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पंजाब में हिजाब विवाद की एंट्री: लुधियाना में 12 फरवरी को हिजाब मार्च निकालेंगी मुस्लिम बेटियां, शाही इमाम ने किया एलान
Fri, 11 Feb 2022 12:10 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 11 Feb 2022 12:10 PM IST
सार
शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान लुधियानवी ने कहा कि एक तरफ सरकार कहती है कि बेटी पढ़ाओ और दूसरी तरफ बेटियों को सिर्फ हिजाब की वजह से पढ़ने से रोकने की कोशिश की जा रही है।
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लुधियाना में 12 फरवरी को निकाला जाएगा हिजाब मार्च।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
विस्तार
हिजाब विवाद की पंजाब में एंट्री हो गई है। कर्नाटक के एक कॉलेज में पढ़ने वाली मुस्लिम छात्राओं के हिजाब पहनने को लेकर शुरू किए गए विरोध की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए लुधियाना में ऐतिहासिक जामा मस्जिद में शाही इमाम पंजाब मौलाना मोहम्मद उस्मान लुधियानवी की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। इसमें लुधियाना की सभी मस्जिदों और मदरसों व मुस्लिम सामाजिक संस्थाओं के प्रधान और इमाम साहिबान शामिल हुए। मीटिंग में सभी सदस्यों ने एलान किया कि लुधियाना में 12 फरवरी को सुबह सिविल अस्पताल रोड से ब्राउन रोड, सुभानी बिल्डिंग, जामा मस्जिद जेल रोड होते हुए एक विशाल हिजाब मार्च निकाला जाएगा, जिसमें लुधियाना की सभी मुस्लिम बहन-बेटियां शामिल होंगी।
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इस अवसर पर शाही इमाम पंजाब ने कहा कि हम कर्नाटक की उस बहादुर बेटी मुस्कान को सलाम पेश करते हैं कि जिसने दर्जनों फिरका परस्तों का अल्लाह-हू-अकबर की आवाज के साथ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मुस्कान ने बुजदिलों को स्पष्ट बता दिया है कि बेटियां डरने वाली नहीं हैं।
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शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान लुधियानवी ने कहा कि कर्नाटक से अब देश में नफरत का नया संदेश वहां के फिरकापरस्त हिजाब का नाम लेकर दे रहे हैं क्योंकि सत्ता में आए इन नाकाम राजनेताओं के पास नफरत और धर्म की राजनीति के सिवाय कुछ बचा ही नहीं है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार कहती है कि बेटी पढ़ाओ और दूसरी तरफ बेटियों को सिर्फ हिजाब की वजह से पढ़ने से रोकने की कोशिश की जा रही है। जबकि हिजाब और बुरका आज नहीं आया है, इसे पढ़ाई के साथ-साथ सदियों से मुस्लिम बेटियां पहनती आ रही हैं तो फिर अब अचानक ऐसा क्या हो गया कि इस पर राजनीति शुरू कर दी गईं है।
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