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गुरुद्वारा मंजी साहिब गोलीकांड: गुरदासपुर से पकड़े गए दो शूटर, रंगदारी न देने पर रची थी हत्या की साजिश
Mon, 02 Nov 2026 12:41 PM IST
Nivedita
संवाद न्यूज एजेंसी, हलवारा
संवाद न्यूज एजेंसी, हलवारा
Published by: Nivedita
Updated Mon, 02 Nov 2026 12:41 PM IST
सार
जगरांव के गांव गगड़ा स्थित गुरुद्वारा गोपालसर साहिब में फायरिंग की घटना के बाद राजोआणा कलां के ऐतिहासिक गुरुद्वारा मंजी साहिब में भी नकाबपोश हमलावरों ने तड़के करीब 3:18 बजे गोलियां चलाई थीं। लगातार दो दिनों में धार्मिक स्थलों पर हुई इन घटनाओं से इलाके में चिंता का माहौल बन गया था।
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माैके पर जांच के लिए पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद
विस्तार
राजोआणा कलां स्थित गुरुद्वारा मंजी साहिब में मुख्य सेवादार संत बाबा बलदेव सिंह के कमरे पर फायरिंग के मामले में लुधियाना ग्रामीण पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।
एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता के नेतृत्व में गठित विशेष जांच टीम ने गुरदासपुर में दबिश देकर दो शूटरों को हथियारों सहित गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों ने संत बाबा बलदेव सिंह को जान से मारने की नीयत से उनके कमरे पर गोलियां चलाई थीं। वारदात के बाद से ही पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी थीं।
इस सनसनीखेज वारदात के पीछे रंगदारी वसूली और जान से मारने की धमकी का मामला सामने आया है। विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, संत बाबा बलदेव सिंह को विदेशी इंटरनेट नंबर से फोन कर जान से मारने की धमकी दी गई थी और उनसे रंगदारी की मांग की गई थी। हालांकि, बाबा बलदेव सिंह ने इन धमकी भरे फोन को गंभीरता से नहीं लिया और रंगदारी देने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर उनकी गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी और गुरुद्वारा परिसर की रेकी करते रहे। मौका मिलते ही शूटरों ने उनके रिहायशी कमरे को निशाना बनाकर गोलियां चला दीं।
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शीशे और लकड़ी के दरवाजे चीरकर दीवार में लगी गोली
हमलावरों की चलाई एक गोली बाबा बलदेव सिंह के कमरे के शीशे और लकड़ी के दोनों दरवाजों को चीरती हुई अंदर दीवार पर लगी। गोली उस स्थान पर जाकर लगी, जहां बाबा बलदेव सिंह अक्सर बैठते थे। गनीमत रही कि वारदात के समय वह इशनान करने गए हुए थे। इस कारण उनकी जान बच गई। अन्यथा गोली सीधे उन्हें लग सकती थी।
सीसीटीवी से गुरदासपुर तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता ने स्वयं जांच की कमान संभाली। एसपी (डी) राजन शर्मा, डीएसपी दाखा करण संधू और थाना सुधार के प्रभारी राजविंदरपाल सिंह को शामिल करते हुए विशेष जांच टीम गठित की गई। पुलिस ने घटनास्थल से मिले फॉरेंसिक साक्ष्यों, साइबर सेल की तकनीकी मदद और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालते हुए हमलावरों का सुराग जुटाया। जांच की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस टीम गुरदासपुर तक पहुंच गई, जहां दोनों कथित शूटरों को हथियारों सहित गिरफ्तार कर लिया गया।
दो गुरुद्वारों में फायरिंग से मचा था हड़कंप
गौरतलब है कि जगरांव के गांव गगड़ा स्थित गुरुद्वारा गोपालसर साहिब में फायरिंग की घटना के बाद राजोआणा कलां के ऐतिहासिक गुरुद्वारा मंजी साहिब में भी नकाबपोश हमलावरों ने तड़के करीब 3:18 बजे गोलियां चलाई थीं। लगातार दो दिनों में धार्मिक स्थलों पर हुई इन घटनाओं से इलाके में चिंता का माहौल बन गया था।
अब इस मामले में दो शूटरों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच का अगला चरण उनके नेटवर्क, विदेशी नंबर से आई धमकियों, फिरौती की मांग और वारदात में इस्तेमाल हथियारों के स्रोत का पता लगाना है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस साजिश में गिरफ्तार आरोपियों के अलावा कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
