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‘सूबे के बड़े शहरों में बनेंगी प्रदूषण लैब’
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
Updated Tue, 01 Dec 2015 10:30 PM IST
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फेडरेशन ऑफ पंजाब स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (फोप्सिया) के बैनर तले उद्यमियों की बैठक स्थानीय होटल में हुई।
इसमें पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन मनप्रीत सिंह छतवाल मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। बैठक में उद्यमियों ने समस्याएं बताईं। चेयरमैन छतवाल ने उद्यमियों को भरोसा दिलाया कि प्रदूषण मानक की औपचारिकताएं पूरा करने में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
फोप्सिया के प्रधान बदीश जिंदल ने कहा कि प्रदूषण बोर्ड से मंजूरी लेने में उद्यमियों को काफी दिक्कतें आ रही हैं। इस पर चेयरमैन ने भरोसा दिलाया कि शीघ्र ही सेल्फ सार्टिफिकेशन की सुविधा शुरू की जाएगी। बदीश ने मांग की है कि प्रदूषण मानक पूरा करने के लिए बोर्ड इंडस्ट्री को कंसलटेंट मुहैया कराए। चेयरमैन छतवाल ने कहा कि इस पर विचार किया जा रहा है। बदीश ने सुझाव दिया कि लुधियाना, जालंधर, अमृतसर जैसे शहरों में प्रदूषण लैब जांच बनाई जाएं। चेयरमैन ने कहा कि सूबे के बड़े शहरों में शीघ्र ही लैब बनाने की योजना है।
फोप्सिया ने मांग की है कि ग्रीन ट्रिब्यूनल का दफ्तर शिमला की बजाए चंडीगढ़ में शिफ्ट किया जाए। लुधियाना से शिमला जाने में करीब आठ घंटे लगते हैं, इसलिए उद्यमी ट्रिब्यूनल से संबंधित काम कराने के लिए दिल्ली जाने को वरीयता देते हैं। चेयरमैन ने कहा कि इस मांग को संबंधित विभाग के पास भेजा जाएगा। इस अवसर पर आदित्य गुप्ता, कृष्ण थापर, विनय गुप्ता, हरबीर सिंह, आरके गोयल मौजूद रहे।
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इसमें पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन मनप्रीत सिंह छतवाल मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। बैठक में उद्यमियों ने समस्याएं बताईं। चेयरमैन छतवाल ने उद्यमियों को भरोसा दिलाया कि प्रदूषण मानक की औपचारिकताएं पूरा करने में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
फोप्सिया के प्रधान बदीश जिंदल ने कहा कि प्रदूषण बोर्ड से मंजूरी लेने में उद्यमियों को काफी दिक्कतें आ रही हैं। इस पर चेयरमैन ने भरोसा दिलाया कि शीघ्र ही सेल्फ सार्टिफिकेशन की सुविधा शुरू की जाएगी। बदीश ने मांग की है कि प्रदूषण मानक पूरा करने के लिए बोर्ड इंडस्ट्री को कंसलटेंट मुहैया कराए। चेयरमैन छतवाल ने कहा कि इस पर विचार किया जा रहा है। बदीश ने सुझाव दिया कि लुधियाना, जालंधर, अमृतसर जैसे शहरों में प्रदूषण लैब जांच बनाई जाएं। चेयरमैन ने कहा कि सूबे के बड़े शहरों में शीघ्र ही लैब बनाने की योजना है।
फोप्सिया ने मांग की है कि ग्रीन ट्रिब्यूनल का दफ्तर शिमला की बजाए चंडीगढ़ में शिफ्ट किया जाए। लुधियाना से शिमला जाने में करीब आठ घंटे लगते हैं, इसलिए उद्यमी ट्रिब्यूनल से संबंधित काम कराने के लिए दिल्ली जाने को वरीयता देते हैं। चेयरमैन ने कहा कि इस मांग को संबंधित विभाग के पास भेजा जाएगा। इस अवसर पर आदित्य गुप्ता, कृष्ण थापर, विनय गुप्ता, हरबीर सिंह, आरके गोयल मौजूद रहे।