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Ludhiana: विजिलेंस के सामने पेश हुए कांग्रेस नेता कैप्टन संदीप संधू, स्ट्रीट लाइट घोटाले में हैं नामजद
Thu, 16 Feb 2023 03:52 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 16 Feb 2023 03:52 PM IST
सार
कैप्टन संदीप सिंह संधू स्ट्रीट लाइट टेंडर घोटाले में नामजद हैं और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत पर बाहर चल रहे हैं। नामजद होने के बाद से ही संदीप संधू लगातार फरार चल रहे थे। विजिलेंस की टीमों ने उनके कई ठिकानों पर छापामारी की, लेकिन किसी को उनका कुछ पता नहीं चल पाया।
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विजिलेंस के सामने पेश हुए कैप्टन संदीप संधू।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
स्ट्रीट लाइट टेंडर घोटाले में विजिलेंस द्वारा नामजद किए गए पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के सलाहकार और पंजाब कांग्रेस के महासचिव कैप्टन संदीप संधू गुरुवार को विजिलेंस दफ्तर में पेश हुए। कैप्टन संदीप संधू सुबह दस बजे विजिलेंस के दफ्तर पहुंचे। दो घंटे की लंबी पूछताछ के बाद विजिलेंस की टीम ने उन्हें बाहर भेजा और वह गाड़ी में बैठ कर वहां से रवाना हो गए।
कैप्टन संदीप सिंह संधू स्ट्रीट लाइट टेंडर घोटाले में नामजद हैं और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत पर बाहर चल रहे हैं। नामजद होने के बाद से ही संदीप संधू लगातार फरार चल रहे थे। विजिलेंस की टीमों ने उनके कई ठिकानों पर छापामारी की, लेकिन किसी को उनका कुछ पता नहीं चल पाया। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत पर मिलने के बाद वह गुरुवार को जांच में शामिल होने के लिए विजिलेंस दफ्तर पहुंचे थे।
इस दौरान उनसे कई तरह के सवाल पूछे गए। घोटाले के जो आरोप उन पर लगाए गए है उनके बारे में पूछताछ करने के साथ साथ इस मामले में अभी तक गिरफ्तार हुए आरोपियों से उनके संबंधों और अन्य कई सवाल पूछे गए। विजिलेंस की टीम ने संदीप संधू से रिकार्ड के बारे में भी जानकारी हासिल करने की कोशिश की, लेकिन वह सवालों के जवाब घुमा फिरा कर देते रहे। उनसे यह भी पूछा गया कि वह फरारी के समय कहां-कहां रुके और उन्होंने किस व्यक्ति के यहां शरण ली थी। हालांकि कैप्टन संदीप संधू ने इस बारे में कुछ नहीं बताया। सूत्रों के अनुसार, कई सवालों के जवाब तो उन्होंने तुरंत दे दिए, जबकि कई सवालों के जवाब में वह घुमा गए। विजिलेंस अधिकारियों ने उन्हें यह कह कर वापिस भेज दिया कि उन्हें जब बुलाया जाए तो वह जांच में शामिल हो। कैप्टन गसंधू ने विजिलेंस को आश्वासन दिया कि गजब भी उनकी जरूरत होगी तो वह जांच में शामिल होंगे। विजिलेंस की टीम यह भी जांच करने में जुटी है कि कैप्टन संदीप संधू की प्रापर्टी कहां कहां है और कहां कहां उन्होंने इन्वेस्ट किया है।
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क्या था मामला
स्ट्रीट लाइट टेंडर घोटाले में विजिलेंस की टीम ने बीडीपीओ सतविंदर सिंह कंग और ब्लाक समिति सिधवां बेट के चेयरमैन लखविंदर सिंह, वीडीओ तेजा सिंह को गिरफ्तार किया। जिसके बाद हरप्रीत का नाम सामने आया। हरप्रीत कैप्टन संदीप संधू के काफी नजदीकी साथियों में एक गिना जाता रहा है। उसी से हुई पूछताछ के बाद कैप्टन संदीप संधू को नामजद किया गया था। संधू पर आरोप हैं कि उन्होंने चैक पास करवाने का दबाव बनाया और पैसे लिए थे।
