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हैलो! मैं सीएम का पीए बोल रहा हूं... जल्द रजिस्ट्री करवा दो, अधिकारियों पर रौब डालने वाला आरोपी गिरफ्तार
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लुधियाना। हैलो! मैं सीएम का पीए बोल रहा हूं। कुछ लोगों को रजिस्ट्री करवाने के लिए भेजा है। इनका काम जल्द करवा दो। इस तरह से फोन कर अधिकारियों पर रौब डालने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान पंजाबी बाग निवासी कर्मजीत सिंह के तौर पर हुई है।
खुद को पंजाब के सीएम भगवंत मान का पीए बताकर एक व्यक्ति लोगों की रजिस्ट्रियां करवाता रहा। हैरानी की बात यह है कि आरोपी का फोन जब रजिस्ट्रार नहीं उठाते थे तो वह डीसी दफ्तर के लैंड लाइन पर फोन कर बोलता था, कि उससे बात की जाए। इसके बाद अधिकारी उसे फोन करते और वह काम बता देता था।
जब अधिकारियों को शक हुआ तो उन्होंने इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। इसके बाद पुलिस कमिश्नर को इसकी शिकायत दी गई और जांच कराई गई। जांच में पता चला कि आरोपी सीएम का पीए नहीं हैं। पुलिस ने पश्चिमी के सब रजिस्ट्रार डॉ. विनय बांस और सब रजिस्ट्रार केंद्रीय में तैनात नायब तहसीलदार गुरप्रीत कौर की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
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रजिस्ट्री के लिए भेजने वालों को बताता था सीएम का खास
पुलिस कमिश्नर डॉ. कौस्तभ शर्मा ने बताया कि कुछ समय पहले सब रजिस्ट्रार डॉ. विनय बांसल और नायब तहसीलदार गुरप्रीत कौर के पास फोन आते थे। आरोपी खुद को पंजाब के सीएम भगवंत मान का पीए दियोल बताता था। फोन पर बात करते हुए आरोपी कहता था कि वह कुछ लोगों को भेज रहा है और वे सीएम के खास लोग हैं। उनका रजिस्ट्री का काम जल्द करवा कर उन्हें वापस भेज दें। जब अधिकारी अपना फोन नहीं उठाते थे तो आरोपी डीसी दफ्तर के लैंड लाइन पर फोन कर उन्हें बोलता था कि रजिस्ट्री दफ्तर में बैठे अधिकारी उनका फोन नहीं उठा रहे है। उन्हें तुरंत आदेश करें कि उससे बात की जाए। जब अधिकारियों को इस बात का शक हुआ तो उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मामले की जांच की गई तो सारी सच्चाई सामने आ गई। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर पता लगाने में जुटी है कि वह पहले किन दफ्तरों में ऐसा कर क्या काम करवा चुका है।
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खुद को पंजाब के सीएम भगवंत मान का पीए बताकर एक व्यक्ति लोगों की रजिस्ट्रियां करवाता रहा। हैरानी की बात यह है कि आरोपी का फोन जब रजिस्ट्रार नहीं उठाते थे तो वह डीसी दफ्तर के लैंड लाइन पर फोन कर बोलता था, कि उससे बात की जाए। इसके बाद अधिकारी उसे फोन करते और वह काम बता देता था।
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जब अधिकारियों को शक हुआ तो उन्होंने इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। इसके बाद पुलिस कमिश्नर को इसकी शिकायत दी गई और जांच कराई गई। जांच में पता चला कि आरोपी सीएम का पीए नहीं हैं। पुलिस ने पश्चिमी के सब रजिस्ट्रार डॉ. विनय बांस और सब रजिस्ट्रार केंद्रीय में तैनात नायब तहसीलदार गुरप्रीत कौर की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
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रजिस्ट्री के लिए भेजने वालों को बताता था सीएम का खास
पुलिस कमिश्नर डॉ. कौस्तभ शर्मा ने बताया कि कुछ समय पहले सब रजिस्ट्रार डॉ. विनय बांसल और नायब तहसीलदार गुरप्रीत कौर के पास फोन आते थे। आरोपी खुद को पंजाब के सीएम भगवंत मान का पीए दियोल बताता था। फोन पर बात करते हुए आरोपी कहता था कि वह कुछ लोगों को भेज रहा है और वे सीएम के खास लोग हैं। उनका रजिस्ट्री का काम जल्द करवा कर उन्हें वापस भेज दें। जब अधिकारी अपना फोन नहीं उठाते थे तो आरोपी डीसी दफ्तर के लैंड लाइन पर फोन कर उन्हें बोलता था कि रजिस्ट्री दफ्तर में बैठे अधिकारी उनका फोन नहीं उठा रहे है। उन्हें तुरंत आदेश करें कि उससे बात की जाए। जब अधिकारियों को इस बात का शक हुआ तो उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मामले की जांच की गई तो सारी सच्चाई सामने आ गई। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर पता लगाने में जुटी है कि वह पहले किन दफ्तरों में ऐसा कर क्या काम करवा चुका है।