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लुधियाना बम धमाका: चीता और बाक्सर से मिले इनपुट्स के बाद जसविंदर मुल्तानी तक पहुंचीं जांच एजेंसियां, कई और खुलासे

Wed, 29 Dec 2021 01:08 PM IST
ajay kumar विकास मल्होत्रा, संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
विकास मल्होत्रा, संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Wed, 29 Dec 2021 01:08 PM IST
सार

लुधियाना में बम धमाके के बाद से पंजाब के कई इलाकों में सिख फॉर जस्टिस के गुरपतवंत सिंह पन्नू द्वारा रिकॉर्ड की गई एक कॉल आ रही है। वह कॉल विदेशी नंबर से आती है। जैसे ही कोई उठाता है तो उसमें गुरपतवंत सिंह पन्नू की आवाज में लोगों को भड़काऊ भाषण सुनाई देता है। सुरक्षा एजेंसियों ने इन कॉल्स की भी जांच शुरू कर दी है।

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Inside story of Arrest of Jaswinder Multani in Germany
लुधियाना कोर्ट परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी (फाइल फोटो)

विस्तार

लुधियाना कोर्ट परिसर में बम धमाके के मास्टरमाइंड जसविंदर मुल्तानी की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियों के निशाने पर होशियारपुर का मसूरपुर भी आ गया है। वजह है जसविंदर मुल्तानी मूलरूप से वहीं का रहने वाला है और उसका भाई भी जर्मनी में ही रहता है। मुल्तानी के खिलाफ भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह सिख फॉर जस्टिस के रेफरेंडम 2020 अभियान से भी जुड़ा था और इसी दौरान वह आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू के नजदीक आया था और उसके बाद वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर काम कर रहा था। 

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सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियां को ब्लास्ट मामले में चीता और बाक्सर से पूछताछ में कई सुराग मिले थे। उन्हीं के आधार पर मुल्तानी का पता लगा और उसे भारत सरकार के आग्रह पर जर्मनी सरकार ने गिरफ्तार करवाया। ब्लास्ट मामले में मुल्तानी कनेक्शन का सामने आने के बाद केंद्रीय जांच एजेंसियां और पंजाब की खुफिया एजेंसियां भी पूरी तरह से अलर्ट हो चुकी हैं। जांच एजेंसियों को शक है कि चुनाव के दौरान किसी तरह की कोई साजिश न रची जा सके। 
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गगनदीप सिंह के लैपटॉप और डोंगल से मिले कई राज
जांच के दौरान जब मृतक गगनदीप की पहचान हुई तो जांच एजेंसियां गगनदीप सिंह के खन्ना स्थित आवास पहुंचीं। जांच के दौरान एनआईए और एनएसजी की टीमों को वहां एक लैपटॉप व अन्य सामान मिला। क्षतिग्रस्त मोबाइल फोन और अधजला डोंगल गगनदीप सिंह के पास से ही मिला था। इसके अलावा एक डायरी और कुछ पैसे भी गगनदीप सिंह की जेब में मिले थे। सूत्रों के अनुसार जब पुलिस ने डोंगल की जांच की तो उसमें कई संदिग्ध नंबर मिले, जिससे यह साफ हो गया कि लुधियाना धमाके की साजिश विदेश से रची गई। उसके बाद टीमों ने अपनी जांच को आगे बढ़ाया। 

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चीता और बाक्सर ने आतंकी भूरा और भूरा ने गगनदीप की आगे करवाई थी बात

प्रोडक्शन वारंट पर लाए गए चीता और बाक्सर ने पूछताछ के दौरान बताया कि गगनदीप सिंह उन्हीं की बैरक में बंद था। सूत्रों के अनुसार चीता और बाक्सर जेल से ही आतंकी भूरा के संपर्क में रहते थे। आतंकी भूरा ने ही उनका नशा तस्कर रिंदा से संपर्क करवाया था। भूरा रिंदा के साथ और रिंदा आगे जसविंदर मुल्तानी के साथ संपर्क में था। तीनों अक्सर संपर्क में रहते थे और भारत के खिलाफ साजिश रचते थे।

सूत्रों के अनुसार गगनदीप का भी चीता और बाक्सर ने भूरा से संपर्क करवाया और भूरा ने रिंदा से संपर्क करवाया। बाहर आकर रिंदा ने मुल्तानी से संपर्क करवा कर लुधियाना में ब्लास्ट की साजिश रची। सूत्र बताते है कि अगर गगनदीप सिंह लुधियाना में बम धमाके को सही तरीके से अंजाम देता तो उसे आगे दिल्ली और मुंबई में ब्लास्ट करने के लिए भेजा जाना था। सूत्रों के अनुसार यह बात भी सामने आ रही है कि मुल्तानी ने ही गगनदीप तक विस्फोटक पहुंचवाया था। विस्फोटक की खेप कौन देकर गया है, इस बारे में अभी तक जांच एजेंसियों को कुछ पता नहीं चल पाया है। 

किसान अंदोलन के दौरान भी माहौल खराब करने की रची थी साजिश
कृषि कानूनों के खिलाफ जब किसान राजधानी की सरहदों पर धरने पर बैठे थे तो विदेश में बैठे आतंकी संगठनों ने भारत में माहौल खराब करने की काफी कोशिश की थी। उस समय भी रेफरेंडम 2020 का नारा गूंजा था और गुरपतवंत सिंह पन्नू का नाम खुलकर सामने आया था। जिसके बाद जांच एजेंसियां सतर्क हो गई थीं। इसी दौरान इनपुट्स मिले कि किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल को कुछ देश विरोधी ताकतें अंदोलन के बीच मौत के घाट उतार कर माहौल खराब करवा सकती हैं। 

ए प्लस कैटेगरी के गैंगस्टर रिंदा पर कई मामले दर्ज
देश से फरार हो चुका रिंदा ए प्लस कैटेगरी का गैंगस्टर रहा है। उसके खिलाफ पंजाब, महाराष्ट्र, चंडीगढ़, हरियाणा और पश्चिम बंगाल में भी मामले दर्ज हैं। वह सभी राज्यों की पुलिस का वांटेड है। उसके खिलाफ 10 के करीब हत्या, छह के करीब हत्या की कोशिश और लूटपाट व डकैती समेत आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं। रिंदा के खिलाफ नशा तस्करी के कई मामले भी दर्ज हैं। वह पाकिस्तान से ड्रग्स की तस्करी करता रहा है। रिंदा 2017 में पुलिस के हाथ से बच निकला था, जिसके बाद पता चला कि वह पाकिस्तान चला गया है। उसके बाद से ही पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। 

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