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पनबस पीआरटीसी यूनियन के साथ सरकार की बैठक रही बेनतीजा
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लुधियाना। पंजाब रोडवेज पनबस-पीआरटीसी कांट्रेक्ट यूनियन की बुधवार को चंडीगढ़ में सरकार के साथ बातचीत बेनतीजा रही है। इसके बाद यूनियन ने वीरवार को पंजाब के सभी बस स्टैंड को बंद करने का फैसला लिया है, वहीं शुक्रवार को सीएम का सिसवां फार्म हाउस का घेराव करने का एलान कर दिया है। यूनियन के लुधियाना डिपो प्रधान शमशेर सिंह ढिल्लो ने इस बात की पुष्टि की है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन भी उनकी हड़ताल में समर्थन में आ गई है। उनके यूनियन प्रदेश प्रधान इंदर सिंह बदाना खुद बुधवार को लुधियाना पहुंचे थे। उन्होंने साफ किया है कि वह पंजाब यूनियन के साथ बैठक कर फैसला लेने के लिए तैयार हैं। वहीं तीसरे दिन हड़ताल के दिन भी महज 200 बसें ही चल सकी। इससे सरकार को एक दिन में लगभग चार करोड़ रुपये घाटा पड़ रहा है। तीन दिन हड़ताल के चलते अभी तक 12 करोड़ रुपये की चपत लग चुकी है। बुधवार को यूनियन की तरफ से शहर में मोटरसाइकिल रैली का आयोजन किया गया। इसमें यूनियन नेताओं ने शहर में घूमकर पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
पंजाब रोडवेज पनबस-पीआरटीसी कांट्रेक्ट यूनियन अपनी मांगों को लेकर बीते दो दिन से हड़ताल पर चल रही है। बुधवार को यूनियन नेताओं को चंडीगढ़ में बैठक के लिए बुलाया गया था। यूनियन नेता शमशेर सिंह ने बताया कि इस बैठक में कोई नतीजा नहीं निकल सका है। इसलिए अब फैसला लिया गया है कि वीरवार को पंजाब के सभी बस स्टैंड को बंद रखा जाएगा। इस दिन किसी बस को अंदर आने और बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। वहीं शुक्रवार को यूनियन की तरफ से सीएम के सिसवां फार्म हाउस का घेराव किया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा, वह सरकार के खिलाफ इसी तरह अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
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यहां बता दे कि प्रदेश में लगभग 25 सौ सरकारी बसें है, कांट्रैक्ट यूनियन की हड़ताल के कारण बुधवार को महज दो सौ बसें ही चल पाई हैं। अगर लुधियाना डिपो की बात करें तो यहां पर 250 बसें हैं, इसमें भी महज तीस बसों को चलाया जा सका। सरकार के पास इतने मुलाजिम नहीं हैं कि वह सभी बसों को चला सकें।
पनबस और पीआरटीसी मुलाजिमों ने दी नेशनल हाइवे जाम करने की चेतावनी
पनबस कर्मचारियों की हड़ताल तीसरे दिन में प्रवेश
संवाद न्यूज एजेंसी
जालंधर/नंगल। अपनी मांगों को लेकर सोमवार से पूरे पंजाब में हड़ताल पर चल रहे पनबस व पीआरटीसी के कच्चे मुलाजिमों ने अब सरकार को नेशनल हाइवे जाम करने की चेतावनी दी है। पनबस कंट्रैक्ट वर्कर यूनियन के प्रधान गुरप्रीत सिंह ने कहा है कि यदि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उनकी फाइल पर हस्ताक्षर नहीं किए तो वे वीरवार से नेशनल हाइवे पर पक्का डेरा लगाकर बैठ जाएंगे। इस चेतावनी से पहले बुधवार को सभी वर्करों की तरफ से सड़क पर रोष मार्च निकाला गया। पंजाब में पनबस के 18 डिपो और पीआरटीसी के 9 डिपो के कच्चे मुलाजिम हड़ताल पर हैं।