जिला लुधियाना ग्रामीण के एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता आज दोपहर करीब डेढ़ बजे प्रेस कांफ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा करेंगे। माना जा रहा है कि इस दौरान गिरफ्तारी, फिरौती की मांग और गुरुद्वारा साहिब में हुई गोलीबारी की साजिश से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।
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एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता के नेतृत्व में गठित विशेष जांच टीम ने गुरदासपुर में दबिश देकर दो शूटरों को हथियारों सहित गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों ने संत बाबा बलदेव सिंह को जान से मारने की नीयत से उनके कमरे पर गोलियां चलाई थीं। वारदात के बाद से ही पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी थीं।
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इस सनसनीखेज वारदात के पीछे रंगदारी वसूली और जान से मारने की धमकी का मामला सामने आया है। विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, संत बाबा बलदेव सिंह को विदेशी इंटरनेट नंबर से फोन कर जान से मारने की धमकी दी गई थी और उनसे रंगदारी की मांग की गई थी। हालांकि, बाबा बलदेव सिंह ने इन धमकी भरे फोन को गंभीरता से नहीं लिया और रंगदारी देने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर उनकी गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी और गुरुद्वारा परिसर की रेकी करते रहे। मौका मिलते ही शूटरों ने उनके रिहायशी कमरे को निशाना बनाकर गोलियां चला दीं।
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शीशे और लकड़ी के दरवाजे चीरकर दीवार में लगी गोली
हमलावरों की चलाई एक गोली बाबा बलदेव सिंह के कमरे के शीशे और लकड़ी के दोनों दरवाजों को चीरती हुई अंदर दीवार पर लगी। गोली उस स्थान पर जाकर लगी, जहां बाबा बलदेव सिंह अक्सर बैठते थे। गनीमत रही कि वारदात के समय वह इशनान करने गए हुए थे। इस कारण उनकी जान बच गई। अन्यथा गोली सीधे उन्हें लग सकती थी।
सीसीटीवी से गुरदासपुर तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता ने स्वयं जांच की कमान संभाली। एसपी (डी) राजन शर्मा, डीएसपी दाखा करण संधू और थाना सुधार के प्रभारी राजविंदरपाल सिंह को शामिल करते हुए विशेष जांच टीम गठित की गई। पुलिस ने घटनास्थल से मिले फॉरेंसिक साक्ष्यों, साइबर सेल की तकनीकी मदद और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालते हुए हमलावरों का सुराग जुटाया। जांच की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस टीम गुरदासपुर तक पहुंच गई, जहां दोनों कथित शूटरों को हथियारों सहित गिरफ्तार कर लिया गया।
दो गुरुद्वारों में फायरिंग से मचा था हड़कंप
गौरतलब है कि जगरांव के गांव गगड़ा स्थित गुरुद्वारा गोपालसर साहिब में फायरिंग की घटना के बाद राजोआणा कलां के ऐतिहासिक गुरुद्वारा मंजी साहिब में भी नकाबपोश हमलावरों ने तड़के करीब 3:18 बजे गोलियां चलाई थीं। लगातार दो दिनों में धार्मिक स्थलों पर हुई इन घटनाओं से इलाके में चिंता का माहौल बन गया था।
अब इस मामले में दो शूटरों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच का अगला चरण उनके नेटवर्क, विदेशी नंबर से आई धमकियों, फिरौती की मांग और वारदात में इस्तेमाल हथियारों के स्रोत का पता लगाना है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस साजिश में गिरफ्तार आरोपियों के अलावा कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
जिला लुधियाना ग्रामीण के एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता आज दोपहर करीब डेढ़ बजे प्रेस कांफ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा करेंगे। माना जा रहा है कि इस दौरान गिरफ्तारी, फिरौती की मांग और गुरुद्वारा साहिब में हुई गोलीबारी की साजिश से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।