{"_id":"57e1617d4f1c1b1539a824af","slug":"hunger-strike-pau-students-hunger-strike-in-ludhiana-ludhiana-strike","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच विद्यार्थी बैठे भूख हड़ताल पर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच विद्यार्थी बैठे भूख हड़ताल पर
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
Updated Tue, 20 Sep 2016 09:49 PM IST
विज्ञापन
प्रदर्शन
- फोटो : file
कृषि विभाग में खाली पदों को भरने की मांग को लेकर धरने पर बैठे पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (पीएयू) के विद्यार्थियों ने अब भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
मंगलवार को पीएयू गेट नंबर दो के बाहर विद्यार्थियों ने काली पट्टियां बांधकर रोष व्यक्त किया। मांगे मनवाने के लिए पांच विद्यार्थी जसपाल सिंह, गुरविंदर सिंह, सनप्रीत सिंह, सर्वप्रिय सिंह और सागर सिंह भूख हड़ताल पर बैठे। विद्यार्थियों ने बताया कि रोजाना किए जा रहे प्रदर्शन से पंजाब सरकार और मैनेजमेंट पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है।
प्रदर्शन को तेज करने के लिए विद्यार्थियों ने भूख हड़ताल का रुख अपनाया है। सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक किए जा रहे प्रदर्शन में अब विद्यार्थी भूख हड़ताल करेंगे। यह प्रदर्शन इसी तरह तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांगों को नहीं मान लिया जाता।
विज्ञापन
विद्यार्थियों ने कहा कि भूख हड़ताल से पहले वह अथॉरिटी से भी मिले थे, लेकिन अथॉरिटी ने उनकी मांगों को अनदेखा कर दिया। उन्होंने कहा कि 22 सितंबर को होने वाले किसान मेले में वह रैली निकाल कर अपना प्रदर्शन करेंगे और पर्चे भी बांटेंगे। मेले में शामिल होने वाले मुख्य अतिथियों के सामने भी अपनी मांगें रखेंगे।
विद्यार्थियों ने कहा कि कृषि विभाग के विकास अफसर के 600 पद खाली पड़े हैं, वहीं भूमि रक्षा अफसरों की 124 और बागवानी विकास अफसरों के 40 पद खाली पड़े हैं। उन्होंने कहा कि 2011 के बाद पीएयू सहित 70 कृषि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से प्रत्येक साल हर कॉलेज से 100 स्टूडेंट पास आउट हुए हैं। 2016 तक निकलने वाले सारे बैच बेरोजगार हैं।
विज्ञापन
मंगलवार को पीएयू गेट नंबर दो के बाहर विद्यार्थियों ने काली पट्टियां बांधकर रोष व्यक्त किया। मांगे मनवाने के लिए पांच विद्यार्थी जसपाल सिंह, गुरविंदर सिंह, सनप्रीत सिंह, सर्वप्रिय सिंह और सागर सिंह भूख हड़ताल पर बैठे। विद्यार्थियों ने बताया कि रोजाना किए जा रहे प्रदर्शन से पंजाब सरकार और मैनेजमेंट पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है।
विज्ञापन
प्रदर्शन को तेज करने के लिए विद्यार्थियों ने भूख हड़ताल का रुख अपनाया है। सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक किए जा रहे प्रदर्शन में अब विद्यार्थी भूख हड़ताल करेंगे। यह प्रदर्शन इसी तरह तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांगों को नहीं मान लिया जाता।
विज्ञापन
विद्यार्थियों ने कहा कि भूख हड़ताल से पहले वह अथॉरिटी से भी मिले थे, लेकिन अथॉरिटी ने उनकी मांगों को अनदेखा कर दिया। उन्होंने कहा कि 22 सितंबर को होने वाले किसान मेले में वह रैली निकाल कर अपना प्रदर्शन करेंगे और पर्चे भी बांटेंगे। मेले में शामिल होने वाले मुख्य अतिथियों के सामने भी अपनी मांगें रखेंगे।
विद्यार्थियों ने कहा कि कृषि विभाग के विकास अफसर के 600 पद खाली पड़े हैं, वहीं भूमि रक्षा अफसरों की 124 और बागवानी विकास अफसरों के 40 पद खाली पड़े हैं। उन्होंने कहा कि 2011 के बाद पीएयू सहित 70 कृषि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से प्रत्येक साल हर कॉलेज से 100 स्टूडेंट पास आउट हुए हैं। 2016 तक निकलने वाले सारे बैच बेरोजगार हैं।