाल, एसीपी रुपिंदर सरां, एसएचओ बेअंत जुनेजा, एडिशनल एसएचओ नवदीप समेत अन्य पुलिस कर्मचारियों ने मौके पर आकर लोगों को धमकाया। उन्होंने लोगों को मजबूर कर उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के ओएसडी चरणजीत सिंह बराड़ को प्रधान चुनने को कहा। बाजवा ने कहा कि कमेटी की ओर से कहा गया था कि दोनों पार्टी आपस में मिलकर फैसला कर लें कि प्रधान कौन बनना चाहता है। सर्वसम्मति से प्रधान चुने जाने के बाद वह वहां से चले गए थे। चरणजीत सिंह बराड़ होटल के ऊपर कमरे में जाकर फर्जी चुनाव किए और खुद को प्रधान घोषित कर पदों की नियुक्ति शुरू कर दी। ये सब उन्होंने पुलिस के दम पर किया है।
विज्ञापन
बराड़ ने नियुक्त किए पदाधिकारी
बराड़ ने बताया कि जालंधर जूडो डिस्ट्रिक्ट एसोसिएशन के अभिजिंदर सिंह को पीजीए का महासचिव, सुदेश अग्निहोत्री को वरिष्ठ उप प्रधान, चमन लाल शर्मा, गुरप्रीत सिंह, ओंकार सिंह नागी, अरविंदर सिंह सिकंद उप प्रधान चुने गए। वहीं डीएस डाली का कानूनी एडवाइजर के रुप में चुनाव हुआ। वहीं डॉ. सतपाल कौर, प्रवीण ठाकुर, सूरज भारद्वाज, नीरज जिंदल को ज्वाइंट सचिव, कुलदीप सिंह विर्क को खजांची, रणजीत सिंह ठारू, जीएस भल्ला, लखविंद्रपाल सिंह, भगत सिंह, सरताज सिंह, सुखदीप सिंह को एग्जीक्यूटिव सदस्य चुना गया है। जूडो फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा एनएस ठाकुर और पंजाब स्टेट स्पोर्ट्स काउंसिल के रुपिंदर सिंह को चुनाव के दौरान नियुक्त किया गया। इस दौरान टेक्निकल कमेटी में जीवन शर्मा, सतपाल राणा, राकेश सिंह, नरिंदर सिंह टेक्निकल एडवाइजर, किशोर कुमार, सुरिंदर सिंह, हरबंस सिंह, कर्मजीत सिंह, कुलविंदर कौर, शालू मौदगिल, संजीव शर्मा, हरजिंदर सिंह, परमजीत सिंह और हरजिंदर सिंह साकी को चुना गया।