पंजाब रोडवेज की हड़ताल: प्रदेश भर में आज से थमेंगे बसों के चक्के, आठ दिसंबर को सीएम आवास घेरने का एलान
मंगलवार से पंजाब में बसों के पहिए थम जाएंगे। यात्रा करने से पहले लोग जानकारी जरूर जुटा लें वरना परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। पंजाब रोडवेज, पनबस व पीआरटीसी कांट्रेक्ट कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे।
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अगर आप अपने परिवार समेत या फिर अकेले बस में सफर कर कहीं जाने की सोच रहे है तो फिलहाल टालना ही सही रहेगा। क्योंकि मंगलवार से पंजाब रोडवेज एंव पीआरटीसी कांट्रेक्ट वर्कर्स यूनियन की अनिश्चिलकालीन हड़ताल शुरू होने जा रही है। यूनियन नेताओं का दावा है कि वह हड़ताल के चलते वह बसों को नहीं चलाएंगे।
अगर लुधियाना डिपो की बात करे तो इस हड़ताल के चलते 220 बसें नहीं चलेंगी। ऐसे में आम लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। पंजाब रोडवेज, पनबस व पीआरटीसी कांट्रेक्ट वर्कर्ज यूनियन के ज्वाइंट सचिव शमशेर सिंह ढिल्लों, जिला प्रधान सतनाम सिंह और पीआरटीसी एसोसिएशन के प्रधान गुरबाज सिंह ने बताया कि मंगलवार से कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर रहेंगे, क्योंकि सरकार ने उनकी मांगों को पूरा नहीं किया है।
पंजाब सरकार आश्वासन देकर काम चला रही है। वह लंबे समय से अपने कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने की मांग कर रहे है। इसके अलावा पंजाब के लोगों की सुविधा के लिए 10 हजार बसें चलाने की बात कह रहे है। इन दोनों मु्ददों को लेकर सीएम से लेकर परिवहन मंत्री से कई बार बात हो चुकी है लेकिन आश्वासन के अलावा उन्हें कुछ नहीं मिला है। इसलिए अब वह आर-पार की लड़ाई करने के लिए मंगलवार मैदान में उतरेंगे। लुधियाना में 100 बसें पनबस और 120 बसें पीआरटीसी की हैं। जबकि 500 से अधिक कर्मचारी इस हड़ताल का हिस्सा बनेंगे। इस दौरान एक गेट रैली भी आयोजित होगी। यह हड़ताल जब तक मांगें पूरी नहीं की जाती, तब तक जारी रहेगी।
पीआरटीसी के 3000 ठेका व आउटसोर्स मुलाजिमों को नोटिस
पीआरटीसी के ठेका और आउटसोर्स कर्मचारियों को प्रबंधन ने नोटिस भेजा है। पीआरटीसी की एमडी परनीत शेरगिल ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि नोटिस में साफ तौर पर कहा गया है कि अगर मुलाजिम गैरकानूनी ढंग से अपनी ड्यूटी से गैरहाजिर रह कर धरना-प्रदर्शन करते हैं तो उनकी सेवाएं समाप्त कर नए लोगों को उनकी जगह रख लिया जाएगा।
पीआरटीसी में करीब 2300 आउटसोर्स और 700 के करीब ठेका मुलाजिम हैं। यह मुलाजिम रेगुलर करने की मांग के अलावा तीन दिसंबर की हड़ताल के बाद प्रदेश भर में अलग-अलग थानों में दर्ज केस को लेकर भड़के हैं। अब इन मुलाजिमों ने मंगलवार से बेमियादी हड़ताल पर जाने का एलान किया है। उधर, मुलाजिमों के अल्टीमेटम से पीआरटीसी प्रबंधन भड़क गया है।
प्रबंधन ने ठेकेदार द्वारा रखे सभी आउटसोर्स और अपने स्तर पर ठेके पर रखे सभी मुलाजिमों को नोटिस भेज कर चेताया है कि अगर वह मना करने के बावजूद मंगलवार से बेमियादी हड़ताल पर जाते हैं तो उनकी सेवाओं को समाप्त किया जा सकता है। एमडी परनीत शेरगिल ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि तीन दिसंबर को की गई हड़ताल से भी कारपोरेशन को काफी वित्तीय नुकसान हुआ था। अब कारपोरेशन और नुकसान सहने के मूड़ में नहीं है।
अगर हड़ताल की तो इन हड़ताली ठेका मुलाजिमों की सेवाओं को समाप्त करके उनकी जगह नया स्टाफ रखा जा सकता है। एमडी ने बताया कि पुलिस विभाग को पत्र लिखकर खासतौर से बस अड्डों की सुरक्षा कड़ी करने को कहा है, ताकि हड़ताली मुलाजिम गेट बंद न कर सकें और न ही काम कर रहे अन्य मुलाजिमों को रोकें।
तीन दिसंबर को एक ही दिन में पीआरटीसी को हुआ था 20 लाख का नुकसान
तीन दिसंबर को भी पीआरटीसी के ठेका मुलाजिमों ने प्रदेश भर में काम छोड़ कर बस अड्डों के गेट बंद करके धरना-प्रदर्शन किया था। आंकड़ों के मुताबिक एक ही दिन में कारपोरेशन को 20 लाख का नुकसान हो गया था।
प्रबंधन जो भी कर ले, ठेका मुलाजिम पीछे नहीं हटेंगे
उधर अमर उजाला से बात करते हुए पनबस/पीआरटीसी कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के पटियाला डिपो के महासचिव कुलदीप सिंह मोमी ने कहा कि प्रबंधन जो भी कर ले, ठेका मुलाजिम पीछे नहीं हटेंगे। फिलहाल मंगलवार की बेमियादी हड़ताल का कार्यक्रम तय है।