{"_id":"8b7256f340dc9c4888f4280a1a8b1708","slug":"hooda-baseless-claim-on-chandigarh-badal","type":"story","status":"publish","title_hn":"हुड्डा के चंडीगढ़ पर दावे बेबुनियाद : बादल ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हुड्डा के चंडीगढ़ पर दावे बेबुनियाद : बादल
अमर उजाला, मोगा
Updated Sun, 06 Oct 2013 11:22 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोगा में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के चंडीगढ़ पर किए जा रहे दावों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने पंजाब में सेम के खात्मे के लिए विपक्ष के नेता सुनील जाखड़ की प्रशंसा की।
बादल रविवार को मोगा के जिला प्रबंधकीय परिसर में संसद सदस्यों, विधायकों, हल्का इंचार्ज, जिला परिषद चेयरमैन और उप चेयरमैन के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
इस बैठक में 18 अक्तूबर को अमृतसर में भगवान श्री वाल्मीकि जी के प्रकट दिवस पर समागम में सभी धर्मों के लोगों से शामिल होने की अपील की। हर क्षेत्र से 30 बसों का प्रबंध करने की हिदायत दी है। उन्होंने बताया कि भगवान श्री वाल्मीकि जी की अमृतसर में बन रही यादगार के लिए 115 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार हो चुका है। इसका निर्माण दो महीने में शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन
बादल ने सेम के खात्मे और बाढ़ की रोकथाम के लिए योजना कमीशन के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलुवालिया के पास 3327.57 करोड़ रुपये का प्रस्ताव देने में पंजाब विधानसभा में विपक्षी नेता सुनील कुमार जाखड़ के सहयोग की प्रशंसा की।
बादल ने कहा कि जाखड़ ने जिस प्रकार से पंजाब के हितों के लिए राजनीति से ऊपर उठ कर सहयोग दिया है। उससे योजना कमीशन से अच्छा सहयोग मिलने की संभावना है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्वनी कुमार की ओर से बुजुर्गों के संभाल गृह का उद्घाटन करवाए जाने के सवाल का जवाब पर बादल ने चुटकी लेते हुए कहा कि यह शुभ शगुन है।
बादल ने सांझे मोर्चे व कांग्रेस के बीच समझौते की चर्चा के जवाब में कहा कि अकाली-भाजपा गठजोड़ के आगे कोई भी पार्टी नहीं टिक सकेगी। उन्हाेंने दावा किया कि राज्य में धान की खरीद ठीक ढंग से चल रही है।
धान की अदायगी के लिए उनके पास पैसे की कमी नहीं है। किसानों को तुरंत भुगतान किया जाएगा। खरीद में होने वाली किसी भी अनदेखी को सहन नहीं किया जाएगा।
मुख्य मंत्री ने नानकसर ठाठ समाध भाई में माथा टेक बाबा गुरदेव सिंह से आशीर्वाद लिया। दरबार में कुछ समय गुरबाणी को श्रवण किया। उन्होंने बाबा गुरदेव सिंह के साथ विचार साझे करते हुए कहा कि नानकसर ठाठ की ओर से सिख पंथ के लिए डाले गए योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
इस बैठक में सांसद शेर सिंह घुबाया, संसदीय सचिव मनतार सिंह बराड़, जोगिंंदर पाल जैन, महेश इंद्र सिंह, राजविंदर कौर भागीके और जोगिंदर सिंह हाजिर थे।
विज्ञापन
बादल रविवार को मोगा के जिला प्रबंधकीय परिसर में संसद सदस्यों, विधायकों, हल्का इंचार्ज, जिला परिषद चेयरमैन और उप चेयरमैन के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
विज्ञापन
इस बैठक में 18 अक्तूबर को अमृतसर में भगवान श्री वाल्मीकि जी के प्रकट दिवस पर समागम में सभी धर्मों के लोगों से शामिल होने की अपील की। हर क्षेत्र से 30 बसों का प्रबंध करने की हिदायत दी है। उन्होंने बताया कि भगवान श्री वाल्मीकि जी की अमृतसर में बन रही यादगार के लिए 115 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार हो चुका है। इसका निर्माण दो महीने में शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन
बादल ने सेम के खात्मे और बाढ़ की रोकथाम के लिए योजना कमीशन के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलुवालिया के पास 3327.57 करोड़ रुपये का प्रस्ताव देने में पंजाब विधानसभा में विपक्षी नेता सुनील कुमार जाखड़ के सहयोग की प्रशंसा की।
बादल ने कहा कि जाखड़ ने जिस प्रकार से पंजाब के हितों के लिए राजनीति से ऊपर उठ कर सहयोग दिया है। उससे योजना कमीशन से अच्छा सहयोग मिलने की संभावना है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्वनी कुमार की ओर से बुजुर्गों के संभाल गृह का उद्घाटन करवाए जाने के सवाल का जवाब पर बादल ने चुटकी लेते हुए कहा कि यह शुभ शगुन है।
बादल ने सांझे मोर्चे व कांग्रेस के बीच समझौते की चर्चा के जवाब में कहा कि अकाली-भाजपा गठजोड़ के आगे कोई भी पार्टी नहीं टिक सकेगी। उन्हाेंने दावा किया कि राज्य में धान की खरीद ठीक ढंग से चल रही है।
धान की अदायगी के लिए उनके पास पैसे की कमी नहीं है। किसानों को तुरंत भुगतान किया जाएगा। खरीद में होने वाली किसी भी अनदेखी को सहन नहीं किया जाएगा।
मुख्य मंत्री ने नानकसर ठाठ समाध भाई में माथा टेक बाबा गुरदेव सिंह से आशीर्वाद लिया। दरबार में कुछ समय गुरबाणी को श्रवण किया। उन्होंने बाबा गुरदेव सिंह के साथ विचार साझे करते हुए कहा कि नानकसर ठाठ की ओर से सिख पंथ के लिए डाले गए योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
इस बैठक में सांसद शेर सिंह घुबाया, संसदीय सचिव मनतार सिंह बराड़, जोगिंंदर पाल जैन, महेश इंद्र सिंह, राजविंदर कौर भागीके और जोगिंदर सिंह हाजिर थे।