नंगल में पनबस कर्मचारियों ने शहर में झंडा मार्च निकाल प्रदेश सरकार व परिवहन मंत्री पंजाब के खिलाफ जमकर नारेबजी की और इस बार अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आरपार की लड़ाई लड़ने की बात भी कही।
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उन्होंने कहा कि हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन भी उनकी हड़ताल में समर्थन में आ गई है। उनके यूनियन प्रदेश प्रधान इंदर सिंह बदाना खुद बुधवार को लुधियाना पहुंचे थे। उन्होंने साफ किया है कि वह पंजाब यूनियन के साथ बैठक कर फैसला लेने के लिए तैयार हैं। वहीं तीसरे दिन हड़ताल के दिन भी महज 200 बसें ही चल सकी। इससे सरकार को एक दिन में लगभग चार करोड़ रुपये घाटा पड़ रहा है। तीन दिन हड़ताल के चलते अभी तक 12 करोड़ रुपये की चपत लग चुकी है। बुधवार को यूनियन की तरफ से शहर में मोटरसाइकिल रैली का आयोजन किया गया। इसमें यूनियन नेताओं ने शहर में घूमकर पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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पंजाब रोडवेज पनबस-पीआरटीसी कांट्रेक्ट यूनियन अपनी मांगों को लेकर बीते दो दिन से हड़ताल पर चल रही है। बुधवार को यूनियन नेताओं को चंडीगढ़ में बैठक के लिए बुलाया गया था। यूनियन नेता शमशेर सिंह ने बताया कि इस बैठक में कोई नतीजा नहीं निकल सका है। इसलिए अब फैसला लिया गया है कि वीरवार को पंजाब के सभी बस स्टैंड को बंद रखा जाएगा। इस दिन किसी बस को अंदर आने और बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। वहीं शुक्रवार को यूनियन की तरफ से सीएम के सिसवां फार्म हाउस का घेराव किया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा, वह सरकार के खिलाफ इसी तरह अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
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यहां बता दे कि प्रदेश में लगभग 25 सौ सरकारी बसें है, कांट्रैक्ट यूनियन की हड़ताल के कारण बुधवार को महज दो सौ बसें ही चल पाई हैं। अगर लुधियाना डिपो की बात करें तो यहां पर 250 बसें हैं, इसमें भी महज तीस बसों को चलाया जा सका। सरकार के पास इतने मुलाजिम नहीं हैं कि वह सभी बसों को चला सकें।
पनबस और पीआरटीसी मुलाजिमों ने दी नेशनल हाइवे जाम करने की चेतावनी
पनबस कर्मचारियों की हड़ताल तीसरे दिन में प्रवेश
संवाद न्यूज एजेंसी
जालंधर/नंगल। अपनी मांगों को लेकर सोमवार से पूरे पंजाब में हड़ताल पर चल रहे पनबस व पीआरटीसी के कच्चे मुलाजिमों ने अब सरकार को नेशनल हाइवे जाम करने की चेतावनी दी है। पनबस कंट्रैक्ट वर्कर यूनियन के प्रधान गुरप्रीत सिंह ने कहा है कि यदि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उनकी फाइल पर हस्ताक्षर नहीं किए तो वे वीरवार से नेशनल हाइवे पर पक्का डेरा लगाकर बैठ जाएंगे। इस चेतावनी से पहले बुधवार को सभी वर्करों की तरफ से सड़क पर रोष मार्च निकाला गया। पंजाब में पनबस के 18 डिपो और पीआरटीसी के 9 डिपो के कच्चे मुलाजिम हड़ताल पर हैं।
नंगल में पनबस कर्मचारियों ने शहर में झंडा मार्च निकाल प्रदेश सरकार व परिवहन मंत्री पंजाब के खिलाफ जमकर नारेबजी की और इस बार अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आरपार की लड़ाई लड़ने की बात भी कही।