26 गांवों में स्ट्रीट लाइटें लगाई जानी थी। जिसके लिए बीडीपीओ ने अमर इलेक्ट्रिकल इंटरप्राइजेज के मालिक गौरव शर्मा के साथ मिलकर 3,325 रुपये के बजाय 7,288 रुपये प्रति लाइट की दर से लाइटें खरीदी। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने 65 लाख रुपये के सरकारी फंड का दुरुपयोग किया और राज्य के खजाने को वित्तीय नुकसान पहुंचाया।
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कैप्टन संदीप सिंह संधू स्ट्रीट लाइट टेंडर घोटाले में नामजद हैं और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत पर बाहर चल रहे हैं। नामजद होने के बाद से ही संदीप संधू लगातार फरार चल रहे थे। विजिलेंस की टीमों ने उनके कई ठिकानों पर छापामारी की, लेकिन किसी को उनका कुछ पता नहीं चल पाया। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत पर मिलने के बाद वह गुरुवार को जांच में शामिल होने के लिए विजिलेंस दफ्तर पहुंचे थे।
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इस दौरान उनसे कई तरह के सवाल पूछे गए। घोटाले के जो आरोप उन पर लगाए गए है उनके बारे में पूछताछ करने के साथ साथ इस मामले में अभी तक गिरफ्तार हुए आरोपियों से उनके संबंधों और अन्य कई सवाल पूछे गए। विजिलेंस की टीम ने संदीप संधू से रिकार्ड के बारे में भी जानकारी हासिल करने की कोशिश की, लेकिन वह सवालों के जवाब घुमा फिरा कर देते रहे। उनसे यह भी पूछा गया कि वह फरारी के समय कहां-कहां रुके और उन्होंने किस व्यक्ति के यहां शरण ली थी। हालांकि कैप्टन संदीप संधू ने इस बारे में कुछ नहीं बताया। सूत्रों के अनुसार, कई सवालों के जवाब तो उन्होंने तुरंत दे दिए, जबकि कई सवालों के जवाब में वह घुमा गए। विजिलेंस अधिकारियों ने उन्हें यह कह कर वापिस भेज दिया कि उन्हें जब बुलाया जाए तो वह जांच में शामिल हो। कैप्टन गसंधू ने विजिलेंस को आश्वासन दिया कि गजब भी उनकी जरूरत होगी तो वह जांच में शामिल होंगे। विजिलेंस की टीम यह भी जांच करने में जुटी है कि कैप्टन संदीप संधू की प्रापर्टी कहां कहां है और कहां कहां उन्होंने इन्वेस्ट किया है।
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क्या था मामला
स्ट्रीट लाइट टेंडर घोटाले में विजिलेंस की टीम ने बीडीपीओ सतविंदर सिंह कंग और ब्लाक समिति सिधवां बेट के चेयरमैन लखविंदर सिंह, वीडीओ तेजा सिंह को गिरफ्तार किया। जिसके बाद हरप्रीत का नाम सामने आया। हरप्रीत कैप्टन संदीप संधू के काफी नजदीकी साथियों में एक गिना जाता रहा है। उसी से हुई पूछताछ के बाद कैप्टन संदीप संधू को नामजद किया गया था। संधू पर आरोप हैं कि उन्होंने चैक पास करवाने का दबाव बनाया और पैसे लिए थे।
26 गांवों में स्ट्रीट लाइटें लगाई जानी थी। जिसके लिए बीडीपीओ ने अमर इलेक्ट्रिकल इंटरप्राइजेज के मालिक गौरव शर्मा के साथ मिलकर 3,325 रुपये के बजाय 7,288 रुपये प्रति लाइट की दर से लाइटें खरीदी। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने 65 लाख रुपये के सरकारी फंड का दुरुपयोग किया और राज्य के खजाने को वित्तीय नुकसान पहुंचाया।