नंगल के वार्ड नंबर 19 से महिला पार्षद शिवानी जसवाल ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, निकाय मंत्री, प्रिंसिपल सचिव व डायरेक्टर निकाय विभाग को एक पत्र लिख कर पार्षद का चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी की शिक्षण योग्यता निर्धारित करने व मेयर व नगर काउंसिल के चेयरमैन का चुनाव सीधे मतदान से कराने की गुहार लगाई है। अपने पत्र में पार्षद शिवानी जसवाल ने कहा कि अगर सरकार से एक चपरासी की भी भर्ती करनी हो तो उसकी शिक्षा के बारे में तय किया हुआ है कि कम से कम उसकी शिक्षा क्या हो, लेकिन पार्षदों, पंच व सरपंचों के लिए ऐसा नहीं है। अनपढ़ों के पार्षद बनने के बाद सरकार की योजनाओं को जन जन तक पहुंचाने, विकास कार्यों पर होने वाले करोड़ों के खर्च व प्रोसीडिंग तक के बारे में कोई ज्ञान नहीं होता। शिक्षित न होने वाले पार्षदों को प्रदेश सरकार की पॉलिसियों व समय समय पर सरकार द्वारा जारी आदेशों को भी समझने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पत्र में शिवानी जसवाल ने लिखा की अकसर देखा गया है कि राजनेता पार्षद का चुनाव जीतने के बाद अपने चहेतों को मेयर या नगर काउंसिल के चेयरमैन बना देते हैं जो अपने पूरे कार्यकाल के दौरान उन राजनेताओं की कठपुतली बनकर ही काम करते हैं, इसलिए मांग है कि जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में सरपंच के सीधे चुनाव करवाए जाते हैं उसकी तरह कॉरपोरेशन के मेयर व नगर काउंसिलों के चेयरमैन का चुनाव सीधे मतदान करवाए जाएं, ताकि चेयरमैन व मेयर बनने के उपरांत अपना काम बिना किसी राजनीतिक दबाव से कर सकें। गौरतलब है कि शिवानी जसवाल अकसर बतौर पार्षद नंगल नगर काउंसिल में फैले कथित भ्रष्टाचार, पार्षदों व चेयरमैन को अपनी चल अचल संपत्ति को सार्वजनिक करने करने जैसे मुद्दों को मुखरता से उठाती आ रही हैं।